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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 134972 (ALL)

PRAKASH v. STATE OF UP THRU. PRINCIPAL SECY. HOME LKO

BAIL/3331/2025 · 2025-04-24

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:23501 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3331 of 2025 Applicant :- Prakash Opposite Party :- State Of Up Thru. Principal Secy. Home Lko Counsel for Applicant :- Shobhit Kant Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके अधधिवकप्रा नके एक पपूरक शपर पत्र पस्ततुत ककयप्रा, धजिसके अकभिलकेख पर धलयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 2. पप्रारर्थी कके कवदप्रान अधधिवकप्रा शश्री शशोकभित कप्राकांत तरप्रा कवदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिवकप्रा परम शश्री रप्राजिश्रीव कमप्रार वमप्रार्मा कशो सतुनप्रा तरप्रा पत्रप्रावलश्री कप्रा अवलशोकन ककयप्रा। 3. धिप्रारप्रा 483 भिप्रारतश्रीय नप्रागररक सतुरकप्रा सकांकहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्ततुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत्र दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मतुकदमप्रा अपरप्राधि सकांख्यप्रा 419 सन 2024, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 87, 143(2), 70(1) बश्री०एन०एस, रप्रानप्रा-ठप्राकतु रगकांजि, धजिलप्रा-लखनऊ मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै। 4. कदनप्राकांक 11.09.2024 कशो पप्रारर्थी सकहत छछः व्यककययों कके कवरुद्ध धलखप्राई गई परम सपूचनप्रा ररपशोरर्मा मम कशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा हहै कक पप्रारर्थी कदनप्राकांक 20.10.2023 कशो लगभिग 11:20 बजिके कदन मम उसके बहलप्रा-फतु सलप्राकर अपनके सप्रार भिगप्रा लके गयप्रा, दशो कदनयों तक अपनके पप्रास रखकर शप्रारश्रीररक शशोषण ककयप्रा एवकां उसकके बप्राद सह -अकभियतुक कमल कतु मप्रार कके हप्रार बकेच कदयप्रा। कमल कतु मप्रार नके कशकप्रायतकतर्थी कशो सप्रात मप्राह तक अपनके सप्रार रखप्रा और उसकप्रा शप्रारश्रीररक शशोषण ककयप्रा , धजिससके कशकप्रायतकतर्थी गभिर्मावतश्री हशो गई। इसकके बप्राद कमल कतु मप्रार नके कशकप्रायतकतर्थी कशो एक अन्य सह - अकभियतुक सरवन यप्रादव कके हप्राहाँर बकेच कदयप्रा। सरवन यप्रादव तरप्रा एक अन्य सह-अकभियतुक अवधिकेश नके उसकशो रस्सश्री सके बप्राहाँधिकर कमरके मम बकांद करकके रखप्रा और उसकप्रा बलप्रात्कप्रार करतके रहके एवकां मप्रारतके-पश्रीरतके रहके। अवधिकेश ककी बहन एवकां सरवन कके बडके भिप्राई कके ऊपर भिश्री मप्रारनके -पश्रीरनके कप्रा आरशोप लगप्रायप्रा गयप्रा हहै। कदनप्राकांक 10.09.2024 कशो कशकप्रायतकतर्थी ककसश्री तरह बचकर भिप्राग कनकलश्री, जिबकक वह 8 मप्राह ककी गभिर्मावतश्री रश्री। 5. पप्रारर्मानप्रा पत्र कके सप्रार पस्ततुत शपर पत्र मम कहप्रा गयप्रा हहै कक पप्रारर्थी कनदर्दोष हहै तरप्रा उसकप्रा कशोई पपूवर्मा आपरप्राधधिक इकतहप्रास नहहीं हहै। 6. कववकेचनप्रा कके उपरप्राकांत कदनप्राकांक 29.10.2024 कशो पप्रारर्थी सकहत पप्राहाँच व्यककययों कके कवरुद्ध आरशोप पत्र पस्ततुत हशो चतुकप्रा हहै। 7. सह-अकभियतुकगण अवधिकेश यप्रादव, सरवन कतु मप्रार तरप्रा कमल कतु मप्रार कशो इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जिमप्रानत दश्री जिप्रा चतुककी हहै एवकां उनकके जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा पत्र कके सप्रार सकांलग्नक सकांख्यप्रा 3, 4 एवकां 9 कके रूप मम सकांलग्न हह। 8. एक पपूरक शपर पत्र कके मप्राध्यम सके कशकप्रायतकतर्थी दप्रारप्रा धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगर्मात अकांककत बयप्रान ककी पकत पस्ततुत ककी गई हहै , धजिसमम उसनके पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसके जिबरदस्तश्री कमल कके पप्रास लके जिप्राकर कके बकेच दकेनके कप्रा करन ककयप्रा हहै तरप्रा पप्रारर्थी कके कवरुद्ध बलप्रात्कप्रार अरवप्रा शप्रारश्रीररक शशोषण कप्रा आरशोप नहहीं लगप्रायप्रा हहै। कशकप्रायतकतर्थी नके बलप्रात्कप्रार कप्रा आरशोप कमल , सरवन एवकां अवधिकेश कके कवरुद्ध लगप्रायप्रा हहै। 9. उपरशोक तथ्ययों कशो दृकष्टिगत रखतके हहए , जिबकक धजिन अकभियतुकयों कके कवरुद्ध बलप्रात्कप्रार कप्रा आरशोप हहै उनकशो पपूवर्मा मम जिमप्रानत पप्राप्त हशो चतुककी हहै तरप्रा कववकेचनप्रा पपूणर्मा हशो चतुककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै कक पप्रारर्थी भिश्री जिमप्रानत पर ररहप्रा ककए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 10. तदनतुसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत्र स्वश्रीकप्रार ककयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 11. आवकेदक पकप्राश कशो कनम्नधलधखत शतर्दोकां कके अधिश्रीन सकांबकांधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी सकांततुकष्टि कके अनतुसप्रार एक व्यककगत बकांधिपत्र और समप्रान रप्राकश ककी दशो जिमप्रानतम पस्ततुत करनके पर उपरशोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा ककयप्रा जिप्राए: - (i) आवकेदक अकभियशोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहहीं करकेगप्रा; (ii) आवकेदक अकभियशोजिन पक कके सप्राककययों पर दबप्राव नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आवकेदक कवचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा कनयत ककी गई पत्यकेक कतधर पर उपसस्रत हशोगप्रा। Order Date :- 24.4.2025/Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench