Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 135625 (ALL)
JOGINDER @ YOGENDRA KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/3729/2025 · 2025-05-02
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 135625 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 135625 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:25623 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3729 of 2025 Applicant :- Joginder @ Yogendra Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- R.B.S. Rathaur,Akhil Pratap Singh,Sachin Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रप्राजकेश बहप्राददर धससिंह रप्राठठौर तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री ममोहम्मद आवशफ खप्रान कमो सदनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलमोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 दसिं०प०ससिं० मम पस्तदत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके पररविप्राद ससिंख्यप्रा 65 सनन् 2024, अन्तररत धिप्रारप्रा 376, 506 भप्रा०द०ववि० एविसिं 3/4 पपॉक्समो एक्ट, रप्रानप्रा-हररयप्रासिंविप्रा, धजलप्रा-हरदमोई मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रानाँक 15.02.2024 कमो वविपकश्री ससिंख्यप्रा दमो नके पप्रारर्थी तरप्रा उसकके दमो भप्राइययों कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 156(3) दसिं०प०ससिं० कके अन्तररत एक पप्राररनप्रा पत दकेकर कहप्रा वक वदनप्रासिंक 22.01.2024 कमो शप्राम 7 बजके जब उसककी 14 विरर्थीय पदतश्री रप्रानाँवि ककी ददकप्रान मम घर कप्रा सप्रामप्रान लकेनके रई रश्री, वविपकश्रीरण नके उसके रप्रास्तके मम पश्रीछके सके पकड़ धलयप्रा एविसिं अपनके रनके कके खकेत मम लकेजप्राकर तश्रीनयों नके उसकके सप्रार बलप्रात्कप्रार वकयप्रा एविसिं जप्रावत ससूचक रप्राधलयप्रासिं दश्री। पररविप्रावदनश्री नके कहप्रा वक रप्रानके पर कमोई कप्रायरविप्राहश्री नहहीं हहई तरप्रा पदधलस अधिश्रीकक कमो वशकप्रायतश्री पत वदयप्रा, वकन्तद उस पर भश्री कमोई कप्रायरविप्राहश्री नहहीं हहई।
4. धिप्रारप्रा 200 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत असिंवकत अपनके बयप्रान मम पररविप्रावदनश्री नके अपनके पसूविर करन कमो दमोहरप्रायप्रा हहै।
5. धिप्रारप्रा 202 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत असिंवकत बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके कहप्रा वक जब विह ददकप्रान सके सप्रामप्रान लकेकर आ रहश्री रश्री तमो पश्रीछके सके पप्रारर्थी नके उसके पकड़ धलयप्रा, लरभर पप्रानाँच वमनट बप्राद दमोनमो सह-अवभयदक आए और उन्हयोंनके पप्रारर्थी
कके पहैर एविसिं कमर पकड़ लश्री। घर सके ददकप्रान तक दमोनमो तरफ मकप्रान बनके हहए हह, वकन्तद विहप्रासिं जनतप्रा कप्रा कमोई व्यवक यप्रा ममोहलके पड़मोस कप्रा कमोई व्यवक उपसस्रत नहहीं रप्रा। तश्रीनयों अवभयदक उसके अपनके रनके कके खकेत मम लके रए जमो पकड़नके विप्रालके स्रप्रान सके लरभर 200 मश्रीटर दसूर हमोरप्रा और उन तश्रीनयों नके पश्रीवड़तप्रा कके सप्रार बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। पश्रीवड़तप्रा नके यह भश्री कहप्रा वक उसनके अपनश्री डप्राक्टरश्री नहहीं करप्राई हहै।
6. अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके यह भश्री कहप्रा वक उसकके घर कके सप्रामनके पप्रारर्थी ककी ममोटरसप्राइवकल खड़श्री रश्री, धजससके लड़खड़प्रा कर उसकके वपतप्रा जश्री वरर रए रके और उनकके हप्रार मम चमोट लरश्री रश्री, वकन्तद इस बप्रात पर कमोई झरड़प्रा अरविप्रा पदधलस कप्रायरविप्राहश्री नहहीं हहई।
7.
पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तदत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हहै तरप्रा उसकप्रा कमोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। पप्रारर्थी ककी ममोटरसप्राइवकल खड़श्री करनके कके कप्रारण हहए छमोटके सके वविविप्राद ककी विजह सके झसूसिंठप्रा फसिं सप्रायप्रा जप्रा रहप्रा हहै।
8. पप्राररनप्रा पत मम यह भश्री कहप्रा हहै वक पस्तदत पकरण कके पश्चप्रात वदनप्रासिंक 20.12.2024 कमो पश्रीवड़तप्रा कके वपतप्रा नके पप्रारर्थी कके भप्राई वविजमद्र कके वविरुद्ध वदनप्रासिंक 19.12.2024 कमो बलप्रात्कप्रार करनके कप्रा आरमोप लरप्रायप्रा हहै। वविविकेचनप्रा मम इस आरमोप ककी पदवष्टि नहहीं हहई एविसिं वविविकेचक नके असिंवतम आख्यप्रा पस्तदत करतके हहए पकरण समप्राप्त कर वदयप्रा। वविविकेचनप्रा मम यह तथ्य पकप्राश मम आयप्रा वक पश्रीवड़तप्रा कप्रा वपतप्रा अविहैधि शरप्राब बनप्रातप्रा वि बकेचतप्रा हहै, धजसकके वविरुद्ध रप्रानप्रा हररयप्रासिंविप्रा मम 9 मदकदमके अविहैधि शरप्राब बनप्रानके कके ससिंदभर मम पसिंजश्रीकक त हह। पश्रीवड़तप्रा कके वपतप्रा कमो शक हहै वक अवभयदकरण उसकके वविरुद्ध पदधलस सके वशकप्रायत करकके उसके पकड़ड़़विप्रातके हह इस कप्रारण विह झसूठश्री वशकप्रायत करतप्रा एविसिं करविप्रातप्रा हहै।
9. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक यद्यवप धिप्रारप्रा 156(3) दसिं०प०ससिं० कके पप्राररनप्रा पत मम पसूविर मम पदधलस कमो वशकप्रायत दकेनप्रा कहप्रा रयप्रा हहै , वकन्तद इसकप्रा कमोई भश्री सप्राक्ष्य न्यप्रायप्रालय कके समक पस्तदत नहहीं वकयप्रा रयप्रा हहै।
10. पश्रीवड़तप्रा दप्रारप्रा धिप्रारप्रा 202 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत वदए रए बयप्रान कमो दृवष्टिरत रखतके हहए तरप्रा परम ससूचनप्रा ररपमोटर ससिंख्यप्रा 233 सनन् 2024 मम आई
पदधलस आख्यप्रा कमो दृवष्टिरत रखतके हहए न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
11. तदनदसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
12. आविकेदक जमोवरसिंदर @ यमोरमद्र कद मप्रार कमो वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतदवष्टि कके अनदसप्रार एक व्यवकरत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दमो जमप्रानतम पस्तदत करनके पर उपरमोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयमोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेरप्रा; (ii) आविकेदक अवभयमोजन पक कके सप्रावकययों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी रई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हमोरप्रा। Order Date :- 2.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench