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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 135050 (ALL)

NEERAJ v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/3334/2025 · 2025-04-22

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22826 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3334 of 2025 Applicant :- Neeraj Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Smriti Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी ककी वविदप्रान अधधिविकप्रा ससुशश्री स्ममृवति तिरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री रप्राजश्रीवि कमप्रार विमप्रार्मा कको ससुनप्रा तिरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतिश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससंवहितिप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तिसुति इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नने मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 332 सन 2024, अन्तिगर्माति धिप्रारप्रा 137(2), 87, 65(1) बश्री०एन०एस एविसं 3/4(2) पपॉक्सको एक्ट, रप्रानप्रा-शप्राहिबप्राद, धजलप्रा-हिरदकोई मम जमप्रानति ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्रासंक 09.07.2024 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक जब वशकप्रायतिकतिर्थी ककी 15 विरर्थीय पसुतश्री वदनप्रासंक 08.07.2024 कको 2 बजने मनेलप्रा दनेखनने गई रश्री, पप्रारर्थी उसने बहिलप्रा-फसु सलप्राकर अपनने सप्रार भगप्रा लने गयप्रा। पप्रारर्थी वशकप्रायतिकतिर्थी कप्रा ररस्तिनेदप्रार हिहै एविसं पहिलने सने शप्रादश्रीशसुदप्रा हिहै। 4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कने अन्तिगर्माति असंवकति अपनने मम पश्रीवडडि़तिप्रा नने अपनश्री आयसु 22 विरर्मा बतिप्राई हिहै तिरप्रा यहि कहिप्रा वक विहि अपनने मप्रातिप्रा -वपतिप्रा कने सप्रार एक कम्पनश्री मम कप्राम करतिश्री रश्री, धजसमम पप्रारर्थी भश्री कप्राम करतिप्रा रप्रा। विहिह सने दकोनको एक-दसूसरने कको पसन्द करनने लगने और उन्हिहोंनने घर सने भप्रागकर शप्रादश्री कर लश्री एविसं पवति-पत्नश्री ककी तिरहि रहिनने लगने। पश्रीवड़ितिप्रा नने अपनप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानने सने इसंकप्रार कर वदयप्रा तिरप्रा आयसु वनधिप्रार्मारण कने धलए भश्री उसकप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण नहिह हिहआ। 5. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कने अन्तिगर्माति असंवकति अपनने मम पश्रीवडडि़तिप्रा नने कहिप्रा वक एक हिश्री कम्पनश्री मम कप्राम करनने कने कप्रारण विहि तिरप्रा पप्रारर्थी एक दसूसरने कको प्यप्रार करनने लगने रने तिरप्रा लगभग दको -तिश्रीन महिश्रीनने पहिलने विहि अपनप्रा घर छकोड़िकर पप्रारर्थी कने सप्रार चलश्री गई और एक मसंवदर मम शप्रादश्री कर लश्री। उसनने यहि भश्री कहिप्रा हिहै वक अगर उसने पहिलने सने पप्रारर्थी कने शप्रादश्रीशसुदप्रा हिकोनने कप्रा तिथ्य पतिप्रा हिकोतिप्रा तिको विहि पप्रारर्थी कने सप्रार नहिह जप्रातिश्री। पश्रीवड़ितिप्रा नने स्पष्ट रूप सने कहिप्रा वक पप्रारर्थी नने जबरदस्तिश्री उसने अपनने सप्रार नहिह रखप्रा एविसं विहि अपनने मजर्थी सने गई रश्री। 6. पप्रारर्मानप्रा पत कने सप्रार पस्तिसुति शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हिहै तिरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतिहिप्रास नहिह हिहै। 7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नने पप्रारर्मानप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतिने हिहए कहिप्रा वक पश्रीवड़ितिप्रा अवियस्क हिहै तिरप्रा वविविनेचनप्रा मम पप्रारर्थी कने वविरुद्ध आरकोपहों ककी पसुवष्ट हिहई हिहै और वदनप्रासंक 2.11.2024 कको आरकोप पत पस्तिसुति वकयप्रा जप्रा चसुकप्रा हिहै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नने यहि भश्री कहिप्रा वक इस पप्रारर्मानप्रा पत ककी ससूचनप्रा वशकप्रायतिकतिर्थी कको दश्री जप्रा चसुककी हिहै। 8. उपरकोक तिथ्यहों कने दृवष्टगति , जबवक धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कने अन्तिगर्माति असंवकति अपनने बयप्रान मम पश्रीवडडि़तिप्रा नने स्वियसं कको बप्राधलग हिकोनप्रा कहिप्रा हिहै ; अपनने दकोनको हिश्री बयप्रानहों मम पश्रीवड़ितिप्रा नने लगप्रातिप्रार यहिप्रा कहिप्रा हिहै वक विहि पप्रारर्थी कने सप्रार अपनश्री मजर्थी सने गई रश्री और उसनने पप्रारर्थी कने वविरुद्ध ककोई आरकोप नहिह लगप्रायप्रा हिहै; पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतिहिप्रास नहिह हिहै तिरप्रा विहि वदनप्रासंक 30.10.2024 सने जनेल मम वनरुद्ध हिहै तिरप्रा वविविनेचनप्रा पसूणर्मा हिको चसुककी हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मति हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानति पर ररहिप्रा वकए जप्रानने कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 9. तिदनसुसप्रार, जमप्रानति पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातिप्रा हिहै। 10. आविनेदक नश्रीरज कको वनम्नधलधखति शतिर्दोसं कने अधिश्रीन ससंबसंधधिति मधजस्टटनेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतिसुवष्ट कने अनसुसप्रार एक व्यवकगति बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतिम पस्तिसुति करनने पर उपरकोक मप्रामलने मम जमप्रानति पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविनेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कने सप्रार छनेड़िछप्राड़ि नहिह करनेगप्रा; (ii) आविनेदक अवभयकोजन पक कने सप्रावकयहों पर दबप्रावि नहिह डि़प्रालनेगप्रा; (iii) आविनेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयति ककी गई पत्यनेक वतिधर पर उपसस्रति हिकोगप्रा। Order Date :- 22.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench