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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 135518 (ALL)

RUKUMKESH YADAV v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME GOVT. LKO AND 3 OTHERS

BAIL/3410/2025 · 2025-04-23

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:23051 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3410 of 2025 Applicant :- Rukumkesh Yadav Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Govt. Lko And 3 Others Counsel for Applicant :- Satendra Kumar (Singh),Abhishek Misra,Shivam Counsel for Opposite Party :- G.A.,Madhavendra Nath Misra Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री सत्यकेन्द्र कक मप्रार, वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रववि शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्ता कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री मप्राधिविकेन्द्र नप्रार वमशप्रा कक सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्तात पस्तकत इस पप्रारर्तानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 51 सन 2025 अन्तगर्तात धिप्रारप्रा 376, 504, 506 भप्रा०दसं०ससं० वि धिप्रारप्रा 5(1)/6 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा अवहिररौलश्री धजिलप्रा असंबडकरनगर मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्तानप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्रासंक 20.02.2025 कक धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकरर्ता मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक उसककी अवियस्क अविस्रप्रा सके पप्रारर्थी उसकके सप्रार शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनप्रातप्रा रहिप्रा हिहै तरप्रा कहितप्रा रप्रा वक जिब विहि वियस्क हिक जिप्रायकेगश्री तक पप्रारर्थी उससके वविविप्राहि कर लकेगप्रा। अगस्त 2024 मम जिब वशकप्रायतकतर्थी फहै जिप्राबप्राद तहैयप्रारश्री करनके कके धलए गयश्री रश्री तक पप्रारर्थी उसकके वकरप्रायके गयके कमरके पर जिप्राकर लगप्रातप्रार उसकके सप्रार दकष्कमर्ता करतप्रा रहिप्रा। वदनप्रासंक 12.01.2025 कक पप्रारर्थी वशकप्रायतकतर्थी कक लखनऊ लकेकर गयप्रा , विहिप्राहाँ दक वदन तक अपनके सप्रार कमरके मम रखकर दकष्कमर्ता वकयप्रा। बप्राधलग हिक जिप्रानके कके बप्राद जिब वशकप्रायतकतर्थी नके पप्रारर्थी सके वविविप्राहि कके धलए कहिप्रा तक पप्रारर्थी नके वविविप्राहि करनके सके इसंकप्रार कर वदयप्रा। 4. पप्रारर्तानप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 24 विरर्थीय वनदर्दोर नवियकविक हिहै और उसकप्रा ककई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। पप्रारर्थी कके वविरुद लगप्रायके गयके आरकप असत्य हिल। 5. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्तानप्रा-पत वविरकधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा कके दरौरप्रान आरकपधों ककी पकवष्टि हिहई हिहै एविसं आरकप -पत वदनप्रासंक 24.03.2025 कक पस्तकत वकयप्रा जिप्रा चककप्रा हिहै। 6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके वविविकेचनप्रा कके दरौरप्रान धिप्रारप्रा 180 बश्री०एस०एस०एस० कके असंतगर्तात वशकप्रायतकतर्थी दप्रारप्रा वदयप्रा गयप्रा बयप्रान न्यप्रायप्रालय कके समक पस्तकत वकयप्रा धजिसमम उसनके अपनश्री आयक 22 विरर्ता हिकनके कप्रा करन वकयप्रा। 7. वशकप्रायतकतर्थी कके वचकत्सककीय परश्रीकण मम ककई वविशकेर तथ्य पकप्राश मम नहिहीं आयप्रा हिहै। पहैरप्राललॉधजिकल जिप्रासंच ररपकरर्ता पप्राप्त नहिहीं हिहै। 8. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० असंतगर्तात असंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके नविसंबर सन 2019 सके पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसकके सप्रार शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनप्रानके कप्रा करन वकयप्रा तरप्रा ऐसप्रा वदनप्रासंक 14.01.2025 तक बप्रार-बप्रार हिकतप्रा रहिप्रा। 9. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके पप्रारर्तानप्रा-पत कप्रा वविरकधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा कके दरौरप्रान आरकपधों ककी पकवष्टि हिहई हिहै और पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयके जिप्रानके यकग्य नहिहीं हिहै। 10. उपरकक तथ्यधों कक दृवष्टिगत रखतके हिहए , जिबवक वशकप्रायतकतर्थी कके स्वियसं कके करनप्रानकसप्रार विहि विरर्ता 2019 सके 2025 तक पप्रारर्थी कके सप्रार वविविप्राहि ककी पत्यप्राशप्रा मम शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनप्रातश्री रहिश्री हिहै। ऐसश्री ककई सप्रामगश्री वविविकेचनप्रा कके दरौरप्रान पकप्राश मम नहिहीं आयश्री हिहै धजिससके यहि पतश्रीत हिक वक पप्रारर्थी कप्रा आशय पप्रारसंभ सके हिश्री वशकप्रायतकतर्थी कक धिकखप्रा दकेनके कप्रा रप्रा तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी वियस्क हिकनके कके बप्राद भश्री सहिमवत सके पप्रारर्थी कके सप्रार शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनप्रातश्री रहिश्री; पप्रारर्थी एक 24 विरर्थीय यकविक हिहै, धजिसकप्रा ककई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै; पप्रारर्थी वदनप्रासंक 22.02.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हिहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर्ता हिक चकककी हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 11. तद्नकसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्तानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिहै। 12. आविकेदक रुकक मकके श यप्रादवि कक वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दक जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकजिन पक कके गविप्राहिधों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककरर्ता दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 23.4.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench