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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 136230 (ALL)
SUDAMA SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME U.P. LKO.
BAIL/3482/2025 · 2025-04-25
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 136230 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:23935 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3482 of 2025 Applicant :- Sudama Singh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home U.P. Lko. Counsel for Applicant :- Pradeep Kumar Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पदश्रीप कक मप्रार शकक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अंशकमप्रान विमप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा सअंवहितप्रा कके अंतगर्मात पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा 312 सन 2024 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 80, 85 बश्री०एन०एस० वि धिप्रारप्रा 3/4 दहिकेज पवतषकेधि अधधिवनयम रप्रानप्रा ककोतविप्रालश्री दकेहिप्रात धजलप्रा पतप्रापगढ़ मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्राअंक 19.09.2024 कको पप्रारर्थी, उसकके मप्रातप्रा-वपतप्रा तरप्रा छकोटके भप्राई कके वविरुद धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वशकप्रायतकतप्रार्मा नके अपनश्री बहिन कप्रा वविविप्राहि पप्रारर्थी कके सप्रार वदनप्राअंक 22.04.2024 कको वकयप्रा रप्रा। सभश्री अवभयककगण उसके दहिकेज कके धलए पतप्रावड़ित करतके रके तरप्रा पप्रारर्थी नके वदनप्राअंक 09.09.2024 कको समय 4:36 बजके वशकप्रायतकतप्रार्मा कको फकोन दप्रारप्रा उसककी बहिन ककी ममृत्यक ककी ससूचनप्रा दश्री।
4. घटनप्रा ककी वदनप्राअंक 09.09.2024 कको हिश्री समय 17 बजके पर वशकप्रायतकतप्रार्मा नके स्वियअं अपनश्री बहिन कके दप्रारप्रा आत्महित्यप्रा कर लकेनके कके सअंबअंधि मम ससूचनप्रा पकधलस कको दश्री रश्री एविअं इस ससूचनप्रा मम दहिकेज मप्राअंगनके एविअं पतप्रावड़ित करनके कप्रा ककोई धजक्र नहिहीं रप्रा।
5. पअंचप्रायतनप्रामके ककी कप्रायर्माविप्राहिश्री वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी उपसस्रवत मम हिहई रश्री तरप्रा पअंचचों ककी रप्राय मम ममृतकप्रा नके गलके मम फप्राअंसश्री लगप्राकर आत्महित्यप्रा कर लश्री।
6. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम भश्री गलके कके चप्रारचों ओर लटकनके कके वचह्न पप्रायप्रा गयप्रा एविअं ककोई अन्य चकोट नहिहीं पप्रायश्री गयश्री। ममृत्यक कप्रा कप्रारण लटकनके कके कप्रारण दम घकटनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा।
7. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हिहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
8. शप्रादश्री तय करप्रानके विप्रालके व्यवक बड़िके लप्राल धसअंहि नके वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान यहि कहिप्रा वक शप्रादश्री कके बप्राद पप्रारर्थी कमप्रानके कके धलए परदकेश चलप्रा गयप्रा रप्रा तरप्रा ममृतकप्रा उसकके सप्रार जप्रानके ककी
धजद करतश्री रश्री बस इसश्री कप्रारण दकोनचों मम वविविप्राद हिको जप्रातप्रा रप्रा। ममृत्यक कके बप्राद ममृतकप्रा कके मप्रायकके पक कके लकोग पप्रारर्थी कके वपतप्रा सके समझदौतके कके नप्राम पर रुपयके ककी मप्राअंग कर रहिके रके तरप्रा उनकके सप्रार विककील भश्री रके एविअं पहैसप्रा न दकेनके कके कप्रारण मप्रायकके पक कके लकोगचों नके दहिकेज हित्यप्रा कप्रा मककदमप्रा धलखप्रा वदयप्रा।
9.
स्वितअंत सप्रावकयचों नके भश्री ऐसप्रा हिश्री करन वकयप्रा हिहै।
10. उपरकोक तथ्यचों कको दृवष्टिगत रखतके हिहए , जबवक शप्रादश्री तय करविप्रानके विप्रालके व्यवक एविअं स्वितअंत गविप्राहिचों नके अवभयकोजन करप्रानक कप्रा समरर्मान नहिहीं वकयप्रा हिहै; वशकप्रायतकतप्रार्मा नके स्वियअं हिश्री घटनप्रा ककी ससूचनप्रा वदनप्राअंक 09.09.2024 कको पकधलस कको दश्री रश्री एविअं परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा वदनप्राअंक 19.09.2024 कको धलखप्राई गई; वविविकेचनप्रा मम अन्य अवभयककगण कके वविरुद आरकोपचों ककी पकवष्टि नहिहीं हिहई हिहै, जबवक सभश्री कके वविरुद एक समप्रान पकमृ वत कके आरकोप लगप्रायके गयके हिह तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हिकोकर मप्रात पप्रारर्थी कके वविरुद आरकोप-पत पस्तकत हिको चककप्रा हिहै; पप्रारर्थी एक 19 विषर्थीय नवियकविक हिहै धजसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै ; पप्रारर्थी वदनप्राअंक 26.09.2024 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम वनरुद हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
11. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै।
12. आविकेदक सकदप्रामप्रा धसअंहि कको वनम्नधलधखत शतर्दोअं कके अधिश्रीन सअंबअंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सअंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बअंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहिचों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक टटप्रायल ककोटर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 25.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench