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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 136709 (ALL)
VIDYA PRAKASH @ WAKEEL v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
BAIL/3568/2025 · 2025-04-29
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 136709 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:24400 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3568 of 2025 Applicant :- Vidya Prakash @ Wakeel Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Shailendra Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री शशैलकेन्द्र कक मप्रार शकक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कक मप्रार वतविप्रारश्री कलो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 21 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 328, 342, 376-D भप्रा०दसं०ससं० रप्रानप्रा खशैरश्रीघप्राट धजिलप्रा बहिरप्राइच मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिशै।
3. वदनप्रासंक 17.01.2025 पप्रारर्थी तरप्रा उसकके भप्राई कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 156(3) दसं०प०ससं० कके असंतगरत पस्तकत पप्राररनप्रा-पत वदनप्रासंक 11.06.2024 कके आधिप्रार पर धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपलोटर मम कहिप्रा गयप्रा हिशै वक वशकप्रायतकतर्थी 29 विरर्थीयप्रा वविविप्रावहित मवहिलप्रा हिशै। वशकप्रायतकतर्थी कप्रा पवत चकेन्नई मम कप्राम करतप्रा हिशै तरप्रा विहि अपनके बच्चचों कके सप्रार अकके लश्री घर मम रहितश्री हिशै। अवभयककगण वशकप्रायतकतर्थी कके पडलोसश्री हिह। जिब वदनप्रासंक 01.06.2024 कलो रप्रावत 8 बजिके वशकप्रायतकतर्थी शशौच कके धलए खकेत गयश्री रश्री तब अवभयककगण नके कलोई नशश्रीलप्रा पदप्रारर मकसंहि पर लगप्राकर उसके बकेहिलोश कर एक कमरके मम बसंद कर वदयप्रा तरप्रा दलो वदन तक बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। मशौकप्रा पप्रानके पर बकेगमपकर सके सविप्रारश्री गप्राडश्री करकके अपनके घर आयश्री और अपनके पररविप्रारविप्रालचों वि पवत कलो घटनप्रा कके बप्रारके मम बतप्रायप्रा।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत असंवकत अपनके बयप्रान मके वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक विहि अपनश्री बडश्री बहिन कके घर जिप्रानके कके धलए वनकलश्री रश्री वक तभश्री रप्रास्तके मम सहि - अवभयकक - चन्दन गशौतम नके उसकलो दश्रीदश्री कके घर छलोडनके कके बहिप्रानके सके मलोटर सप्राइवकल पर बशैठप्रा धलयप्रा वकन्तक विहि उसके अपनश्री ररश्तकेदप्रारश्री दशौलतपकर लके गयप्रा जिहिप्राहाँ पप्रारर्थी भश्री मशौजिसूद रप्रा। विहिप्राहाँ दलोनचों भप्राइयचों नके उसके तश्रीन वदन रखप्रा और बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। जिब वशकप्रायतकतर्थी नके फलोन सके घरविप्रालचों कलो ससूचनप्रा दश्री तलो घरविप्रालके उसके जिप्राकर विहिप्रासं सके लके आयके। वशकप्रायतकतर्थी नके अवभयककगण दप्रारप्रा उसकके गहिनके लकेनके कप्रा भश्री आरलोप लगप्रायप्रा।
5. पश्रीवडतप्रा नके अपनप्रा आसंतररक एविसं बप्राह्य वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसंकप्रार कर
वदयप्रा।
6. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवडतप्रा नके सहि- अवभयकक चन्दन दप्रारप्रा उसके मलोटर सप्राइवकल पर बशैठप्राकर लके जिप्रानप्रा तरप्रा रप्रास्तके मम अपनके भतश्रीजिके अवमत कलो भश्री मलोटर सप्राइवकल पर बशैठप्रानके कप्रा करन वकयप्रा।
7.
पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहिप्रा गयप्रा हिशै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हिशै और उसकप्रा कलोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिशै।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरलोधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा कके दशौरप्रान आरलोपचों ककी पकवष्टि हिहई हिशै , आरलोप-पत वदनप्रासंक 26.03.2025 कलो पस्तकत वकयप्रा जिप्रा चककप्रा हिशै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कके स डप्रायरश्री कके ससंगत असंश न्यप्रायप्रालय कके समक पस्तकत वकयके धजिसमम वशकप्रायतकतर्थी कके पवत कप्रा बयप्रान समममधलत हिशै धजिसमम उसनके पकचों कके मध्य पसूविर सके दलो मककदमके चलनके कप्रा करन वकयप्रा। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहिप्रा वक पप्रारर्थी एक अन्य आपरप्राधधिक मककदमम मम भश्री आरलोपश्री हिशै वकन्तक उसमम लगप्रायश्री गयश्री धिप्रारप्रा 7 सप्राल सके कम कके कप्रारप्राविप्रास सके दण्डनश्रीय हिशै।
9. उपरलोक तथ्यचों कलो दृवष्टिगत रखतके हिहए, जिबवक पश्रीवडतप्रा स्वियसं हिश्री वशकप्रायतकतर्थी हिशै वकन्तक धिप्रारप्रा 156(3) दसं०प०ससं० मम वदयके गयके पप्राररनप्रा -पत, धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान एविसं धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत वदयके गयके बयप्रानचों मम कप्राफकी वविरलोधिप्राभप्रार हिशै , जिशैसप्रा वक उपर कहिप्रा जिप्रा चककप्रा हिशै ; पश्रीवडतप्रा नके पकचों कके मध्य पहिलके सके मककदमकेबप्राजिश्री हिलोनके कप्रा तथ्य नहिहीं कहिप्रा हिशै जिलो तथ्य उसकके पवत कके बयप्रान मम सप्रामनके आयप्रा हिशै ; पश्रीवडतप्रा नके वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसंकप्रार वकयप्रा हिशै ; पप्रारर्थी वदनप्रासंक 25.03.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हिशै; वविविकेचनप्रा पसूणर हिलो चकककी हिशै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिशै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिशै।
10. तद्नकसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिशै।
11. आविकेदक वविदप्रा पकप्राश उफर विककील कलो वनमनधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दलो जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरलोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयलोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयलोजिन पक कके गविप्राहिचों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा;
(iii) आविकेदक टटप्रायल कलोटर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपमस्रत हिलोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 29.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench