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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 135056 (ALL)
RINKU VERMA @ BAUWA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/3280/2025 · 2025-04-21
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 135056 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22392 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3280 of 2025 Applicant :- Rinku Verma @ Bauwa Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Mamta Raj,Deepak Rawat,Santosh Kumar Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससंततोष कक मप्रार यप्रादवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री जयसंत धससंह ततोमर कतो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहतप्रा कके असंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 13 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 65(2) बश्री०एन०एस० वि धिप्रारप्रा 5 M/6 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा आवशयप्रानप्रा धजलप्रा लखनऊ मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासंक 10.01.2025 कतो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपतोरर मम यह कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतर्थी अपनश्री 5 विषर्थीय पकतश्री कके सप्रार एक जन्मवदन समप्रारतोह मम समममधलत हतो रहश्री रश्री, पप्रारर्थी जतो मतोहलके मम हश्री रहतप्रा हहै , वशकप्रायतकतर्थी ककी पकतश्री कतो छत पर लके गयप्रा और उसकके मलदप्रार पर बलपसूविरक उसंगलश्री डप्राल वदयप्रा।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत असंवकत करप्रायके गयके अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक विह स्वियसं तरप्रा अन्य लतोग भश्री छत पर हश्री ममौजसूद रके तरप्रा पप्रारर्थी नके छत कके दसूसरश्री ओर लके जप्राकर अपरप्राधि कप्राररत वकयप्रा।
5. पश्रीवड़ितप्रा नके धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत असंवकत करप्रायके गयके अपनके बयप्रान मम कहप्रा वक जब विह बच्चधों कके सप्रार खकेल रहश्री रश्री तब पप्रारर्थी , धजसके पश्रीवड़ितप्रा चप्राचप्रा कहतश्री हहै, पश्रीवड़ितप्रा कतो वकनप्रारके लके गयप्रा और उसकके पश्रीछके उसंगलश्री डप्राल दश्री।
6. पप्रारसंभ मम वशकप्रायतकतर्थी नके पश्रीवड़ितप्रा कप्रा आसंतररक वि बप्राह्य वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसंकप्रार कर वदयप्रा।
7. 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत असंवकत करप्रायके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके बच्चधों कके सप्रार खकेलतके समय पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसके वकनप्रारके लके जप्राकर उसकके पश्रीछके उसंगलश्री डप्रालनके
कप्रा करन वकयप्रा।
8. बप्राद मम वशकप्रायतकतर्थी नके एक पप्राररनप्रा -पत दकेकर अपनश्री पकतश्री कप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रायप्रा धजसमम कतोई वविवशष्ट तथ्य पकप्राश मम नहहीं आयप्रा।
9.
पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 21 विषर्थीय वनदर्दोष नवियकविक हहै और उसकप्रा कतोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। शपर-पत मम यह भश्री कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वशकप्रायतकतर्थी कके घर पर कई सप्रालधों सके नमौकरश्री करतप्रा चलप्रा आ रहप्रा रप्रा। उसकप्रा लगभग 30,000/- रुपयके वशकप्रायतकतर्थी कके यहप्राहाँ बकप्रायप्रा रप्रा। पप्रारर्थी कई वदनधों सके अपनप्रा बकप्रायप्रा पहैसप्रा मप्रासंग रहप्रा रप्रा और इस कप्रारण पकधों कके मध्य वविविप्राद हहआ रप्रा।
10. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके तकर वकयप्रा वक इस कप्रारण वशकप्रायतकतर्थी नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध वमथ्यप्रा आरतोप लगप्रायके हल।
11. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नके पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरतोधि करतके हहए करन कहप्रा वक वविविकेचनप्रा कके दमौरप्रान आरतोपधों ककी पकवष्ट हहई हहै एविसं आरतोप -पत वदनप्रासंक 23.01.2025 कतो पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हहै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नके यह भश्री कहप्रा वक पश्रीवड़ितप्रा मप्रात एक 5 विषर्थीय बप्राधलकप्रा हहै। पप्रारर्थी दप्रारप्रा वकयप्रा गयप्रा अपरप्राधि गसंभश्रीर एविसं जघन्य पकक वत कप्रा हहै, इस पप्राररनप्रा-पत ककी ससूचनप्रा वशकप्रायतकतर्थी कतो दश्री जप्रा चकककी हहै। पप्रारर्थी कतो जमप्रानत पर ररहप्रा नहहीं वकयप्रा जप्रानप्रा चप्रावहए।
12. उपरतोक तथ्यधों कतो दृवष्टगत रखतके हहए , जबवक बयप्रानधों कके अनकसप्रार घरनप्रास्रल पर एक समप्रारतोह चल रहप्रा रप्रा एविसं अनकेक व्यवक विहहीं पर उपमस्रत रके वकन्तक धजस व्यवक कके घर पर समप्रारतोह रप्रा उसकप्रा बयप्रान वविविकेचक नके असंवकत नहहीं वकयप्रा हहै ; वशकप्रायतकतर्थी नके पप्रारसंभ मम पश्रीवड़ितप्रा कप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसंकप्रार कर वदयप्रा , बप्राद मम हहए वचवकत्सककीय परश्रीकण मम कतोई वविवशष्ट तथ्य पकप्राश मम नहहीं आयप्रा हहै ; धजन व्यवकयधों कके घर समप्रारतोह हतो रहप्रा रप्रा उन्हधोंनके एक शपर-पत दकेकर कहप्रा हहै वक ऐसप्रा कतोई घरनप्रा कप्राररत नहहीं हहई रश्री; पप्रारर्थी एक 21 विषर्थीय नवियकविक हहै धजसकप्रा कतोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै; वविविकेचनप्रा पसूणर हतो चकककी हहै ; पप्रारर्थी वदनप्रासंक 11.01.2025 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
13. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
14.
आविकेदक ररसंकसू विमप्रार उरर बऊविप्रा कतो वनमनधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्ट कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी
दतो जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरतोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयतोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयतोजन पक कके गविप्राहधों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कतोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपमस्रत हतोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 21.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench