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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 134438 (ALL)

RAM NARESH v. STATE OF U.P. THRU. SECY. DEPTT. OF HOME LKO.

BAIL/3247/2025 · 2025-04-18

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22036 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3247 of 2025 Applicant :- Ram Naresh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Deptt. Of Home Lko. Counsel for Applicant :- Vinay Kumar Verma,Neetesh Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविनय कक मप्रार विमप्रार्मा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रप्राजश्रीवि कक मप्रार विमप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 102 सन 2023 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 302, 201, 364 भप्रा०दसं०ससं० रप्रानप्रा जहिप्राहाँगश्रीरप्राबप्राद धजलप्रा बप्रारप्राबसंककी मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्रासंक 22.04.2023 कको पप्रारर्थी तरप्रा उसकके दको पकतत्रों कके वविरुद्ध पकष्पकेन्द्र कक मप्रार एविसं अमन विमप्रार्मा कके वविरुद्ध धलखप्राई वशकप्रायत कके आधिप्रार पर धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम यहि कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वशकप्रायतकतप्रार्मा कके सगके चप्राचप्रा हिह तरप्रा पप्रारर्थी एविसं उनकके भप्राइयत्रों कके वविरुद्ध ससंपधत्ति वविविप्राद चल रहिप्रा रप्रा धजसकके कप्रारण पप्रारर्थी कके वविरुद्ध गकण्डप्रा एक्र ककी कप्रायर्माविप्राहिश्री करकके उसके छछः मप्राहि कके धलए धजलप्रा बदर भश्री वकयप्रा गयप्रा रप्रा। इस कप्रायर्माविप्राहिश्री ककी अविधधि समप्राप्त हिकोनके कके उपरप्रान्त पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतप्रार्मा कके वपतप्रा कके सप्रार घर मम घकसकर मप्रारपश्रीर ककी तरप्रा धजसकके ससंबसंधि मम एक परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा दजर्मा हिहई रश्री। वदनप्रासंक 11.04.2023 क वशकप्रायतकतप्रार्मा कके वपतप्रा सप्राइवकल, झकोलप्रा वि मकोबप्राइल लकेकर गप्रासंवि कके पप्रास बप्राजप्रार मम सब्जश्री लकेनके गयके रके वकन्तक विहि विप्रापस नहिहीं आयके और उनककी लप्राश घर सके करश्रीब 8 वक.मश्री. दसूर सड़क पर पप्रायश्री गयश्री। शवि कके पप्रास सप्राइवकल, मकोबप्राइल, झकोलप्रा घर ककी चप्राभश्री और चप्पल बरप्रामद नहिहीं हिहआ। शवि कके पहैर कके पप्रास एक गमछप्रा रप्रा जको ममृतक कप्रा नहिहीं रप्रा। वशकप्रायतकतप्रार्मा नके ससंदकेहि व्यक वकयप्रा वक पकरप्रानश्री दकश्मनश्री कके कप्रारण अवभयककगण नके वशकप्रायतकतप्रार्मा कके वपतप्रा ककी हित्यप्रा करकके शवि कको सड़क पर फम ककर दकघर्मारनप्रा कप्रा रूप दकेनके कप्रा पयप्रास वकयप्रा। 4. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम शवि पर 17 चकोरम पप्रायश्री गयश्री तरप्रा ममृत्यक कप्रा कप्रारण ममृत्यक पसूविर्मा आयश्री चकोरत्रों कके कप्रारण आघप्रात और रक सप्रावि बतप्रायप्रा गयप्रा। 5. पप्रारर्थी ककी वनशप्रानदकेहिश्री पर पकधलस नके उसकके घर सके एक सब्बल बरप्रामद वकयप्रा तरप्रा पप्रारर्थी नके यहि स्विश्रीकप्रार वकयप्रा वक उसनके ममृतक ककी हित्यप्रा इसश्री सब्बल सके ककी रश्री। 6. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हिहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। 7. शपर-पत कके पस्तर 27 , 28 एविसं 29 मम 3 अन्य आपरप्राधधिक पकरणत्रों मम पप्रारर्थी ककी ससंधलप्ततप्रा दशप्रार्मायश्री गयश्री हिहै धजन सभश्री मम उसके दकोषमकक वकयप्रा जप्रा चककप्रा हिहै। 8. 7 अवभयकोजन सप्रावकयत्रों कके बयप्रान वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा असंवकत वकयके जप्रा चककके हिह धजनकके बयप्रानत्रों ककी पवतयप्राहाँ शपर-पत कके सप्रार ससंलग्न हिह। सभश्री बयप्रानत्रों मम पप्रारर्थी कको मप्रात ससंदकेहि कके आधिप्रार पर घरनप्रा मम ससंधलप्त हिकोनप्रा कहिप्रा गयप्रा हिहै। 9. वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान पप्रारर्थी कके दकोनत्रों पकतत्रों कके वविरुद्ध आरकोपत्रों ककी पकवष्टि नहिहीं हिहई तरप्रा वविविकेचक नके उनकके वविरुद्ध आरकोप -पत पस्तकत नहिहीं वकयप्रा। 3 अन्य व्यवकयत्रों- (1). जमप्राल खप्रान, (2). बब्लसू खप्रान एविसं (3). चप्रासंद कको पकरण मम आरकोपश्री बनप्रायप्रा गयप्रा हिहै वकन्तक उन तश्रीनत्रों कको हिश्री इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमप्रानत वमल चकककी हिहै तरप्रा जमप्रानत आदकेशत्रों ककी पवतयप्राहाँ ससंलग्न ससंख्यप्रा 21 कके रूप मम ससंलग्न हिह। 10. उपरकोक तथ्यत्रों कको दृवष्टिगत रखतके हिहए, जबवक घरनप्रा वदनप्रासंक 11.04.2023 ककी हिहै एविसं परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा वदनप्रासंक 22.04.2023 कको धलखप्राई गई हिहै; परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा अवभयककगण कको मप्रात ससंदकेहि कके आधिप्रार पर नप्रावमत वकयप्रा गयप्रा हिहै ; दकोनत्रों नप्रावमत सहि- अवभयककत्रों कके वविरुद्ध वविविकेचनप्रा मम वकसश्री भश्री आरकोप ककी पकवष्टि नहिहीं हिहई हिहै ; 7 अवभयकोजन सप्रावकयत्रों कके बयप्रान मम भश्री मप्रात ससंदकेहि कप्रा आधिप्रार हिश्री सप्रामनके आयप्रा हिहै ; तश्रीन अन्य अवभयककगण कको जमप्रानत वमल चकककी हिहै ; पप्रारर्थी वदनप्रासंक 04.09.2023 सके जकेल मम हिहै और अवभयकोजन सप्रावकयत्रों कके सप्राक्ष्य असंवकत हिको जप्रानके कके कप्रारण उसकको जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयके जप्रानके ककी सस्रवत मम अवभयकोजन सप्रावकयत्रों कको पभप्राववित करनके ककी ककोई ससंभप्राविनप्रा नहिहीं रहिकेगश्री, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 11. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 12. आविकेदक रप्राम नरकेश कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहित्रों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 18.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench