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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 135032 (ALL)

KAUSHLENDRA PRATAP @ KAUSHLENDRA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/3283/2025 · 2025-04-21

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22462 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3283 of 2025 Applicant :- Kaushlendra Pratap @ Kaushlendra Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- O.P. Tiwari Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ओम पकप्राश वतिविप्रारश्री तिरप्रा रप्राज्य सरकप्रार कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अवभिषकेक कक मप्रार धससिंह कको सकनप्रा तिरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भिप्रारतिश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतिप्रा कके असिंतिगरति पस्तिकति इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 39 सन 2025 अन्तिगरति धिप्रारप्रा 64(1), 351(3) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा बन्ररप्रा धजिलप्रा लखनऊ मम जिमप्रानति ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासिंक 28.01.2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम वशकप्रायतिकतिर्थी नके कहप्रा वक उसककी आयक 20 विषर हहै। वदनप्रासिंक 19.01.2025 कको उसकके गप्रासिंवि कके वनविप्रासश्री पप्रारर्थी नके शप्रादश्री कप्रा झप्रासिंसप्रा दकेकर वशकप्रायतिकतिर्थी कको अपनश्री वपकअप पर गप्रासिंवि सके आलमबप्राग बस अडप्रा लके गयप्रा और विहप्राहाँ सके वदलश्री जिप्रानके विप्रालश्री बस पर बहैठप्रा वदयप्रा। पप्रारर्थी कके कहनके पर वशकप्रायतिकतिर्थी वदनप्रासिंक 23.01.2025 तिक वदलश्री मम रहश्री और वफिर पप्रारर्थी कके कहनके पर वदनप्रासिंक 24.01.2025 कको लखनऊ आकर पप्रारर्थी कके पररवचति कके यहप्राहाँ रहश्री। रप्राति 8 बजिके पप्रारर्थी उसके आलमबप्राग सस्रति रहैन बसकेरके मम लके गयप्रा जिहप्राहाँ शप्रादश्री कप्रा झप्रासिंसप्रा दकेतिके हहए रप्रावत मम 2 बप्रार वशकप्रायतिकतिर्थी कके सप्रार दकष्कमर वकयप्रा। बप्राद मम पप्रारर्थी शप्रादश्री करनके सके मककर गयप्रा। 4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतिगरति वदयके गयके अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतिकतिर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके करननों कप्रा समररन वकयप्रा। 5. वचकत्सककीय परश्रीकण ररपकोरर मम वशकप्रायतिकतिर्थी कके शरश्रीर पर ककोई चकोर अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचह्न नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा। पहैरप्राललॉधजिकल जिप्रासिंच ररपकोरर अभिश्री पप्राप्त नहहीं हहई हहै। 6. वविविकेचक नके रहैन बसकेरके ककी ससिंचप्राधलकप्रा कप्रा बयप्रान भिश्री असिंवकति वकयप्रा हहै धजिसनके कहप्रा वक वदनप्रासिंक 23.01.2025 कको कको रप्राति 09:49 बजिके वशकप्रायतिकतिर्थी एविसिं पप्रारर्थी रहैन बसकेरके मम आयके रके। वदनप्रासिंक 24.01.2025 कको समय 07:20 बजिके रहैन बसकेरके सके चलके गयके रके। 7. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतिगरति वदयके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितिप्रा नके अपनके पसूविर करननों कप्रा हश्री समररन वकयप्रा। 8. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तिकति शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 29 विषर्थीय वनदर्दोष नवियकविक हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतिहप्रास नहहीं हहै। 9. रप्राज्य सरकप्रार कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरकोधि करतिके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान आरकोपनों ककी पकवष्टि हहई हहै और आरकोप-पत पस्तिकति हको चककप्रा हहै। 10. उपरकोक तिथ्यनों कको दृवष्टिगति रखतिके हहए , जिबवक पश्रीवड़ितिप्रा वियस्क हहै; उसकके स्वियसिं कके करन कके अनकसप्रार विह वदनप्रासिंक 19.01.2025 कको अकके लके हश्री वदलश्री चलश्री गयश्री तिरप्रा विहप्राहाँ सके वदनप्रासिंक 24.01.2025 कको आयश्री; पप्रारर्थी दप्रारप्रा एक रहैन बसकेरके मम बलप्रात्कप्रार वकयके जिप्रानके कप्रा करन वकयप्रा हहै जिहप्राहाँ पर कई व्यवकयनों ककी उपसस्रवति हकोतिश्री हहै; पप्रारर्थी दप्रारप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई परम दृष्टियप्रा सप्राक्ष्य उपलब्धि नहहीं हहै; पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतिहप्रास नहहीं हहै; वविविकेचनप्रा पसूणर हको चकककी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मति हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानति पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 11. तिद्नकसप्रार, जिमप्रानति पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातिप्रा हहै। 12. आविकेदक कदौशलकेन्द्र पतिप्राप उफिर कदौशलकेन्द्र कको वनम्नधलधखति शतिर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधिति मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतिकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगति बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतिम पस्तिकति करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानति पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभियकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभियकोजिन पक कके गविप्राहनों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तिय ककी गई पत्यकेक तिप्रारश्रीख पर उपसस्रति हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 21.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench