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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 133740 (ALL)

ANAND KUMAR v. STATE OF U.P THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/3131/2025 · 2025-04-15

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:21188 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3131 of 2025 Applicant :- Anand Kumar Opposite Party :- State Of U.P Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Suhail Kashif Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससुहहैल कप्रावशिफ तरप्रा वविदप्रान अपर शिप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री अनसुरप्राग विमप्रार्मा कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तसुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 230 सन 2024, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 87, 127(2), 64(2)बश्री०एन०एस, रप्रानप्रा-घसुसंघटकेर, धजिलप्रा- बप्रारप्राबसंककी मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासंक 16.09.2024 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम यह कहप्रा गयप्रा हहै वक वशिकप्रायतकतप्रार्मा ककी 19 विरर्थीय बहन वदनप्रासंक 14/15.09.2024 ककी रप्रात घर सके कहहीं चलश्री गई और खकोजिबश्रीन करनके पर उसके पतप्रा चलप्रा वक पप्रारर्थी वशिकप्रायतकतप्रार्मा ककी बहन कको बहलप्रा-फसु सलप्राकर भगप्रा लके गयप्रा। पश्रीवड़ितप्रा वदनप्रासंक 21.10.2024 कको वमलश्री तरप्रा धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगर्मात असंवकत अपनके बयप्रान मम उसनके अपनश्री आयसु 22 विरर्मा बतप्राई तरप्रा कहप्रा वक विह बश्री०ए० तक पढश्री हहई हहै। उसनके कहप्रा वक वदनप्रासंक 15.09.2024 ककी ससुबह पप्रारर्थी नके उसके फकोन करकके बसुलप्रायप्रा रप्रा। बप्राहर जिप्रानके पर पप्रारर्थी उसके जिबरदस्तश्री अपनश्री गप्राड़िश्री मम बहैठप्राकर लके गयप्रा। पप्रारर्थी नके उसके एक विश्रीवडियको वदखप्रायप्रा और पश्रीनके कके धलए पप्रानश्री वदयप्रा, धजिसकके बप्राद पश्रीवड़ितप्रा बकेहकोशि हको गई। हकोशि आनके पर पप्रारर्थी नके उससके शिप्रादश्री करनके कको कहप्रा , धजिस पर पश्रीवडडितप्रा नके शिप्रादश्री सके इसंकप्रार वकयप्रा, क्ययोंवक पप्रारर्थी पहलके सके शिप्रादश्री-शिसुदप्रा हहै और उसकके तश्रीन बच्चके हह। इसकके बप्राद भश्री विश्रीवडियको विप्रायरल करनके ककी धिमककी दकेकर पप्रारर्थी नके पश्रीवड़ितप्रा कके सप्रार जिबरदस्तश्री वदनप्रासंक 18.09.2024 कको लखनऊ मम शिप्रादश्री कर लश्री तरप्रा कई वदनयों तक खहैरप्राबप्राद कके पप्रास वकसश्री कमरके मम बन्द रखकर ज़बरदस्तश्री बसुरप्रा कप्राम वकयप्रा। अचप्रानक एक वदन कमरके कप्रा दरविप्राजिप्रा खसुलप्रा वमल जिप्रानके पर पश्रीवड़ितप्रा विहप्राहाँ सके भप्राग आयश्री। 4. वचवकत्सककीय परश्रीकण मम पश्रीवड़ितप्रा कके शिरश्रीर पर चकोट अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचन्ह नहहीं वमलप्रा। अल्टटप्रासकोनकोगप्राफकी जिप्राहाँच मम पश्रीवड़ितप्रा गभर्मावितश्री पप्राई गई। 5. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगर्मात असंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयसु 23 विरर्मा बतप्राई तरप्रा यह कहप्रा वक विह गप्राम पसंचप्रायत मम पसंचप्रायत सहप्रायक कके पद पर लगभग दको विरर्मा सके कप्राम कर रहश्री हहै तरप्रा पप्रारर्थी विहहीं पर सफप्राई कमर्माचप्रारश्री हहै। पश्रीवड़ितप्रा कप्रा आपधत्तिजिनक विश्रीवडियको विप्रायरल करनके ककी धिमककी दकेकर पप्रारर्थी नके उसके एक कमरके मम बसंद करकके बलप्रात्कप्रार वकयप्रा तरप्रा उससके जिबरदस्तश्री शिप्रादश्री भश्री कर लश्री। पश्रीवड़ितप्रा नके यह भश्री कहप्रा वक शिप्रादश्री करतके हहए भश्री पप्रारर्थी नके यह धिमकप्रायप्रा रप्रा वक लकोगयों कको ऐसप्रा न लगके वक विह जिबरदस्तश्री शिप्रादश्री कर रहप्रा हहै। 6. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शिपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। शिपर पत मम यह भश्री कहप्रा गयप्रा हहै वक पश्रीवड़ितप्रा तरप्रा पप्रारर्थी कके बश्रीच घवनष्ठतप्रा रश्री , वकन्तसु बप्राद मम अपनके पररविप्रारश्रीजिनयों कके दबप्रावि मम पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध बयप्रान वदयप्रा हहै। 7. वविदप्रान अपर शिप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरकोपयों ककी पसुवष्टि हहई हहै और वदनप्रासंक 21.12.2024 कको आरकोप पत पस्तसुत वकयप्रा जिप्रा चसुकप्रा हहै। 8. उपरकोक तथ्ययों कके दृवष्टिगत, जिबवक पश्रीवड़ितप्रा 23 विरर्थीय गकेजिसुएट नवि-यसुवितश्री हहै जिको वक पसंचप्रायत सहप्रायक कके पद पर कप्रायर्मारत हहै; अपनके स्वियसं कके करन कके अनसुसप्रार कप्राफकी समय तक विह पप्रारर्थी कके सप्रार रहश्री हहै; वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हको चसुककी हहै और पप्रारर्थी वदनप्रासंक 19.12.2022 सके जिकेल मम हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 9. तदनसुसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 10. आविकेदक आनसंद कसु मप्रार कको वनम्नधलधखत शितर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावशि ककी दको जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके सप्रावकययों पर दबप्रावि नहहीं डिप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हकोगप्रा। Order Date :- 15.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench