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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 134663 (ALL)
LAL MOHAMMAD v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO
BAIL/3257/2025 · 2025-04-18
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 134663 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22135 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3257 of 2025 Applicant :- Lal Mohammad Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko Counsel for Applicant :- Mahendra Pratap Verma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री महकेन्द्र पतप्राप विमप्रार्मा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा ससुशश्री वनवकतप्रा वमशप्रा कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससंवहतप्रा कके असंतगर्मात पस्तसुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 17 सन 2025 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 64, 352, 351(3) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा बकेविप्रानप्रा धजिलप्रा असंबकेडकरनगर मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासंक 28.02.2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम वशकप्रायतकतर्थी नके यह कहप्रा वक उसकप्रा वविविप्राह वदनप्रासंक 13.01.2025 कको पप्रारर्थी कके पसुत कके सप्रार हहआ रप्रा। वशकप्रायतकतर्थी कप्रा पवत वविविप्राह कके तश्रीसरके वदन पसूनप्रा चलप्रा गयप्रा। वदनप्रासंक 22.02.2025 कको रप्रावत 11:30 बजिके जिब वशकप्रायतकतर्थी सको रहश्री रश्री तब पप्रारर्थी नके उसकके कमरके मम जिप्राकर उसकके सप्रार अश्लश्रील हरकत ककी, छकेड़खप्रानश्री ककी तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी दप्रारप्रा वविरकोधि करनके पर जिबरदस्तश्री गसुपप्रासंग मम उसंगलश्री ककी।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० तरप्रा धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगर्मात वदयके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा कके करननों कप्रा समरर्मान वकयप्रा।
5. पश्रीवड़तप्रा कके वचकत्सककीय परश्रीकण ररपकोरर्मा मम ककोई वविशकेष तथ्य पकप्राश मम नहहीं आयप्रा हहै।
6. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्तसुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी 25 विषर्थीय वनदर्दोष व्यवक हहै, उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै और उसके झसूसंठप्रा फसं सप्रायप्रा गयप्रा हहै।
7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा -पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान आरकोपनों ककी पसुवष्टि हहई हहै और आरकोप-पत वदनप्रासंक 07.03.2021 कको पस्तसुत वकयप्रा जिप्रा चसुकप्रा हहै।
8. उपरकोक तथ्यनों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , जिबवक पश्रीवड़तप्रा कके करन कके अवतररक और ककोई सप्रामगश्री उपलब्धि नहहीं हहै , पप्रारर्थी एक 75 विषर्थीय विवृद्ध व्यवक हहै धजिसकप्रा ककोई
आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै; वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हको चसुककी हहै ; पप्रारर्थी वदनप्रासंक 05.03.2025 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
9. तद्नसुसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
10.
आविकेदक लप्राल मकोहम्मद कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहनों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 18.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench