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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 135236 (ALL)
TINKU @ HUKUMCHANDRA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME U.P. LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/3340/2025 · 2025-04-22
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 135236 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22844 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3340 of 2025 Applicant :- Tinku @ Hukumchandra Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home U.P. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Upendra Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री उपकेन्द्र कक मप्रार धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री अनकरप्राग विमप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 दसिं०प०ससिं० मम पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 123 सन 2023, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 363, 366, 376(3) भप्रा०द०ववि० एविसिं 5/6 पपॉक्सको एक्ट, रप्रानप्रा-परसपकर, धजिलप्रा-गगोंडप्रा मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 16.03.2023 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम वशकप्रायतकतप्रार्मा नके कहप्रा वक वदनप्रासिंक 14.03.2023 कको करश्रीब रप्रात 11:30 बजिके उसककी 14 विरर्थीय पकतश्री कको पप्रारर्थी भगप्रा लके गयप्रा।
4. धिप्रारप्रा 161 दसिं०प०ससिं० कके अन्तगर्मात असिंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसकके घर मम घकसकर उसके बकेहकोशश्री ककी दविप्रा वपलप्राकर छत सके उतप्रारकर पसिंजिप्राब लके जिप्रानके कप्रा करन वकयप्रा हहै। पसिंजिप्राब जिप्राकर पप्रारर्थी नके उससके एक मसिंवदर मम शप्रादश्री कर लश्री और एक मप्राह बप्राद बस मम बहैठप्राकर विप्रापस भकेजि वदयप्रा।
5. वचवकत्सककीय परश्रीक्षण मम चकोट अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचन्ह पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर नहहीं वमलप्रा।
6. धिप्रारप्रा 164 दसिं०प०ससिं० कके अन्तगर्मात असिंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके यह कहप्रा वक पप्रारर्थी एक अन्य व्यवक अशकोक पप्रासिंडकेय कके यहप्रासिं ननौकर हहै तरप्रा
अशकोक पप्रासिंडकेय एविसिं पप्रारर्थी दकोनगों वमलकर पश्रीवड़ितप्रा कको बकेहकोश करकके लके गए रके एविसिं दकोनगों नके रगड़िगसिंजि मम दकोनगों नके उसकके सप्रार गलत कप्राम वकयप्रा तरप्रा इसकके बप्राद विके लकोग उसके गगोंडप्रा एविसिं गगोंडप्रा सके वदलश्री बस दप्रारप्रा चप्राकसू ककी नकोक पर लके गए।
7. वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा, उसककी पत्नश्री तरप्रा पश्रीवड़ितप्रा कके बयप्रान असिंवकत हको चककके हह, धजिनककी पवतयप्रासिं पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार ससिंलग्न हहै। पश्रीवड़ितप्रा नके न्यप्रायप्रालय कके समक्ष अपनके बयप्रान मम अवभयककगण दप्रारप्रा आधिश्री रप्रात उसकके घर मम आकर बकेहकोशश्री ककी दविप्रा वपलप्राकर जिबरदस्तश्री मकोटरसप्राइवकल सके लके जिप्रानप्रा, एक बवगयप्रा मम बलप्रात्कप्रार करनप्रा एसिंविसिं इसकके बप्राद बस सके पसिंजिप्राब लके जिप्रानप्रा कहप्रा हहै तरप्रा यह भश्री कहप्रा हहै वक बस मम उसकप्रा मकसिंह बसिंधिप्रा हहआ रप्रा और पप्रारर्थी बस मम उसके चप्राकसू सके धिमकप्रा रहप्रा रप्रा। इसकके बप्राद उसकको एक वकरप्राए कके कमरके मम लगभग 20 सके 25 वदन रखप्रा गयप्रा, जिहप्राहाँ पवतवदन जिबरदस्तश्री ककी गई।
8.
पश्रीवड़ितप्रा दप्रारप्रा बप्राद मम नप्रावमत व्यवक अशकोक कक मप्रार पप्रासिंडकेय कको वविचप्रारण न्यप्रायप्राल नके धिप्रारप्रा 319 दसिं०प०ससिं० कके अन्तगर्मात वविचप्रारण हकेतक आहहत वकयप्रा, वकन्तक उपरकोक व्यवक कके वविरुद्ध आपरप्राधधिक कप्रायर्माविप्राहश्री पर इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा आपरप्राधधिक पकनरश्रीक्षण ससिंख्यप्रा 136 सनन् 2024 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 16.02.2024 दप्रारप्रा स्रवगत ककी जिप्रा चकककी हहै।
9. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 23 विरर्थीय वनदर्दोर नवि-यकविक हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
10. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नके पप्रारर्मानप्रा पतकप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वशकप्रायतकतप्रार्मा , उसककी पत्नश्री तरप्रा पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री मकख्य परश्रीक्षप्रा मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक्ष पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरकोपगों ककी पकवष्टि ककी हहै। अततः पप्रारर्थी जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री नहहीं हहै।
11. उपकोरकोक तथ्यगों कके दृवष्टिगत, जिबवक पश्रीवड़ितप्रा दप्रारप्रा अपनके बयप्रान मम लगप्राए गए आरकोप वक पप्रारर्थी उसके गगोंडप्रा सके पसिंजिप्राब बस मम बहैठप्राकर मकसिंह बप्रासिंधिकर चप्राकसू ककी नकोक पर लके गयप्रा, परम दृष्टियप्रा ससिंदकेहप्रास्पद पतश्रीत हकोतप्रा हहै; सभश्री गविप्राहगों
कके बयप्रान असिंवकत हको चककके हह और जिमप्रानत पर छसू टनके कके सस्रवत मम पप्रारर्थी गविप्राहगों कको पभप्राववित करनके ककी सस्रवत मम नहहीं हकोगप्रा, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
12. यह स्पष्टि वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै वक इस आदकेश मके ककी गई वटप्पवणयप्रासिं मप्रात जिमप्रानत कके उदकेश्य सके ककी गई हह एविसिं यह वविचप्रारण कको पभप्राववित नहहीं करमगश्री।
13. तदनकसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
14. आविकेदक वटसिंकसू @ हहकक मचसिंद्र कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजिस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक्ष कके सप्रावक्षयगों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हकोगप्रा। Order Date :- 22.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench