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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 135259 (ALL)

SATISH KASHYAP v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME CIVIL SECTT. LKO

BAIL/3330/2025 · 2025-04-22

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22769 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3330 of 2025 Applicant :- Satish Kashyap Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Civil Sectt. Lko Counsel for Applicant :- Riyaz Ahmad,Hemant Kumar Pandey,Osama Syed Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ररियप्राज़ अहमद तरप्रा वविदप्रान अपरि शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री जजैन धससिंह ततोमरि कतो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलतोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारिप्रा 483 भप्रारितश्रीय नप्रागररिक ससुरिकप्रा ससिंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारिप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरिप्राधि ससिंख्यप्रा 329 सन 2024, अन्तगरत धिप्रारिप्रा 70(1), 351(2) बश्री०एन०एस, रप्रानप्रा-इसिंवदरिप्रा नगरि, धजलप्रा- लखनऊ, मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हजै। 3. वदनप्रासिंक 15.12.2024 कतो 18:28 बजके पप्रारर्थी सवहत चप्रारि व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररिपतोरर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक उसककी आयसु 25 विरर हजै तरप्रा विह बश्री-रकेक ततृतश्रीय विरर ककी पढप्राई करि रिहश्री हजै। इसिंस्रप्रागप्राम कके मप्राध्यम सके पप्रारर्थी सके उसककी दतोस्तश्री हहई। पप्रारर्थी कके बसुलप्रानके परि वदनप्रासिंक 12.12.2024 कतो सप्रासिंय 8 बजके विह लखनऊ आई। पप्रारर्थी नके उसके रिप्रात मम रुकनके कके धलए कहप्रा औरि एक मकप्रान परि लके गयप्रा , जहप्राहाँ तश्रीन अन्य सह- अवभयसुक पहलके सके ममौजसूद रके तरप्रा वपस्तमौल ककी नतोक परि सभश्री नके बप्रारिश्री -बप्रारिश्री सके उससके बलप्रात्कप्रारि वकयप्रा। वदनप्रासिंक 13.12.2024 कतो पप्रारर्थी नके उसके धिमककी दकेतके हहए छतोड़ वदयप्रा। 4. वचवकत्सककीय परिश्रीकण मम धिप्रारिप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगरत असिंवकत अपनके मम पश्रीवडडि़तप्रा नके अपनके पसूविर करनयों कप्रा समररन करितके हहए वदनप्रासिंक 13.12.2024 कतो ससुबह 10 बजके पप्रारर्थी दप्रारिप्रा उसके कमरिके सके बप्राहरि लप्राकरि बश्री०बश्री०डि़श्री० यसूवनविधसररश्री परि छतोड़ दकेनके कप्रा करन वकयप्रा तरप्रा यह कहप्रा वक पप्रारर्थी नके उसके धिमककी दश्री वक चसुपचप्राप बस पकड़करि लखनऊ सके वनकल जप्राए। 5. वचवकत्सककीय परिश्रीकण ररिपतोरर मम पश्रीवड़तप्रा कके शरिश्रीरि परि चतोर अरवि बल पयतोग कप्रा कतोई वचन्ह नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा हजै। 6. धिप्रारिप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतगरत असिंवकत अपनके बयप्रान मम भश्री पश्रीवड़तप्रा नके अपनके पसूविर करनयों कप्रा समररन वकयप्रा। 7. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत कके पस्तरि 35 मम तश्रीन अन्य आपरिप्राधधिक पकरिणयों मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारई गई हजै, धजन सभश्री मम उसके जमप्रानत वमल चसुककी हजै। 8. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम वशकप्रायतकतर्थी तरप्रा पप्रारर्थी कके बश्रीच इसिंस्रप्रागप्राम परि हहए अनकेक ससिंविप्रादयों ककी पवतयप्रासिं ससिंलग्न हह , धजससके यह पतश्रीत हतोतप्रा हजै वक वदनप्रासिंक 13.12.2024 कतो सप्रासिंय 7:05 बजके पश्रीवड़तप्रा तरप्रा पप्रारर्थी मम अनकेकयों ससिंविप्राद हतोतके रिहके हह। 9. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके तकर वदयप्रा वक पश्रीवड़तप्रा कप्रा करन वक वदनप्रासिंक 13.12.2024 कतो ससुबह 10 बजके पप्रारर्थी नके उसके धिमककी दकेतके हहए छतोड़ वदयप्रा। 10. वविदप्रान अपरि शप्रासककीय अधधिविकक तप्रा परम नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरितोधि करितके हहए वविविकेचनप्रा कके दमौरिप्रान आरितोपयों ककी पसुवष्टि हहई एविसिं आरितोप पत वदनप्रासिंक 13.02.2025 कतो पस्तसुत वकयप्रा जप्रा चसुकप्रा हजै। लगप्राए गए आरितोप गसिंभश्रीरि पकतृ वत कके हह,अततः पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारिश्री नहहीं हजै। 11. उपरितोक तथ्ययों कके दृवष्टिगत , जबवक वशकप्रायतकतर्थी वियस्क हजै तरप्रा इसिंजश्रीवनयररिसिंग ककी छप्रातप्रा हजै; उसनके स्वियसिं पप्रारर्थी सके इसिंस्रप्रागप्राम सके दतोस्तश्री हतोनप्रा औरि इस कप्रारिण नतोयडि़प्रा सके लखनऊ आकरि पप्रारर्थी सके वमलनप्रा कहप्रा हजै;पश्रीवड़तप्रा कप्रा करन वक पप्रारर्थी नके वदनप्रासिंक 13.12.2024 कतो 10 बजके उसके धिमककी दकेकरि छतोड़ वदयप्रा, इसिंस्रप्रागप्राम ससिंविप्रादयों ककी पवत सके परम दृष्टियप्रा ससिंवदग्धि पतश्रीत हतोतप्रा हजै; पप्रारर्थी एक 21 विरर्थीय वनदर्दोर नवि-यसुविक हजै, जतो वदनप्रासिंक 21.01.2025 सके अवभरिकप्रा मम हजै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर हतो चसुककी हजै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हजै वक पप्रारर्थी जमप्रानत परि ररिहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारिश्री हजै। 12. तदनसुसप्रारि, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रारि वकयप्रा जप्रातप्रा हजै। 13. आविकेदक सतश्रीश कश्यप कतो वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रारि एक व्यवकगत बसिंधिपत औरि समप्रान रिप्रावश ककी दतो जमप्रानतम पस्तसुत करिनके परि उपरितोक मप्रामलके मम जमप्रानत परि ररिहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयतोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करिकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयतोजन पक कके सप्रावकययों परि दबप्रावि नहहीं डि़प्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारिण न्यप्रायप्रालय दप्रारिप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर परि उपसस्रत हतोगप्रा। Order Date :- 22.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench