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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 135262 (ALL)

ANIL KUMAR @ NANKANE v. STATE OF U.P. THRU. SECY. DEPTT. OF HOME LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/3332/2025 · 2025-04-22

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22797 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3332 of 2025 Applicant :- Anil Kumar @ Nankane Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Deptt. Of Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Dinesh Kr. Chaudhary Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वदिनकेश कक मप्रार चचौधिरश्री तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री रप्राजश्रीवि कमप्रार विमप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदिमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 260 सन 2024, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 87, 137(2), 64(2)M बश्री०एन०एस एविसं 5(L)/6 पपॉक्सको एक्ट, रप्रानप्रा-लधलयप्रा,धजलप्रा-बलरप्रामपकर मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. वदिनप्रासंक 30.11.2024 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक उसककी 17 विरर्थीय पकतश्री वदिनप्रासंक 22.11.2024 कको रप्रात 11 बजके घर सके फरप्रार हिको गई। उसनके यहि वविश्विप्रास व्यक वकयप्रा वक पप्रारर्थी उसके शप्रादिश्री करनके कके धलए बहिल -फक सलप्राकर अपनके सप्रार भगप्रा लके गयप्रा हिहै। 4. धिप्रारप्रा 180 एविसं 183 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगर्मात असंवकत अपनके बयप्राननों मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयक 18 विरर्मा बतप्राई तरप्रा यहि कहिप्रा वक उसनके अपनश्री मजर्थी सके पप्रारर्थी कके सप्रार जप्राकर उसकके सप्रार शप्रादिश्री कर लश्री हिहै। पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई भश्री आरकोप नहिहीं लगप्राए हिह। 5. वचवकत्सककीय परश्रीकण मम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर चकोट अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचन्हि नहिहीं वमलप्रा हिहै तरप्रा उसककी आयक लगभग 17.66 विरर्मा बतप्राई गई हिहै। 6. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदिर्दोर हिहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। 7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नके पप्रारर्मानप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक शहैवकक पमप्राण पत एविसं वचवकत्सककीय परश्रीकण कके अनकसप्रार पश्रीवड़ितप्रा अवियश्क हिहै। वविविकेचनप्रा मम आरकोपनों ककी पकवष्टि हिहई हिहै और आरकोप पत वदिनप्रासंक 27.02.2025 कको पस्तकत हिको चककप्रा हिहै। अततः पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री नहिहीं हिहै। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नके कहिप्रा वक इस पप्रारर्मानप्रा पत ककी ससूचनप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा कको दिश्री जप्रा चकककी हिहै। 9. उपरकोक तथ्यनों कके दृवष्टिगत , जबवक पश्रीवड़ितप्रा नके स्वियसं अपनश्री आयक 18 विरर्मा कहिश्री हिहै तरप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण कके अनकसप्रार उसककी आयक लगभग 18 विरर्मा हिहै;पश्रीवडडि़तप्रा नके अपनश्री मजर्थी सके पप्रारर्थी कके सप्रार जप्रानप्रा कहिप्रा हिहै एविसं पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई आरकोप नहिहीं लगप्राए हिह। पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै एविसं वदिनप्रासंक 21.02.2025 सके जकेल मम वनरुद्ध हिहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हिको चकककी हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 10. तदिनकसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 11. आविकेदिक अवनल कक मप्रार @ नप्रानकनके कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दिको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदिक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदिक अवभयकोजन पक कके सप्रावकयनों पर दिबप्रावि नहिहीं डि़प्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदिक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हिकोगप्रा। Order Date :- 22.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench