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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 135068 (ALL)
ISHAQ KHAN v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME DEPTT. OF HOME LKO. AND ANOTHER
ABAIL/428/2025 · 2025-04-23
Subhash Vidyarthi
body2025
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22957 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 428 of 2025 Applicant :- Ishaq Khan Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Deptt. Of Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Nadeem Murtaza,Ankit Tripathi Counsel for Opposite Party :- G.A.,Pankaj Kumar Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री नदश्रीम ममुररजप्रा ररप्रा वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अंवकर वत्रिपप्राठश्री, वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कमु मप्रार वरविप्रारश्री ररप्रा वशकप्रायरकरर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पअंकज कमु मप्रार कलो समुनप्रा ररप्रा पत्रिप्राविलश्री कप्रा अविललोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 बश्री०एन०एस०एस० दप्रारप्रा पस्रमुर पप्राररनप्रा-पत्रि दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके पररविप्राद सअंख्यप्रा 51358 सन 2023 अन्रररर धिप्रारप्रा 376 भप्रा०द०ववि० रप्रानप्रा सदरपमुर धजलप्रा सश्रीरप्रापमुर मम अवग्रिम जमप्रानर ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्राअंक 30.06.2022 कलो धिप्रारप्रा 156(3) दअं०प०सअं० कके अंरररर वदनप्राअंक 06.04.2022 कलो पस्रमुर पप्राररनप्रा-पत्रि कके आधिप्रार पर अंवकर परम ससूचनप्रा ररपलोरर मम यह कहप्रा रयप्रा हहै वक वशकप्रायरकरर्थी कप्रा पवर, पप्रारर्थी कके यहप्राहाँ रमुड़ बनप्रानके कके कप्राम मम मजदसूरश्री कररके रप्रा धजसकके कप्रारण पप्रारर्थी कभश्री -कभप्रार वशकप्रायरकरर्थी कके घर भश्री आरप्रा -जप्रारप्रा रहरप्रा रप्रा। वदनप्राअंक 13.03.2022 ककी रप्रार जब वशकप्रायरकरर्थी कप्रा पवर लकड़श्री कप्रारनके रयप्रा रप्रा, इसश्री मध्य रप्रार 10 बजके पप्रारर्थी पप्रानश्री पश्रीनके कके बहप्रानके वशकप्रायरकरर्थी कके घर मम घमुस आयप्रा और असलहके सके धिमककी दकेकर उसकके सप्रार बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। समुबह अपनके पवर कके आनके पर वशकप्रायरकरर्थी नके सप्रारश्री बप्रारम बरप्रायश्री। वशकप्रायरकरर्थी उलप्राहनप्रा दकेनके पप्रारर्थी कके भप्राई वि भरश्रीजके कके घर रयश्री रलो उन सब नके पप्रारर्थी कके पवर कलो बलप्रात्कप्रार कके झसूठके ममुकदमम मम जकेल वभजविप्रानके ककी धिमककी दश्री। वदनप्राअंक 27.03.2022 ककी रप्रावत्रि कलो पप्रारर्थी नके पमुनन वशकप्रायरकरर्थी कके घर मम घमुसकर बलप्रात्कप्रार वकयप्रा।
4. पप्राररनप्रा-पत्रि कके सप्रार पस्रमुर शपर-पत्रि मम कहप्रा रयप्रा वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै और उसकप्रा कलोई आपरप्राधधिक इवरहप्रास नहहीं हहै। पप्राररनप्रा-पत्रि कके सप्रार पस्रमुर शपर-पत्रि मम यह भश्री कहप्रा रयप्रा हहै वक पश्नरर परम ससूचनप्रा ररपलोरर कके पसूविर वदनप्राअंक 25.06.2022 कलो वशकप्रायरकरर्थी कके पवर कके वविरुद्ध बलप्रात्कप्रार एविअं अनमुससूवचर जप्रावर एविअं अनमुससूवचर
जनजप्रावर (ननृशअंसरप्रा वनविप्रारण) अधधिवनयम कके आरलोपपों कके सअंबअंधि मम एक परम ससूचनप्रा ररपलोरर धलखप्राई जप्रा चमुककी रश्री , जलो वदनप्राअंक ररपलोरर 12.04.2022 कलो धिप्रारप्रा 156(3) दअं०प०सअं० कके पप्राररनप्रा-पत्रि कके आधिप्रार पर धलखप्राई रई रश्री।
5. वशकप्रायरकरर्थी नके अपनप्रा वचवकत्सककीय परश्रीक्षण करप्रानके सके इअंकप्रार कर वदयप्रा ररप्रा एक्स-रके परश्रीक्षण कके अनमुसप्रार उसककी आयमु लरभर 35 विषर हहै।
6.
वशकप्रायरकरर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत्रि कप्रा वविरलोधि कररके हहए कहप्रा वक इसकके पसूविर पप्रारर्थी नके धिप्रारप्रा 482 दअं०प०सअं० कके अंरररर एक पप्राररनप्रा-पत्रि सअंख्यप्रा 4106 सन 2024 पस्रमुर वकयप्रा रप्रा, जलो वदनप्राअंक 31.08.2024 कलो वनरस्र हलो चमुकप्रा हहै ररप्रा इस कप्रारण सके अंरररम जमप्रानर पप्राररनप्रा-पत्रि पलोषणश्रीय नहहीं हहै।
7. धिप्रारप्रा 482 दअं०प०सअं० कके अंरररर पस्रमुर पप्राररनप्रा-पत्रि दप्रारप्रा आरलोप -पत्रि ररप्रा आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कके वनरस्रश्रीकरण ककी पप्राररनप्रा ककी रयश्री रश्री। न्यप्रायप्रालय नके आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कके वनरस्रश्रीकरण कप्रा औवचत्य नहहीं पप्रायप्रा। यह रथ्य पप्रारर्थी कके अवग्रिम जमप्रानर पप्राप्त करनके कके अधधिकप्रार कलो बप्राधधिर नहहीं कररप्रा हहै ररप्रा अंरररम जमप्रानर पप्राररनप्रा-पत्रि पलोषणश्रीय हहै एविअं रमुण-दलोष कके आधिप्रार पर वनणर्थीर वकयके जप्रानके यलोग्य हहै।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा-पत्रि कप्रा वविरलोधि कररके हहए कहप्रा वक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध रहैर जमप्रानरश्रीय विप्रारण्र वनररर हलो चमुकप्रा हहै ररप्रा विह वविचप्रारण मम सहयलोर नहहीं कर रहप्रा हहै, इस कप्रारण सके अवग्रिम जमप्रानर नहहीं वमलनश्री चप्रावहए।
9. रहैर जमप्रानरश्रीय विप्रारण्र कके पप्रारर्थी पर रप्रामश्रील हलोनके कके सअंबअंधि मम वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा कलो पप्राप्त अनमुदकेशपों मम कलोई करन नहहीं वकयप्रा रयप्रा हहै। ऐसश्री पररसस्रवर मम मप्रात्रि रहैर जमप्रानरश्रीय विप्रारण्र वनररर वकयके जप्रानके कके कप्रारण पप्रारर्थी कप्रा अवग्रिम जमप्रानर पप्राररनप्रा-पत्रि वनरस्र वकयप्रा जप्रानप्रा उवचर नहहीं हलोरप्रा।
10. पस्रमुर पकरण मम परम ससूचनप्रा ररपलोरर अंवकर हलोनके कके पश्चप्रार वविविकेचनप्रा मम आरलोपपों ककी पमुवष्टि नहहीं पप्रायश्री रयश्री और वविविकेचक नके अंवरम आख्यप्रा पस्रमुर कर दश्री रश्री। इसकके उपरप्रान्र वशकप्रायरकरर्थी नके अंवरम आख्यप्रा कके वविरुद्ध आपधत्ति ककी धजसकलो एक पररविप्राद कके रूप मम पअंजश्रीकनृ र कर धलयप्रा रयप्रा हहै।
11. ऐसश्री पररसस्रवर मम , जबवक घरनप्रा एक सके अधधिक बप्रार हलोनप्रा कहप्रा रयप्रा वकन्रमु सम्यक रत्पररप्रा सके परम ससूचनप्रा ररपलोरर अरविप्रा पररविप्राद अंवकर नहहीं वकयप्रा रयप्रा ; पप्राधररनश्री नके अपनप्रा वचवकत्सककीय परश्रीक्षण करप्रानके सके इअंकप्रार वकयप्रा हहै ; पप्रारअंवभक वविविकेचनप्रा मम घरनप्रा ककी पमुवष्टि न हलोनके कके उपरप्रान्र वविविकेचक नके अंवरम आख्यप्रा लरप्रा दश्री रश्री , न्यप्रायप्रालय
कप्रा मर हहै वक उपरलोक रथ्य पप्रारर्थी कलो अवग्रिम जमप्रानर वदयके जप्रानके कप्रा पयप्रारप्त आधिप्रार पदप्रान कररके हह।
12. रद्नमुसप्रार अवग्रिम जमप्रानर पप्राररनप्रा-पत्रि स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रारप्रा हहै।
13.
उपरलोक ममुकदमप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा मम आविकेदक ककी वररफ्रप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय कके समक्ष उपसस्रवर ककी दशप्रा मम , उसके सअंबअंधधिर रप्रानके कके भप्रारसप्राधिक अधधिकप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय ककी सअंरमुवष्टि कके अनमुसप्रार व्यवकरर बअंधि पत्रि एविअं दलो पवरभसू पस्रमुर करनके पर परश्रीक्षण कके अंवरम रूप सके वनस्रप्रारण रक, वनम्न शरर्दोअं कके अधिश्रीन अवग्रिम जमप्रानर पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राएरप्रान- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हलोरप्रा रलो पमुधलस अधधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जजॉच हकेरमु अपकेवक्षर समय पर उपसस्रर हलोरप्रा। ख- आविकेदक मप्रामलके कके रथ्यपों सके पररवचर वकसश्री व्यवक यप्रा पमुधलस अधधिकप्राररयपों कलो पत्यक्ष यप्रा परलोक्ष रूप सके कलोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पललोभन नहहीं दकेरप्रा धजससके वक विह ऐसके रथ्य कलो न्यप्रायप्रालय कके समक्ष यप्रा वकसश्री पमुधलस अधधिकप्रारश्री कके समक्ष पकर न करनके पर मप्रान जप्राए। र- आविकेदक अदप्रालर ककी पसूविर अनमुमवर कके वबनप्रा भप्रारर नहहीं छलोड़केरप्रा; घ- आविकेदक कलो पत्यकेक वनधिप्रारररर वरधर पर रटप्रायल कलोरर कके समक्ष उपसस्रर हलोनप्रा हलोरप्रा, जब रक वक व्यवकरर उपसस्रवर सके छसू र न दश्री रयश्री हलो; ङ- आविकेदक अवभयलोजन पक्ष कके रविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा / धिमककी नहहीं दकेरप्रा। च- आविकेदक वविविकेचनप्रा एविअं वविचप्रारण कके ददौरप्रान सहयलोर करमरके और जमप्रानर ककी स्विरअंत्रिरप्रा कप्रा दमुरुपयलोर नहहीं करकेरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 23.4.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench