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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 133726 (ALL)
UMESH v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/3142/2025 · 2025-04-16
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 133726 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:21422 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3142 of 2025 Applicant :- Umesh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Amarjeet Singh,Krishna Gopal,Shrikant Tripathi,Shubham Dixit Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अमरजश्रीत धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री असिंशशुमप्रान विमप्रार्मा कको सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगर्मात पस्तशुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 15 सन 2025 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 137(2), 87, 64(1) बश्री०एन०एस० वि धिप्रारप्रा 3/4(2) ललवगक अपरप्राधिधों बप्रालकधों कप्रा ससिंरकण रप्रानप्रा ममैलप्रानश्री धजलप्रा खश्रीरश्री मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हमै।
3. वदनप्रासिंक 14.01.2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम वशकप्रायतकतप्रार्मा नके कहप्रा वक वदनप्रासिंक 29.12.2024 कको समय लगभग 2 बजके वदन मम पप्रारर्थी उसककी 16 विरर्थीय पशुतश्री कको भगप्रा लके गयप्रा।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतगर्मात असिंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके स्वियसिं कको आरको सके गकोलप्रा जप्रानके तरप्रा विहप्राहाँ सके पप्रारर्थी सके वमलकर पप्रारर्थी कके घर जप्रानप्रा कहप्रा। पश्रीवड़ितप्रा नके यह भश्री कहप्रा वक उसनके एक मसिंवदर मम पप्रारर्थी सके शप्रादश्री कर लश्री हमै।
5. वचकत्सककीय परश्रीकण ररपकोरर्मा मम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर ककोई चकोर अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचह्न नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा।
6. आयशु वनधिप्रार्मारण कके धलए पश्रीवड़ितप्रा कप्रा रकेवडियकोललॉधजकल परश्रीकण वकयके जप्रानके कप्रा ककोई पमप्राण पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार ससिंलग्न नहहीं हमै तरप्रा ऐसप्रा ककोई अवभलकेख वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा कको वदयके गयके अनशुदकेशधों मम भश्री नहहीं उपलब्धि हमै।
7. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतगर्मात वदयके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक उसकके मप्रातप्रा-वपतप्रा उसकको अत्यधधिक पतप्रावड़ित करतके रके इसधलए विह गशुस्सप्रा हकोकर अपनके घर सके पप्रारर्थी कके घर चलश्री गयश्री जको वक पश्रीवड़ितप्रा कप्रा ररश्तकेदप्रार हमै तरप्रा 5 मप्राह सके विह उससके प्यप्रार करतश्री रश्री। पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री मप्राहाँ सके पप्रारर्थी कके सप्रार शप्रादश्री करप्रानके कको कहप्रा रप्रा
वकन्तशु उसककी मप्राहाँ दप्रारप्रा इसिंकप्रार कर वदयके जप्रानके पर उसनके पप्रारर्थी सके सप्रार वदनप्रासिंक 30.12.2024 कको एक मसिंवदर मम शप्रादश्री कर लश्री।
8. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्तशुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हमै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हमै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हमै।
9. फदर्मा बरप्रामदगश्री मम पप्रारर्थी ककी आयशु 21 विरर्मा असिंवकत हमै।
10.
वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक इस पप्रारर्मानप्रा-पत ककी जप्रानकप्रारश्री वशकप्रायतकतप्रार्मा / पश्रीवड़ितप्रा कको पशुधलस दप्रारप्रा दश्री जप्रा चशुककी हमै। उन्हधोंनके यह भश्री कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरकोपधों ककी पशुवष्टि हहई हमै और आरकोप -पत वदनप्रासिंवकत 01.02.2025 कको पस्तशुत वकयप्रा जप्रा चशुकप्रा हमै।
11. उपरकोक तथ्यधों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , जबवक पश्रीवड़ितप्रा नके लगप्रातप्रार अपनश्री मजर्थी सके पप्रारर्थी कके सप्रार जप्राकर शप्रादश्री कर लकेनके कप्रा करन वकयप्रा हमै; आयशु वनधिप्रार्मारण हकेतशु पश्रीवड़ितप्रा कप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण नहहीं हहआ हमै और उसकके शरश्रीर पर चकोर अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचह्न नहहीं पप्रायके गयके हल ; पप्रारर्थी एक 21 विरर्थीय वनदर्दोर नवियशुविक हमै धजसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हमै; वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हको चशुककी हमै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हमै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हमै।
12. तद्नशुसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हमै।
13. आविकेदक उमकेश कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतशुवष्टि कके अनशुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तशुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहधों पर दबप्रावि नहहीं डिप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 16.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench