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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 136751 (ALL)
RAJENDRA @ GYANI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
BAIL/3526/2025 · 2025-04-28
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 136751 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:23985 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3526 of 2025 Applicant :- Rajendra @ Gyani Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Dhananjai Kumar Tripathi,Devendra Verma,Vivek Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री धिननंजय कक मप्रार वत्रिपप्राठश्री तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अशशोक शश्रीविप्रास्तवि कशो सकनप्रा तरप्रा पत्रिप्राविलश्री कप्रा अविलशोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा सनंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत्रि दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सनंख्यप्रा 22 सन 2025, अन्तगरत धिप्रारप्रा 103(1), 3(5) बश्री०एन०एस एविनं 4/25 आयकधि अधधिवनयम, रप्रानप्रा- रूपईडश्रीहिप्रा, धजलप्रा-बहिरप्राइच मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रानंक 26.01.2025 कशो पप्रारर्थी तरप्रा एक अन्य व्यवक वनरनंजन कके वविरुद धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम वशकप्रायतकतप्रार नके कहिप्रा वक उसकप्रा 42 विरर्थीय पकत्रि मशोहिम्मद अमश्रीन वदनप्रानंक 25.01.2025 ककी शप्राम कशो अपनश्री मज़दसूरश्री कके धसलधसलके मम ईनंर भटके पर गयप्रा रप्रा और वदनप्रानंक 26.01.2025 कशो समय लगभग 12:30 बजके उसकप्रा शवि गप्राम कके विलपकर मम वभखसूरप्राम सशोनकर कके खकेत वमलप्रा। उसकशो वकसश्री धिप्रारदप्रार हिधरयप्रार सके गशोद कर मप्रारप्रा गयप्रा। वशकप्रायतकतप्रार नके कहिप्रा वक उसकके पकत्रि ककी हित्यप्रा पकरप्रानश्री रनंधजश कके कप्रारण गप्रागाँवि कके हिश्री वनरनंजन तरप्रा रप्राजमद्र (पप्रारर्थी) कके दप्रारप्रा ककी गई।
4. पनंचप्रायतनप्रामप्रा मम शवि पर पकेर वि सश्रीनके पर कक ल 16 जगहि पर नकककीलके धिप्रारदप्रार हिधरयप्रार सके तरप्रा पश्रीठ पर एक जगहि घप्रावि हिशोनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा हिहै।
5. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम बतप्रायप्रा गयप्रा हिहै वक धसर ककी दप्रावहिनश्री तरफ सप्रामनके ककी ओर एक 18 X 5 सके.मश्री.
ककी ससूजन पप्राई गई तरप्रा धसर ककी हिडश्री रसूरश्री हिहई रश्री एविनं मसस्तष्क बप्राहिर आ गयप्रा रप्रा। दप्रावहिनश्री भभौंहि कके ऊपर फरप्रा हिहआ घप्रावि
धजससके मसस्तष्क बप्राहिर आ रहिप्रा रप्रा। दप्रावहिनश्री हिहोंठ कके ऊपर फरप्रा हिहआ घप्रावि, सश्रीनके कके मध्य मम 9 भहोंकके हिहए घप्रावि, पकेर कके वनचलके भप्राग कके वविवभन्न स्रप्रानहों पर 9 भहोंकके हिहए घप्रावि तरप्रा दप्रावहिनश्री जप्रागाँघ पर एक भहोंकप्रा हिहआ घप्रावि पप्रायप्रा गयप्रा। ममृत्यक कप्रा कप्रारण ममृत्यक पसूविर आई चशोरहों कके कप्रारण अपघप्रात एविनं रकसप्रावि बतप्रायप्रा गयप्रा। वशकप्रायतकतप्रार नके अपनके बयप्रान मम कहिप्रा वक उसकप्रा पकत्रि वदनप्रानंक 25.01.2025 ककी शप्राम कशो मकेहिनत मजदसूरश्री करनके हिकेतक घर सके बतप्रा कर गयप्रा रप्रा, धजसके गप्रागाँवि सके बप्राहिर वशकप्रायतकतप्रार नके अवभयककगण कके सप्रार दकेखप्रा रप्रा , वकन्तक विहि जप्रान नहिहीं पप्राए वक अवभयककगण उसकके पकत्रि ककी हित्यप्रा कर दमगके। पकत्रि कप्रा शवि वमलनके पर उसके वविश्विप्रास हिशो गयप्रा वक अवभयककगण नके उसककी हित्यप्रा ककी हिहै। अपनके अवतररक बयप्रान मम वशकप्रायतकतप्रार नके कहिप्रा वक उसकके सप्रार-सप्रार गप्रागाँवि कके लच्छश्रीरप्राम तरप्रा उसकके पकत्रि रप्राजसू उफर असगर अलश्री नके भश्री उसकके पकत्रि कशो अवभयककगण कके सप्रार जप्रातके हिहए दकेखप्रा रप्रा तरप्रा उसके जप्रातके दकेखकर वशकप्रायतकतप्रार नके लच्छश्रीरप्राम वि अपनके पकत्रि रप्राजसू उफर असगर अलश्री सके चचप्रार भश्री वकयप्रा रप्रा वक "बबलसू कशो मनप्रा वकयप्रा जप्रा जप्रातप्रा हिहै , परन्तक विहि उन्हिहीं लशोगहों कके सप्रार पकरप्रानश्री दकश्मनश्री ककी परविप्राहि वकए वबनप्रा आतप्रा -जप्रातप्रा रहितप्रा हिहै, वकसश्री वदन उसकके सप्रार कक छ गड़बड़ न हिशो जप्राए"। ऐसप्रा हिश्री बयप्रान लच्छश्रीरप्राम तरप्रा रप्राजसू उफर असगर अलश्री नके वदयप्रा।
6. पप्राररनप्रा पत्रि कके सप्रार पस्तकत शपर पत्रि मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 22 विरर्थीय वनदर्दोर नवि-यकविक हिहै तरप्रा उसकप्रा कशोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत्रि कप्रा वविरशोधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा मम दशोनहों अवभयकक कके वविरुद आरशोपहों ककी पकवष्टि हिहई हिहै और वदनप्रानंक 31.10.2022 कशो आरशोप पत्रि पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हिहै तरप्रा वदनप्रानंक 26.11.2022 कशो वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके अपरप्राधि कप्रा पसनंजप्रान लके धलयप्रा हिहै।
8.
उपरशोक तथ्यहों कके दृवष्टिगत , जबवक वशकप्रायतकतप्रार कप्रा पकत्रि वदनप्रानंक 25.01.2025 ककी शप्राम कशो अपनके कप्राम सके गप्राम पचपकरश्री सस्रवत भटके ककी ओर चलप्रा गयप्रा; वदनप्रानंक 26.01.2025 कशो शवि वमलनके कके बप्राद धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम वशकप्रायतकतप्रार नके मप्रात्रि यहि कहिप्रा वक उसकके पकत्रि ककी हित्यप्रा पकरप्रानश्री रनंधजश कके कप्रारण अवभयककगण नके ककी हिहै , वकन्तक गप्रागाँवि कके बप्राहिर अपनके पकत्रि कशो अवभयककगण कके सप्रार दकेखके जप्रानके कप्रा करन नहिहीं वकयप्रा हिहै ;
यद्यवप वशकप्रायतकतप्रार नके अपनके बयप्रान मम अपनके पकत्रि कशो गप्रागाँवि कके बप्राहिर अवभयककगण कके सप्रार दकेखनके कप्रा करन वकयप्रा हिहै , उसनके न तशो अवभयककगण कके सप्रार अपनके पकत्रि कशो दकेखनके कप्रा समय बतप्रायप्रा और न हिश्री उस समय वकसश्री अन्य व्यवक ककी उपसस्रवत कहिश्री; अपनके अवतररक करन मम वशकप्रायतकतप्रार नके अवभयककगण कके सप्रार अपनके पकत्रि कशो दकेखनके कके समय अपनके दसूसरके पकत्रि रप्राजसू उफर असगर अलश्री तरप्रा एक अन्य व्यवक लच्छश्रीरप्राम ककी उपसस्रवत भश्री जशोड़श्री दश्री; धजससके यहि पतश्रीत हिशो रहिप्रा हिहै वक वशकप्रायतकतप्रार नके अवभयककगण ककी सनंधलप्ततप्रा कके सनंबनंधि मम हिर स्तर पर अपनप्रा बयप्रान बदलप्रा हिहै; पप्रारर्थी एक 22 विरर्थीय यकविक हिहै, धजसकप्रा कशोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। विहि वदनप्रानंक 27.01.2025 सके जकेल मम वनरुद हिहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर हिशो चकककी हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
9. तदनकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत्रि स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै।
10. आविकेदक रप्राजमद्र @ जप्रानश्री कशो वनम्नधलधखत शतर्दोनं कके अधिश्रीन सनंबनंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी सनंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बनंधिपत्रि और समप्रान रप्रावश ककी दशो जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरशोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयशोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयशोजन पक कके सप्रावकयहों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हिशोगप्रा। Order Date :- 28.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench