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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 134664 (ALL)

MANGESH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME LKO. AND ANOTHER

BAIL/3275/2025 · 2025-04-21

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22364 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3275 of 2025 Applicant :- Mangesh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Madhulika Yadav,Devendra Kumar Singh,Jyoti Gupta,Manisha Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्रीमतश्री मधिधुधलिकप्रा यप्रादवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री जययंत धसयंह ततोमर कतो सधुनप्रा तरप्रा पतप्राविलिश्री कप्रा पररशश्रीलिन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सधुरकप्रा सयंवहतप्रा कके अयंतगरत पस्तधुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मधुकदमप्रा अपरप्राधि सयंख्यप्रा 0047 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 69, 352, 351(3) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा भश्रीटश्री धजलिप्रा अयंबकेडकरनगर मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रायंक 20.02.2025 कतो धलिखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपतोटर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक उसककी मधुलिप्राकप्रात पप्रारर्थी सके विरर 2021 मम हहई रश्री। पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतर्थी ककी इच्छप्रा कके वविरुद्ध उसकके सप्रार 2 बप्रार कप्राककी कप्रा चचौरप्रा पर लिके जप्राकर बलिप्रात्कप्रार वकयप्रा तरप्रा इसकके बप्राद उससके शप्रादश्री करनके कप्रा विप्रादप्रा वकयप्रा वकन्तधु अयंतततः शप्रादश्री करनके सके मनप्रा कर वदयप्रा। 4. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तधुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 24 विरर्थीय वनदर्दोर नवियधुविक हहै और उसकप्रा कतोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 5. पप्राररनप्रा-पत मम यह भश्री कहप्रा गयप्रा हहै वक पकक्षों नके वदनप्रायंक 19.02.2025 कतो आपस मम वविविप्राह कर धलियप्रा हहै। 6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नके पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरतोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा कके दचौरप्रान आरतोपक्षों ककी पधुवष्टि हहई हहै और पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरतोप -पत वदनप्रायंक 21.03.2025 कतो पस्तधुत वकयप्रा जप्रा चधुकप्रा हहै। 7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कके स डप्रायरश्री कके सयंगत अयंशक्षों ककी पवत न्यप्रायप्रालिय कके समक पस्तधुत ककी। 8. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके अयंतगरत अयंवकत करप्रायके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके यह कहप्रा वक विह पप्रारर्थी सके शप्रादश्री करनप्रा चप्राहतश्री हहै। 9. उपरतोक तथ्यक्षों कतो दृवष्टिगत रखतके हहए , जबवक पश्रीवड़ितप्रा नके परम ससूचनप्रा ररपतोटर मम घटनप्रा ककी वतधर कप्रा कतोई अयंकन नहहीं वकयप्रा हहै ; बलिप्रात्कप्रार कप्रा आरतोप वचवकत्सककीय परश्रीकण मम पधुष्टि नहहीं हहआ हहै ; पश्रीवड़ितप्रा नके यह कहप्रा वक विह पप्रारर्थी कके सप्रार शप्रादश्री करनप्रा चप्राहतश्री हहै तरप्रा पप्राररनप्रा -पत कके सप्रार पस्तधुत शपर -पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक वदनप्रायंक 19.02.2025 कतो पप्रारर्थी नके पश्रीवड़ितप्रा सके वविविप्राह कर धलियप्रा हहै ; वविविकेचनप्रा पसूणर हतो चधुककी हहै ; पप्रारर्थी कप्रा कतोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै ; विह वदनप्रायंक 01.03.2025 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हहै, न्यप्रायप्रालिय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 10. तद्नधुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 11. आविकेदक मयंगकेश कतो वनम्नधलिधखत शतर्दोयं कके अधिश्रीन सयंबयंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालिय ककी सयंतधुवष्टि कके अनधुसप्रार एक व्यवकगत बयंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दतो जमप्रानतम पस्तधुत करनके पर उपरतोक मप्रामलिके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयतोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयतोजन पक कके गविप्राहक्षों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालिकेगप्रा; (iii) आविकेदक टटप्रायलि कतोटर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हतोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 21.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench