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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 133551 (ALL)

AMAN SINGH @ TUSHAR SINGH v. STATE OF U.P. THRU. THE PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.

BAIL/3067/2025 · 2025-04-11

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:20665 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3067 of 2025 Applicant :- Aman Singh @ Tushar Singh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. The Prin. Secy. Home Deptt. Lko. Counsel for Applicant :- Neeraj Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री नश्रीरज धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री असिंशशुमप्रान विमप्रार्मा कको सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगर्मात पस्तशुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 337 सन 2024 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 140(2), 103(1), 238 बश्री०एन०एस० वि धिप्रारप्रा 3/25 आयशुधि अधधिवनयम रप्रानप्रा गसिंगप्रा घप्राट धजलप्रा उनप्रावि मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासिंक 27.07.2024 कको 5 व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम यह कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतर्थी कके पवत वदनप्रासिंक 25.07.2024 कको 2 बजके पप्रारर्थी कके सप्रार घर सके बप्राहर गयके रके वकन्तशु उसकके बप्राद उनसके ककोई सम्पकर्मा नहहीं हहआ। समय 3 बजके वशकप्रायतकतर्थी कके दकेविर नके अभय वतपप्राठश्री कको फकोन वकयप्रा तको फकोन तशुषप्रार (पप्रारर्थी नके) उठप्रायप्रा और उसकके बप्राद विह फकोन बसिंद हको गयप्रा। पशुधलस नके एक मशुखवबर खप्रास ककी ससूचनप्रा कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी और शशुभम धससिंह कको पकडप्रा धजस पर उन लकोगयों नके बतप्रायप्रा वक वशकप्रायतकतर्थी कके पवत नके उनसके रुपयके धलयके रके। रुपयके ककी मप्रासिंग करनके पर उसनके दकेनके सके आनप्राकप्रानश्री ककी धजस पर उन लकोगयों मम झगडप्रा हहआ। सह -अवभयशुक शशुभम नके उसके पकड धलयप्रा और पप्रारर्थी नके ईसिंट सके उसकके धसर पर विप्रार वकयप्रा धजससके घप्रायल व्यवक ककी ममृत्यशु हको गयश्री। इसकके बप्राद उसकप्रा शवि गकोमतश्री नदश्री कके पशुल सके नदहीं मम फम क वदयप्रा। अवभयशुक ककी वनशप्रानदकेहश्री पर ममृतक कप्रा शवि जश्रीरर्मा -शश्रीरर्मा अविस्रप्रा मम गकोमतश्री नदश्री सके बरप्रामद हहआ धजसककी पहचप्रान पप्रारर्थी और सह-अवभयशुक शशुभम नके ककी। 4. पसिंचप्रायतनप्रामप्रा मम यह धलखप्रा हहै वक शवि कसिं कप्राल अविस्रप्रा मम रप्रा तरप्रा इसकके हहधलयप्रा कप्रा वनधिप्रार्मारर ससिंभवि नहहीं रप्रा। 5. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम यह असिंवकत हहै वक शवि पर मप्रासिंसपकेवशयप्रा उपसस्रत नहहीं रश्री। शवि गल ( decompose) गयप्रा रप्रा और वनचलके भप्राग मम ककीडके पडके हहए रके। ममृत्यशु कप्रा कप्रारर जप्रात नहहीं हको सकप्रा। डश्री.एन.ए. जप्रासिंच कके धलए शवि कके दप्रासिंत सशुरवकत रख धलयके गयके। 6. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्तशुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 7. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक पप्रारर्थी सके ममृतक नके 20 हजप्रार रुपयके उधिप्रार धलयके रके, जको रुपयके विप्रापस करनके कके धलए ममृतक नके उसके बशुलप्रायप्रा रप्रा और पप्रारर्थी अपनके रुपयके लकेकर विप्रापस चलप्रा आयप्रा रप्रा। 8. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार ममृतक कके मकोबप्राइल फकोन ककी ककॉल वडटकेल ररककॉडर्मा कप्रा वविविरर ससिंलग्न वकयप्रा गयप्रा हहै धजसकके अनशुसप्रार पप्रारर्थी तरप्रा ममृतक कके बश्रीच 14:49:48 पर एक विप्रातप्रार्मालप्राप हहई रश्री वकन्तशु उसश्री वदन पप्राचश्री धससिंह चन्दकेल सके ममृतक ककी 60 बप्रार बप्रात हहई। 9. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा कप्रा करन हहै वक आरकोप-पत वदनप्रासिंक 29.10.2024 कको पस्तशुत हको चशुकप्रा हहै तरप्रा इसककी पवत सह -अवभयशुक शशुभम कके जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत कके उत्तर मम वदयके गयके पवतशपर-पत कके सप्रार ससिंलग्न ककी जप्रा चशुककी हहै। 10. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक सह-अवभयशुक शशुभम कप्रा जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत अभश्री लसिंवबत हहै। 11. उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , जबवक पप्रारर्थी कके अवभरकप्रा मम दश्री गयश्री स्विश्रीकप्रारकोवक कके अवतररक अपरप्राधि सके उसकको जकोडनके ककी ककोई अन्य सप्रामगश्री उपलब्धि नहहीं हहै, वविविकेचनप्रा पसूरर्मा हको चशुककी हहै तरप्रा पप्रारर्थी वदनप्रासिंक 02.08.2024 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुदधि हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 12. तद्नशुसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 13. आविकेदक अमन धससिंह उफर्मा तशुषप्रार धससिंह कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतशुवष्टि कके अनशुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तशुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहयों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक टटप्रायल ककोटर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा । [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 11.4.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench