Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 134840 (ALL)

PNO - 840650540 , S.I. , MAHENDRA KUMAR PATHAK v. STATE OF U.P. THRU. ITS PRIN. SECY. HOME DEPTT. AND 4 OTHERS

WRIA/4219/2025 · 2025-05-02

Karunesh Singh Pawar

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:25670 Court No. - 18 Case :- WRIT - A No. - 4219 of 2025 Petitioner :- Pno - 840650540 , S.I. , Mahendra Kumar Pathak Respondent :- State Of U.P. Thru. Its Prin. Secy. Home Deptt. And 4 Others Counsel for Petitioner :- Sushil Kumar Pathak Counsel for Respondent :- C.S.C. Hon'ble Karunesh Singh Pawar,J. 1. Heard learned counsel for the petitioner and Ms. Deepshikha, learned Chief Standing Counsel for the respondent-State. 2. The petitioner, by means of this petition, has assailed the impugned order dated 04.04.2024, the transfer order dated 28.06.2024 passed by opposite party no. 3, as well as the relieving order dated 04.03.2025. 3. Perused the record. 4. Perusal of Annexure-2 shows that at Sl. No. 21, the petitioner has been transferred from CBCID Headquarters, Lucknow to the Lucknow Zone. 5. Further perusal of Annexure-1 indicates that the transfer order was passed considering the fact that the petitioner was left with approximately one year before retirement. 2 6. Learned Chief Standing Counsel has drawn the attention of this Court to the impugned order (Annexure-1), from which it is evident that the petitioner has been posted in District Lucknow as a Sub-Inspector since 01.10.1984 till date. Thus, he cannot be allowed to remain posted at one place indefinitely. Considering his nearing retirement, a sympathetic view has already been taken, and he has been transferred within the Lucknow Zone itself. 7. The relevant portion of the impugned order contained in Annexure-1 (pages 11–12) is extracted below: 3. प्रश्नग रि याचिका म मा उ न्यायालय के पारित आदेश दिनांक पारि आदे पारित आदेश दिनांक श दिनांक दिदनांक 20.03.2025 के पारित आदेश दिनांक अनुपालन म स्पी पोस् के पारित आदेश दिनांक द्वाा याी के पारित आदेश दिनांक अचि#वक्ता के पारित आदेश दिनांक माध्यम से पारित आदेश दिनांक उपदिनीक्षक पीएनओ 840650540 महे पारित आदेश दिनांक न्द्र कु मा पाठक का प्रत्यावे पारित आदेश दिनांक दन दिदनांदिक 22.03.2025 इस मुख्यालय म दिदनांक 24.03.2025 को अग्रे पारित आदेश दिनांक काय2वाही हे पारित आदेश दिनांक ु प्राप्त हुआ है हुआ है, जि6सम याी त्त्थानान्ण निर्देश दिनांक दिनद:श दिनांक दिदनांक 22.08.2017 एवं वार्षि<क स्थानान्ण निर्देश दिनांक नीचि के पारित आदेश दिनांक दिवरू> प्राथ? का स्थानान्ण निर्देश दिनांक दिकया गया है. का स्थानान्ण निर्देश दिनांक दिकया गया है. 6बदिक उसकी से पारित आदेश दिनांक वादिनवृत्ति की अवधि मात्र D की अवचि# मात्र 11 माह श दिनांक े पारित आदेश दिनांक < होने पारित आदेश दिनांक के पारित आदेश दिनांक काण निर्देश दिनांक मुख्यालय के पारित आदेश दिनांक आदे पारित आदेश दिनांक श दिनांक दिदनांक 28.06.2024 द्वाा सीबीसीआई ी, मुख्यालय लखनH से पारित आदेश दिनांक लखनH 6ोन दिकये पारित आदेश दिनांक गये पारित आदेश दिनांक स्थानान्ण निर्देश दिनांक को दिनस् दिकये पारित आदेश दिनांक 6ाने पारित आदेश दिनांक का अनुो# दिकया गया है। 4. पुत्ति की अवधि मात्र लस अ#ीक्षक, अपा# श दिनांक ाखा, अपा# अनुसं#ान दिवभाग, उप्र लखनH के पारित आदेश दिनांक पत्र संःस-5- 9-4/2024 दिदनांक 13.05.2024 द्वाा ग्रीष्मकालीन स्थानान्ण निर्देश दिनांक व्यवस्था-2024 के पारित आदेश दिनांक अन्ग2 इकाई/ श दिनांक ाखा की सगवावचि# पूण निर्देश दिनांक 2 कने पारित आदेश दिनांक वाले पारित आदेश दिनांक दिनीक्षक नापु/ उपदिनीक्षक नापु का नामांकन/ से पारित आदेश दिनांक वादिववण निर्देश दिनांक इस मुख्यालय को उपलब्# काे पारित आदेश दिनांक हुये पारित आदेश दिनांक अपा# श दिनांक ाखा, अपा# अनुसंमान दिवभाग, उप्र लखनH से पारित आदेश दिनांक अन्यत्र स्थानान्रि दिकये पारित आदेश दिनांक 6ाने पारित आदेश दिनांक का अनुो# दिकया गया था। याी का दिववण निर्देश दिनांक दिनम्व है:- क्र 0 सं0 पद पीएनओ नाम 6न्म चिथिथ भ? चिथिथ गृह 6नपद पूव2 दिनयुदिक्त 1 उ 0 दिन0 ना0 पु0 840650540 महद्र कु मा पाठक 10/01/1966 01/10/1984 सुल्ानपु 35 पीएसी, लखनH लखनH सीबीसीआई ी लखनH सीबीसीआई ी 01.10.1984 05.06.2004 03.07.2015 03.07.2017 16.08.2017 04.06.2004 02.07.2015 02.07.2017 15.08.2017 अब क 5. पुत्ति की अवधि मात्र लस अवीक्षक, अपा# श दिनांक ाखा, अपा# अनुसं#ान दिवभाग, उप्र लखनH के पारित आदेश दिनांक उक्त पत्र दिदनांक 13.05.2024 द्वाा उपलब्# काये पारित आदेश दिनांक गये पारित आदेश दिनांक नामांकन / से पारित आदेश दिनांक वादिववण निर्देश दिनांक के पारित आदेश दिनांक आ#ा प मुख्यालय पुत्ति की अवधि मात्र लस महादिनदे पारित आदेश दिनांक श दिनांक क, उप्र लखनH के पारित आदेश दिनांक आदे पारित आदेश दिनांक श दिनांक संख्याः ी6ी- ा स्था-382/2024/1086 दिदनांक 28.08.2024 द्वाा याथी उपदिनीक्षक पीएनओ 840650540 महे पारित आदेश दिनांक न्द्र कु मा पाठक का समयावचि# के पारित आदेश दिनांक आ#ा प अपा# श दिनांक ाखा, अपा# अनुसं#ान दिवभाग, उप्र लखनH से पारित आदेश दिनांक लखनH 6ोन स्थानान्रि दिकया गया है। 6. उल्ले पारित आदेश दिनांक खनीय है दिक दिवभागीय स्थानान्ण निर्देश दिनांक भीचि मुख्यालय पुत्ति की अवधि मात्र लस महादिनदे पारित आदेश दिनांक श दिनांक क, उप्र लखनH के पारित आदेश दिनांक परिपत्र संख्याः ी6ी - ा- स्था (दिनद:श दिनांक )/ 2017/900 दिदनांक 22.08.2017 म स्थानान्ण निर्देश दिनांक श दिनांक ी<2क के पारित आदेश दिनांक प्रस्-1. 2 म दिनम्न व्यवस्था अंदिक की गयी है. 3 1- श दिनांक ासनादे पारित आदेश दिनांक श दिनांक दिदनादिकव 11.07.1986 के पारित आदेश दिनांक अनुसा दिनीक्षक व उपदिनीक्षक का एक 6नपद का अचि#कम काय2काल कमश दिनांक ः 06 व<2 व W व<2 दिन#ा2रि है था परिक्षे पारित आदेश दिनांक त्र का अचि#कम काय2काल 12 व<2 दिन#ा2रि है। इसी प्रका मुख्य आक्षी व आी का एक 6नपद का अचि#कम काय2काल कमश दिनांक ः 10 व 15 व<2 दिन#ा2रि है। इसके पारित आदेश दिनांक अचिरिक्त दिनीक्षक व उपदिनीक्षक अपने पारित आदेश दिनांक गृह परिक्षे पारित आदेश दिनांक त्र व गृह 6नपद के पारित आदेश दिनांक सीमाव? 6नपदX म दिनयुक्त नही दिकये पारित आदेश दिनांक 6ा सके पारित आदेश दिनांक है। मुख्य आक्षी आक्षी अपने पारित आदेश दिनांक सीमाव? 6नपद म दिनयुक्त नही दिकये पारित आदेश दिनांक 6ा सके पारित आदेश दिनांक है। सम्बन्धिन्# कदिनयX को उन 6नपदX म भी दिनयुक्त नही दिकया 6ा सका है, 6हाँ पर उनकी अचत सम्पत्ति हो। प उनकी अ सम्पत्ति की अवधि मात्र D हो। 2- 6नपद लखनH म दिन#ा2रि से पारित आदेश दिनांक वाकाल पूण निर्देश दिनांक 2 कने पारित आदेश दिनांक के पारित आदेश दिनांक उपान् मुख्य बाकी नापु/ ापु एवं आक्षी पुत्ति की अवधि मात्र लं लखनH न्धिस्थ अ6नपदीय इकाई से पारित आदेश दिनांक अचि#कDम 05 व<2 ही दिनयुक्त हे पारित आदेश दिनांक गे पारित आदेश दिनांक । इसी प्रका दिनीक्षक/ उपदिनीक्षक नापु भी लखनH न्धिस्थ अ6नपदीय इकाई म अचि#कम 3 व<2 ही दिनयुक्त हे पारित आदेश दिनांक ग। 6नपद लखनH के पारित आदेश दिनांक अचिरिक्त अन्य सभी 6नपदX म दिन#ा2रि 6नपदीय से पारित आदेश दिनांक वाकाल पूण निर्देश दिनांक 2 कने पारित आदेश दिनांक से पारित आदेश दिनांक उपान् कोई भी दिनीक्षक, उपदिनीक्षक, मुख्य आक्षी व आक्षी उसी 6नपद म न्धिस्थ अ6नपदीय इकाई म दिनयुक्त नहीं रह सकेगा। ह सके पारित आदेश दिनांक गा। 7 पुत्ति की अवधि मात्र लस अ#ीक्षक, अपा# श दिनांक ाखा, अपा# अनुसं#ान दिवभाग, उप्र लखनH के पारित आदेश दिनांक उक्त पत्र दिदनांक 13.05.2024 द्वाा याी के पारित आदेश दिनांक उपलब्# काये पारित आदेश दिनांक गये पारित आदेश दिनांक नामांकन/ से पारित आदेश दिनांक वादिववण निर्देश दिनांक से पारित आदेश दिनांक स्पष्ट है कि याची है दिक याी उपदिनीक्षक पीएन6ो 840650540 महे पारित आदेश दिनांक न्द्र कु मा पाठक भ? की चिथिथ दिदनांक 01.10.1984 से पारित आदेश दिनांक अबक 6नपद लखनH/ सीबीीमाई ी लखनH ( अ6नपदीय श दिनांक ाखा) म लगाा लगभग 40 व<] से पारित आदेश दिनांक 6नपद लखनH म दिनयुक्त है। इस प्रका याी 6नपद लखनH का दिन#ा2रि काय2काल पूण निर्देश दिनांक 2 क ुका है। 8. याी उपदिनीक्षक पीएनओ 840650540 महे पारित आदेश दिनांक न्द्र कु मा पाठक ने पारित आदेश दिनांक प्रत्यावे पारित आदेश दिनांक दन म अंदिक दिकया है दिक उसकी से पारित आदेश दिनांक वा मात्र 11 माह ही श दिनांक े पारित आदेश दिनांक < होने पारित आदेश दिनांक के पारित आदेश दिनांक दृदिष्ट है कि याचीग दिनस् दिकये पारित आदेश दिनांक 6ाने पारित आदेश दिनांक के पारित आदेश दिनांक सम्बं म स्पष्ट है कि याची कना है दिक जि6स समय याी का स्थानान्ण निर्देश दिनांक आदे पारित आदेश दिनांक श दिनांक मुख्यालय द्वाा दिनग2 दिकया गया था त्समय याी की से पारित आदेश दिनांक वा 01 व<2 से पारित आदेश दिनांक अचि#क होने पारित आदेश दिनांक के पारित आदेश दिनांक काण निर्देश दिनांक मुख्यालय के पारित आदेश दिनांक आदे पारित आदेश दिनांक श दिनांक दिदनांक 28.00.2024 द्वाा याी को अपा# श दिनांक ाखा, अपा# अनुसं#ान दिवभाग, उप्र लखनH से पारित आदेश दिनांक लखनH 6ोन स्थानान्रि दिकया गया था। 9. उपोक्त समग्र थ्यX प दिवाोपान् याी उपदिनीक्षक पीएनको 840050540 महे पारित आदेश दिनांक न्द्र कु मा पाक द्वाा 6नपद लखनH का दिन#ा2रि काय2काल पूण निर्देश दिनांक 2 क त्ति की अवधि मात्र लए 6ाने पारित आदेश दिनांक के पारित आदेश दिनांक काण निर्देश दिनांक अपा# श दिनांक ाखा, अपा# अनुसं#ान दिवभाग, उप्र लखनH से पारित आदेश दिनांक लखनH 6ोन दिकये पारित आदेश दिनांक गये पारित आदेश दिनांक स्थानान्ण निर्देश दिनांक को दिनस् दिकये पारित आदेश दिनांक 6ाने पारित आदेश दिनांक का कोई औचित्य नहीं रह सकेगा। पाया गया। अः मा उ न्यायालय के पारित आदेश दिनांक आदे पारित आदेश दिनांक श दिनांक 20.03.2025 के पारित आदेश दिनांक अनुपालन म याी उपदिनीक्षक पीएनको 840650540 महे पारित आदेश दिनांक न्द्र कु मा पाठक के पारित आदेश दिनांक प्रत्यावे पारित आदेश दिनांक दन दिदनांक 22.03.2025 प सम्यक दिवा दिकया गया। यात्र ी की a से पारित आदेश दिनांक की गयी प्राथ2ना दिनयमानुसा स्वीका योग्य नहीं रह सकेगा। पायी गयीं रह सकेगा।। यात्र ी का प्रत्यावे पारित आदेश दिनांक दन एद्वाा दिवस्ारि के पारित आदेश दिनांक हुए दिनस् दिकया 6ाा है।". 8. It is well settled law that the transfer is an incident of service. The petitioner cannot claim a right to remain posted at one place for over 40 years during the course of his service. 9. In the case of Shilpi Bose v. State of Bihar (1991 Supp (2) SCC 659) it has been held by Apex court that transfer is an incident of service and should not be interfered with unless it is vitiated by mala fides or is in violation of any statutory rule or is passed by an incompetent authority. 4 10. In the case of State of U.P. v. Gobardhan Lal (2004) 11 SCC 402 the Apex Court held that a government servant has no vested right to remain posted at one place or the other. He is liable to be transferred in the administrative exigencies. 11. In the case of Union of India v. H.N. Kirtania (1989) 3 SCC 445 the Apex court held that unless the transfer order is passed in violation of any mandatory rule or on extraneous considerations, the courts should not interfere. 12. Also in the case of National Hydroelectric Power Corp. Ltd. v. Shri Bhagwan (2001) 8 SCC 574, the Apex Court held that interference by courts in transfer orders should be rare and only if the transfer is mala fide or arbitrary. 13. Considering the above as well as the pronouncements of Hon'ble Supreme Court and the fact that the petitioner has also been relieved, there appears to be no illegality in the impugned transfer order as well as in the order dated 04.04.2024 (Annexure-1), which is a reasoned and speaking order. 14. The petition is accordingly dismissed. Order Date :- 2.5.2025 Madhu D.R/P.S Digitally signed by :- MADHU KUMARI High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench