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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 134177 (ALL)
RAHUL v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME U.P. LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/3214/2025 · 2025-04-21
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 134177 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:22211 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3214 of 2025 Applicant :- Rahul Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home U.P. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Seema Kashyap,Uma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा ससुशश्री सश्रीमप्रा कश्यप तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कसु मप्रार वतविप्रारश्री कलो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 108 सन 2024 अन्तगरत धिप्रारप्रा 376, 363, 366 भप्रा०दसं०ससं० एविसं धिप्रारप्रा 5/6 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा जयधससंहिपसुर धजलप्रा ससुल्तप्रानपसुर मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रासंक 06.05.2024 कलो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपलोरर मम यहि कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वशकप्रायतकतप्रार ककी 14 विरर्थीय पसुतश्री वदनप्रासंक 02.05.2024 कलो ससुबहि करश्रीब 4 बजके घर सके वनकलकर गई और विप्रापस नहिहीं ललौरश्री।
4. धिप्रारप्रा 161 एविसं 164 दसं०प०ससं० कके असंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रानधों मम पश्रीवड़ितप्रा नके कहिप्रा वक विहि पप्रारर्थी कलो वपछलके 5 सप्राल सके जप्रानतश्री हिहै। उसकके घर विप्रालधों नके लगभग 2 मप्राहि पहिलके उसके मप्रारप्रापश्रीरप्रा रप्रा धजससके आहित हिलोकर विहि पप्रारर्थी कके पप्रास चलश्री गयश्री। उसनके पप्रारर्थी सके शप्रादश्री कर लश्री और उसकके सप्रार उसककी पत्नश्री कके रूप मम रहि रहिश्री रश्री।
5. पश्रीवड़ितप्रा नके अपनप्रा वचकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसंकप्रार कर वदयप्रा। रलोवडियलोललॉधजकल परश्रीकण मम पश्रीवड़ितप्रा ककी आयसु लगभग 16 विरर बतप्रायश्री गयश्री।
6. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तसुत शपर-पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 24 वनदर्दोर नवियसुविक हिहै और उसकप्रा कलोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
7. एक पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके यहि कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी धिप्रारप्रा 376 भप्रा०दसं०ससं० कके एक अन्य विप्राद मम दणणडित हिलो चसुकप्रा हिहै तरप्रा उसकके दप्रारप्रा पस्तसुत आपरप्राधधिक अपश्रील (वडिफके णकरवि) 87 सन 2025 इस न्यप्रायप्रालय कके समक लसंवबत हिहै।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरलोधि करतके हिहए कहिप्रा वक पप्रारर्थी धिप्रारप्रा 376 भप्रा०दसं०ससं० कके अपरप्राधि कके धलए दणणडित हिलो चसुकप्रा हिहै तरप्रा पश्रीवड़ितप्रा अवियस्क हिहै। अततः पप्रारर्थी कलो जमप्रानत पर ररहिप्रा नहिहीं वकयप्रा जप्रानप्रा चप्रावहिए। वविविकेचनप्रा पसूणर हिलो चसुककी हिहै, वविविकेचनप्रा कके दलौरप्रान आरलोपधों ककी पसुवष्टि हिहई हिहै।
9.
उपरलोक तथ्यधों कलो दृवष्टिगत रखतके हिहए , जबवक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके बयप्रानधों मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध कलोई वविशकेर करन नहिहीं वकयप्रा हिहै , वविविकेचनप्रा पसूणर हिलो चसुककी हिहै तरप्रा आरलोप पत वदनप्रासंक 27.07.2024 कलो पस्तसुत हिलो चसुकप्रा हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
10. तद्नसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै।
11. आविकेदक रप्राहिहल कलो वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दलो जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरलोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयलोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयलोजन पक कके गविप्राहिधों पर दबप्रावि नहिहीं डिप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कलोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपणस्रत हिलोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 21.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench