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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 136814 (ALL)
GOVIND GUPTA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO AND 3 OTHERS
BAIL/3664/2025 · 2025-05-01
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 136814 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:24984 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3664 of 2025 Applicant :- Govind Gupta Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko And 3 Others Counsel for Applicant :- Manoj Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री मननोज कक मप्रार धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अशनोक शश्रीविप्रास्तवि कनो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 101 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 137(2), 64(2) ( )( ), 351(3) f m बश्री०एन०एस० वि धिप्रारप्रा 5( )/6 L ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससिंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा कनोतविप्रालश्री वभसिंगप्रा धजलप्रा शप्राविस्तश्री मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 07.03.2025 कनो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपनोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक वदनप्रासिंक 06/07.03.2025 कनो रप्रावत मम पप्रारर्थी जनो वक वशकप्रायतकतप्रार कप्रा ररश्तकेदप्रार हहै , वशकप्रायतकतप्रार ककी नप्राबप्राधलक बहन कनो बहलप्रा-फक सलप्राकर कहहीं भगप्रा लके गयप्रा।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतगरत असिंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक उसककी आयक सप्राढके 14 विरर हहै, पप्रारर्थी उसककी चचकेरश्री भप्राभश्री कप्रा भप्राई हहै धजससके विह 2 महश्रीनके सके फनोन पर बप्रात करतश्री रश्री। मनोबप्राइल फनोन उसके पप्रारर्थी नके हश्री वदयप्रा रप्रा। पप्रारर्थी उसके वदलश्री लके गयप्रा जहप्राहाँ विह एक रप्रात रुककी तरप्रा पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार जबरदस्तश्री गलत ससिंबसिंधि बनप्रायके एविसिं इसकके बप्राद उसकनो विप्रापस छनोड़िकर चलप्रा गयप्रा।
5. शहैवकक पमप्राण-पत कके अनकसप्रार पश्रीवड़ितप्रा ककी जन्मवतधर 01.01.2013 हहै।
6. वचकत्सककीय परश्रीकण ररपनोरर मम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर कनोई चनोर अरविप्रा बल पयनोग कप्रा कनोई वचह्न नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा तरप्रा पहैरप्राललॉधजकल जप्रासिंच मम भश्री शककप्राणक ककी उपसस्रवत नहहीं पप्रायश्री गयश्री।
7. रकेवडियनोललॉधजकल परश्रीकण मम पश्रीवड़ितप्रा ककी कनोहनश्री ककी हडश्री जकड़िश्री हहई , घकरनके ककी हडश्री लगभग जकड़िश्री हहई, कसिं धिके ककी हडश्री आसिंवशक रूप सके जकड़िश्री हहई तरप्रा कलप्राई ककी हडश्री न जकड़िश्री हहई पप्रायश्री गयश्री एविसिं वचवकत्सक नके पश्रीवड़ितप्रा ककी आयक 14 विरर आसिंककी।
8.
धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतगरत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके यह कहप्रा वक जब घरनप्रा ककी रप्रात कनो विह अपनश्री चप्राचश्री ककी लड़िककी वि बड़िश्री मप्राम्मश्री ककी लड़िककी कके सप्रार घर कके बप्राहर सनो रहश्री रश्री , पप्रारर्थी उसकनो जगप्राकर घकमप्रानके रहलप्रानके कके बहप्रानके अपनके सप्रार
वदलश्री लके गयप्रा जहप्राहाँ पप्रारर्थी नके उसके अपनके मप्रामप्रा कके घर रखप्रा एविसिं उसकके सप्रार शप्रारश्रीररक ससिंबसिंधि बनप्रायप्रा। इसकके लगभग 2 महश्रीनके पहलके भश्री पप्रारर्थी नके पश्रीवड़ितप्रा कके घर पर उसकके सप्रार ससिंबसिंधि बनप्रायप्रा रप्रा।
9. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 22 विरर्थीय वनदर्दोर नवियकविक हहै और उसकप्रा कनोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
10. पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरनोधि करतके हहए वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक पश्रीवड़ितप्रा अवियस्क हहै, वविविकेचनप्रा मम आरनोपधों ककी पकवष्टि हहई तरप्रा आरनोप -पत वदनप्रासिंक 24.03.2025 कनो पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हहै।
11. उपरनोक तथ्यधों कनो दृवष्टिगत रखतके हहए , जबवक पप्रारर्थी पश्रीवड़ितप्रा कप्रा ररश्तकेदप्रार हहै और उसकके वदयके हहए मनोबप्राइल फनोन सके पश्रीवड़ितप्रा उससके दनो महश्रीनके पसूविर सके बप्रात वकयप्रा करतश्री रश्री एविसिं उसकके बल पयनोग कके वबनप्रा पश्रीवड़ितप्रा उसकके सप्रार गयश्री तरप्रा एक ररश्तकेदप्रार कके घर रहश्री ; यद्यवप पश्रीवड़ितप्रा नके बलपसूविरक शप्रारश्रीररक ससिंबसिंधि बनप्रानके कप्रा करन वकयप्रा हहै वकन्तक वचवकत्सककीय परश्रीकण ररपनोरर मम बल पयनोग कप्रा कनोई वचह्न सप्रामनके नहहीं आयप्रा हहै और पश्रीवड़ितप्रा नके यह भश्री कहप्रा हहै वक पप्रारर्थी नके दनो मप्राह पसूविर भश्री उसकके सप्रार शप्रारश्रीररक ससिंबसिंधि बनप्रायके रके धजसककी कनोई वशकप्रायत उसनके नहहीं ककी ; पप्रारर्थी एक 22 विरर्थीय नवियकविक हहै; पप्रारर्थी कप्रा कनोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै विह वदनप्रासिंक 18.03.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हहै; वविविकेचनप्रा पसूणर हनो चकककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
12. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
13.
आविकेदक गनोवविन्द गकपप्रा कनो वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दनो जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरनोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयनोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयनोजन पक कके गविप्राहधों पर दबप्रावि नहहीं डिप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कनोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हनोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 1.5.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench