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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 136766 (ALL)

PREM SHANKAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME U.P. LKO.

BAIL/3515/2025 · 2025-04-30

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:24638 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3515 of 2025 Applicant :- Prem Shankar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home U.P. Lko. Counsel for Applicant :- Ankit Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके अधधिवकप्रा नके पपूरक शपर पत्र पस्ततुत ककयप्रा, धजिसके अकभिलकेख पर धलयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 2. पप्रारर्थी कके कवदप्रान अधधिवकप्रा शश्री अंककत पप्राअंडकेय तरप्रा कवदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिवकप्रा परम शश्री रप्राजिश्रीव कमप्रार वमप्रार्मा कको सतुनप्रा तरप्रा पत्रप्रावलश्री कप्रा अवलकोकन ककयप्रा। 3. धिप्रारप्रा 483 भिप्रारतश्रीय नप्रागररक सतुरकप्रा सअंकहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्ततुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत्र दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मतुकदमप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा 598 सन 2024, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 333, 64(1), 351(2), 352 बश्री०एन०एस, रप्रानप्रा-गतुरुबक्स गअंजि, धजिलप्रा-रप्रायबरकेलश्री मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै। 4. कदनप्राअंक 10.12.2024 कको धलखप्राई गई परम सपूचनप्रा ररपकोरर्मा मम कशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा कक कदनप्राअंक 09.11.2024 ककी रप्रात 10 बजिके पप्रारर्थी नके जिबरदस्तश्री उसकके घर मम घतुस कर बतुरश्री कनयत सके पकड़ कर जिकोर -जिबरदस्तश्री ककी। जिब कशकप्रायतकतर्थी नके शकोर मचप्रायप्रा तको उसकप्रा जिकेठ ममौकके पर आ गयप्रा तरप्रा पप्रारर्थी वहप्राहाँ सके गप्राधलयप्राअं और धिमककी दकेतके हहए भिप्राग गयप्रा। 5. पप्रारर्मानप्रा पत्र कके सप्रार पस्ततुत शपर पत्र मम कहप्रा गयप्रा हहै कक पप्रारर्थी एक 25 वरर्थीय कनदर्दोर नव-यतुवक हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पपूवर्मा आपरप्राधधिक इकतहप्रास नहह हहै। 6. एक पपूरक शपर पत्र कके मप्राध्यम सके कशकप्रायतकतर्थी दप्रारप्रा कदए गए बयप्रानन तरप्रा कके स डप्रायरश्री कके सअंगत अंशन ककी पकतयप्राअं न्यप्रायप्रालय कके समक पस्ततुत ककी। 7. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगर्मात अंककत अपनके बयप्रान मम कशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा कक उसकप्रा कववप्राह 9 वरर्मा पहलके हहआ हहै तरप्रा उसकके दको बच्चके भिश्री हह। 8. कदनप्राअंक 01.11.2024 ककी रप्रात लगभिग 8 बजिके जिब उसकके सप्रास ससतुर घर पर नहह रके, तब पप्रारर्थी नके उसकके घर आकर जिबरन शप्रारश्रीररक सअंबअंधि बनप्राए। उसकके कचलप्रानके पर उसकके जिकेठ -जिकेठप्रानश्री आ गए एवअं पप्रारर्थी भिप्राग गयप्रा। कशकप्रायतकतर्थी नके कववकेचक कके पश्नन कके उत्तर मम कहप्रा कक पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार ककोई मप्रारपश्रीर नहह ककी तरप्रा पप्रारर्थी नके पहलके भिश्री उसकके सप्रार शप्रारश्रीररक सअंबअंधि बनप्राए रके। 9. कचककत्सककीय परश्रीकण मम कशकप्रायतकतर्थी कके शरश्रीर पर चकोर अरवप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई कचन्ह नहह पप्रायप्रा गयप्रा हहै। 10. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगर्मात अंककत अपनके बयप्रान मम भिश्री कशकप्रायतकतर्थी नके पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसकके घर मम घतुसकर बलपपूवर्माक शप्रारश्रीररक सअंबअंधि बनप्रानके कप्रा करन ककयप्रा हहै तरप्रा उसकके दप्रारप्रा शकोर ककए जिप्रानके पर घर कके सप्रामनके रहनके वप्रालके जिकेठ -जिकेठप्रानश्री दप्रारप्रा उसककी सप्रास कको बतुलप्रा कर लप्रानके कप्रा करन ककयप्रा हहै। 11. कवदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिवकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा पत्र कप्रा कवरकोधि करतके हहए कहप्रा कक कववकेचनप्रा मम पप्रारर्थी कके कवरुद्ध आरकोपन ककी पतुकष्टि हहई हहै और कदनप्राअंक 29.01.2025 कको आरकोप पत्र पस्ततुत ककयप्रा जिप्रा चतुकप्रा हहै। 12. उपरकोक तथ्यन कके दृकष्टिगत , जिबकक परम सपूचनप्रा ररपकोरर्मा मम घरनप्रा कप्रा कदनप्राअंक 09.11.2024 बतप्रायप्रा गयप्रा हहै तरप्रा परम सपूचनप्रा ररपकोरर्मा एक मप्राह सके अधधिक अवधधि बश्रीतनके कके पश्चप्रात धलखप्राई गई हहै; धिप्रारप्रा 180 कके अंतगर्मात कदए गए बयप्रान मम घरनप्रा ककी कतधर 01.11.2024 बतप्राई गई हहै; कशकप्रायतकतर्थी एक 28 वरर्थीय मकहलप्रा हहै, धजिसकप्रा कववप्राह 9 वरर्मा पहलके हको चतुकप्रा हहै तरप्रा उसकके दको बच्चके भिश्री हह एवअं उसनके पप्रारर्थी दप्रारप्रा मप्रारनके-पश्रीरनके सके इअंकप्रार ककयप्रा हहै; लगप्राए गए आरकोपन ककी पतुकष्टि कचककत्सककीय परश्रीकण आख्यप्रा सके नहह हहई हहै तरप्रा पप्रारर्थी एक नव-यतुवक हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इकतहप्रास नहह हहै और वह कदनप्राअंक 28.01.2025 सके जिकेल मम कनरुद्ध हहै तरप्रा कववकेचनप्रा पपूणर्मा हको चतुककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै कक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा ककए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 13. तदनतुसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत्र स्वश्रीकप्रार ककयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 14. आवकेदक पकेम शअंकर कको कनम्नधलधखत शतर्दोअं कके अधिश्रीन सअंबअंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी सअंततुकष्टि कके अनतुसप्रार एक व्यककगत बअंधिपत्र और समप्रान रप्राकश ककी दको जिमप्रानतम पस्ततुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा ककयप्रा जिप्राए: - (i) आवकेदक अकभियकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहह करकेगप्रा; (ii) आवकेदक अकभियकोजिन पक कके सप्राककयन पर दबप्राव नहह डप्रालकेगप्रा; (iii) आवकेदक कवचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा कनयत ककी गई पत्यकेक कतधर पर उपसस्रत हकोगप्रा। Order Date :- 30.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench