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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 134852 (ALL)

ANUJ v. STATE OF UP THRU.SECY. HOME DEPTT. LKO

BAIL/3282/2025 · 2025-04-21

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3282 of 2025 Applicant :- Anuj Opposite Party :- State Of Up Thru.Secy. Home Deptt. Lko Counsel for Applicant :- Vineet Kumar Mishra,Malti Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविनश्रीत कक मप्रार वमशप्रा ककी तरफ सके उपससरवत वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री मननोज कक मप्रार शप्राहह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री वदिविप्राकर धससिंह कनो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पसतकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदिमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 20 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 105 बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा पचदिकेविरप्रा धजलप्रा हरदिनोई मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदिनप्रासिंक 29.01.2025 कनो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपनोरर मम यह कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार कप्रा सगप्रा भप्राई वदिनप्रासिंक 19.01.2025 कनो पप्रारर्थी कके पप्रास इलप्राज करप्रानके गयप्रा रप्रा। पप्रारर्थी ककी लप्रापरविप्राहश्री सके वशकप्रायतकतप्रार कके भप्राई ककी इलप्राज कके दिदौरप्रान ममृत्यक हनो गयश्री। 4. वशकप्रायतकतप्रार कके भप्राई ककी ममृत्यक ककी ससूचनप्रा रप्रानके पर वदिनप्रासिंक 20.01.2025 कनो हश्री दिके दिश्री गयश्री रश्री तरप्रा पसिंचप्रायतनप्रामके ककी कप्रायरविप्राहश्री वशकप्रायतकतप्रार ककी उपससरवत मम हहई रश्री। पसिंचप्रायतनप्रामके कके दिदौरप्रान सभश्री पसिंचचों नके कहप्रा वक रप्रा वक इलप्राज कके बप्रादि रूपप्रापकर इलप्राज कके धलए लके जप्रातके समय रप्रासतके मम मम ममृतक ककी ममृत्यक हहई। 5. वचकत्सककीय परश्रीकण ररपनोरर मम ममृत्यक कप्रा कप्रारण सपष्ट नहहीं हनो सकप्रा , जप्रासिंच कके धलए वविसरप्रा सकरवकत रखप्रा गयप्रा हहै। 6. वशकप्रायतकतप्रार तरप्रा ममृतक ककी पत्नश्री नके अपनके बयप्रानचों मम कहप्रा हहै वक जकखप्राम , बकखप्रार ककी दिविप्रा लकेनके ममृतक पप्रारर्थी कके यहप्राहाँ गयप्रा रप्रा। पप्रारर्थी नके उसके दिविप्रा ककी तश्रीन पकवड़ियप्रा दिश्री और एक इसिंजकेक्शन लगयप्रा रप्रा धजसकप्रा नप्राम उन लनोगचों कनो नहहीं मप्रालसूम। उसकके बप्रादि घर पर आनके पर मरश्रीज कनो उलझन हनोनके लगश्री तरप्रा 10 वमनर बप्रादि हश्री उसककी ममृत्यक हनो गयश्री। 7. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पसतकत शपर-पत कके पसतर 16 मम धिप्रारप्रा 323, 504, 506 कके एक अन्य पकरण मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दिशप्रारयश्री गयश्री हहै धजसमम उसकनो अभश्री तक वविचप्रारण कके धलए तलब नहहीं वकयप्रा गयप्रा हहै। 8. पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरनोधि करतके हहए वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक वविविकेचनप्रा कके दिदौरप्रान आरनोपचों ककी पकवष्ट हहई हहै , आरनोप-पत वदिनप्रासिंक 01.03.2025 कनो पसतकत हनो चककप्रा हहै। 9. उपरनोक तथ्यचों कनो दृवष्टगत रखतके हहए, जबवक परम ससूचनप्रा ररपनोरर कके अनकसप्रार ममृतक कप्रा इलप्राज तरप्रा ममृत्यक वदिनप्रासिंक 19.01.2025 कनो हहई तरप्रा परम ससूचनप्रा ररपनोरर 10 वदिन कके वविलसिंब सके असिंवकत करप्रायश्री गयश्री हहै तरप्रा इस दिकेरश्री कप्रा कनोई कप्रारण नहहीं दिशप्रारयप्रा गयप्रा ; न तनो पप्रारर्थी दप्रारप्रा इलप्राज वकयके जप्रानके कके कनोई पचर उपलब्धि हह और न हश्री पप्रारर्थी दप्रारप्रा कधरत रूप सके लगप्रायके गयके इसिंजकेक्शन कप्रा नप्राम बतप्रायप्रा गयप्रा हहै ; वविविकेचनप्रा पसूणर हनो चकककी; पप्रारर्थी वदिनप्रासिंक 31.01.2025 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 10. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत सविश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 11. आविकेदिक अनकज कनो वनम्नधलधखत शतरसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजसरटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्ट कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दिनो जमप्रानतम पसतकत करनके पर उपरनोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदिक अवभयनोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदिक अवभयनोजन पक कके गविप्राहचों पर दिबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदिक रटप्रायल कनोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपससरत हनोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 21.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench