Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 134654 (ALL)

RAJESH KASHYAP v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. HOME SECTT. LKO AND 3 OTHERS

BAIL/3253/2025 · 2025-04-22

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22715 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3253 of 2025 Applicant :- Rajesh Kashyap Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Home Sectt. Lko And 3 Others Counsel for Applicant :- Yaduvansh Mani Singh,Ravi Kant Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A.,Dharmesh Kumar Dwivedi Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. शशिककायतकतर्ती कके अधधिवकका शश्री धिररशि कक रकार शद्विवकेदश्री नके वककालतनकारका प्रस्तकत शकयका धजिसके, अशभिलकेख पर धलयका जिकातका हहै। 2. प्रकारर्ती कके शवद्विकान अधधिवकका शश्री यदकववंशि रशणि धसवंह, शवद्विकान अपर शिकासककीय अधधिवकका प्ररर शश्री जिहैन धसवंह ततोरर तरका शशिककायतकतर्ती कके शवद्विकान अधधिवकका शश्री धिररशि कक रकार शद्विवकेदश्री कतो सकनका तरका पतकावलश्री कका अवलतोकन शकयका। 3. धिकारका 483 भिकारतश्रीय नकागररक सकरकका सवंशहतका कके अवंतगरत प्रस्तकत इस प्रकाररनका-पत द्विकारका प्रकारर्ती नके रककदरका अपरकाधि सवंख्यका 10 सनन् 2025, अन्तगरत धिकारका 64, 351(3) बश्री०एन०एस०, धिकारका 5/6 ललशगक अपरकाधिधों सके बकालकधों कका सवंरकणि अधधिशनयर व धिकारका 67 ससूचनका प्रतोधिधौशगककी (सवंशितोधिन) अधधिशनयर रकानका-जिकारतो, धजिलका-अरकेठश्री रम जिरकानत ककी प्रकाररनका ककी हहै। 4. शदनकावंक 10.01.2025 कतो प्रकारर्ती तरका उसकके अजकात सकारश्री कके शवरुद धलखकाई गई प्ररर ससूचनका ररपतोरर रम शशिककायतकतर्ती नके कहका जिब उसककी 15 वरर्तीय पकतश्री वरर 2019 रम स्कसू ल जिका रहश्री रश्री ततो प्रकारर्ती नके बकातचश्रीत कर उसके अपनके प्रकेरजिकाल रम फवं सकाकर उसकके सकार बलकात्ककार शकयका एववं घरनका कका शवशडियतो बनका धलयका। जिब शशिककायतकतर्ती ककी बकेरश्री ककी शिकादश्री तय हहई ततो प्रकारर्ती नके उक वश्रीशडियतो कतो वकायरल करनके ककी धिरककी दकेकर कई बकार उसकके सकार शिकारश्रीररक सवंबवंधि बनकायका और जिबरदस्तश्री उसककी रकावंग रम धसवंदसूर डिकालकर उसकका वश्रीशडियतो और फतोरतो बनका धलयका तरका शशिककायतकतर्ती कतो शिकादश्री ततोड़नके कके धलए बकार-बकार शववशि करनके लगका तरका इसकके बकाद आपधत्तिजिनक वन रकाइर वश्रीशडियतो फतोरतो शशिककायतकतर्ती कके हतोनके वकालके दकारकाद व अन्य ररश्तकेदकारधों कके पकास भिकेजिकर वकायरल कर शदयका, धजिस ककारणि सके पश्रीशड़तका ककी शिकादश्री रसूर गयश्री। 5. पश्रीशड़तका नके अपनके बयकान रम अपनश्री आयक 22 वरर हतोनका बतकायका तरका 17 वरर ककी आयक रम प्ररर बकार प्रकारर्ती द्विकारका शिकारश्रीररक सवंबवंधि बनकाकर उसकका वश्रीशडियतो तरका फतोरतो बनकानके एववं उसकके आधिकार पर ब्लहैकरकेल करकके कई बकार शिकारश्रीररक सवंबवंधि बनकानके कका करन शकयका। पश्रीशड़तका नके यह कहका शक वश्रीशडियतो वकायरल हतोनके कके बकाद उसनके यह बकात अपनके घरवकालधों कतो बतकायश्री। 6. कके स डिकायरश्री रम अवंशकत हहै शक अशभियकक ककी शगरफ्तकारश्री कके सरय उसकके कब्जिके सके उसकका रतोबकाइल फतोन बरकारद हहआ धजिसरम घरनका कके सरय पश्रीशड़तका कका अश्लश्रील वश्रीशडियतो सवंरशकत हहै। रतोबकाइल फतोन कतो एक पकारदशिर्ती शडिब्बके रम कब्जिके रम धलयका गयका। 7. शवद्विकान अपर शिकासककीय अधधिवकका नके उनकतो प्रकाप्त अनकदकेशिधों कके आधिकार पर कहका शक कके स डिकायरश्री रम रकात इतनका अवंशकत हहै शक पकेन डिडकाइव शवधधि शवजकान प्रयतोगशिकालका कतो जिकाजाँच हकेतक भिकेजिश्री गई हहै। प्रकारर्ती कके कब्जिके सके बरकारद रतोबकाइल फतोन रम पश्रीशड़तका कके अश्लश्रील वश्रीशडियतो हतोनके कके सवंबवंधि रम कके स डिकायरश्री रम कतोई करन नहहीं हहै। 8. प्रकारर्ती कके शवद्विकान अधधिवकका नके न्यकायकालय कके सरक प्रकारर्ती तरका कधरत पश्रीशड़तका कके दतो शचत प्रस्तकत शकए। यद्यशप वके शचत अशभिलकेख पर नहहीं हहै, शकन्तक उसरम यह शदख रहका हहै शक पश्रीशड़तका ककी रकावंग रम धसवंदसूर लगका हहै और प्रकारर्ती तरका पश्रीशड़तका दतोनधों प्रश्नशचत रकदका रम हल। 9. प्रकाररनका पत कके सकार प्रस्तकत शिपर कके प्रस्तर -23 रम तश्रीन अन्य आपरकाधधिक प्रकरणिधों रम प्रकारर्ती ककी सवंधलप्ततका दशिकारई गई हहै , धजिनरके सके एक रम उसकतो जिरकानत शरल चकककी हहै तरका दतो रम उसककी शगरफ्तकार नहहीं शकयका गयका हहै। 10. उपरतोक तथ्यधों कके दृशष्टिगत , जिबशक वरर 2019 सके अश्लश्रील वश्रीशडियतो वकायरल करनके ककी धिरककी दकेकर शिकारश्रीररक शितोरणि कका आरतोप लगकायका गयका हहै , शकन्तक शकसश्री अश्लश्रील वश्रीशडियतो ककी बरकारदगश्री हतोनका कके स डिकायरश्री सके प्रतश्रीत नहहीं हतोतका हहै; पश्रीशड़तका नके अपनके बयकान रम प्रकारर्ती द्विकारका वश्रीशडियतो कका वकायरल शकए जिकानके कका करन शकयका हहै , शकन्तक ऐसका कतोई सकाक्ष्य कके स डिकायरश्री पर उपलब्धि नहहीं हहै, धजिससके प्ररर दृष्टियका यह प्रतश्रीत हतो शक पश्रीशड़तका कका कतोई अश्लश्रील वश्रीशडियतो वकायरल शकयका गयका हहै ; प्रकारर्ती एक 22 वरर्तीय शनदर्दोर नव- यकवक हहै, जितो शदनकावंक 13.01.2025 सके जिकेल रम शनरुद हहै एववं शववकेचनका पसूणिर हतो चकककी हहै, न्यकायकालय कका रत हहै शक प्रकारर्ती जिरकानत पर ररहका शकए जिकानके कका अधधिककारश्री हहै। 11. तदनकसकार, जिरकानत प्रकाररनका-पत स्वश्रीककार शकयका जिकातका हहै। 12. आवकेदक रकाजिकेशि कश्यप कतो शनम्नधलधखत शितर्दोवं कके अधिश्रीन सवंबवंधधित रधजिस्रडकेर/न्यकायकालय ककी सवंतकशष्टि कके अनकसकार एक व्यशकगत बवंधिपत और सरकान रकाशशि ककी दतो जिरकानतम प्रस्तकत करनके पर उपरतोक रकारलके रम जिरकानत पर ररहका शकयका जिकाए: - (i) आवकेदक अशभियतोजिन सकाक्ष्य कके सकार छकेड़छकाड़ नहहीं करकेगका; (ii) आवकेदक अशभियतोजिन पक कके सकाशकयधों पर दबकाव नहहीं डिकालकेगका; (iii) आवकेदक शवचकारणि न्यकायकालय द्विकारका शनयत ककी गई प्रत्यकेक शतधर पर उपसस्रत हतोगका। Order Date :- 22.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench