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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 133364 (ALL)

VIKAS YADAV v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/3109/2025 · 2025-04-11

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:20746 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3109 of 2025 Applicant :- Vikas Yadav Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Hanumant Lal Yadav,Shailendra Singh Chauhan Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री शशैलकेन्द्र धससिंह चचौहप्रान तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा ससुशश्री वनवकतप्रा वमिशप्रा कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मिसुकदमिप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 457 सन 2024 अन्तगरत धिप्रारप्रा 70(1), 115(2), 351(3) भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससिंवहतप्रा वि धिप्रारप्रा 5(g)/6 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससिंरकण अधधिवनयमि रप्रानप्रा लम्भसुविप्रा धजिलप्रा ससुल्तप्रानपसुर मिम जिमिप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हशै। 3. वदनप्रासिंक 21.12.2024 कको 14:25 बजिके कलल वमिशप्रा उरर श्यप्रामिजिश्री तरप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद धलखप्राई गई परमि सलचनप्रा ररपकोरर मिम यह कहप्रा हशै वक जिब वदनप्रासिंक 19.12.2024 कको रप्रावत 10 बजिके वशकप्रायतकतप्रार कके पररविप्रार कके सभश्री लकोग एक समिप्रारकोह मिम गयके रके तरप्रा उसककी बकेरश्री घर पर अकके लश्री रश्री, अवभयसुकगण नके उसकके सप्रार बलप्रात्कप्रार , मिप्रारपश्रीर ककी एविसिं वविवडियको बनप्रानके कके बप्राद जिप्रान सके मिप्रारनके ककी धिमिककी दश्री। 4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मिम कहप्रा गयप्रा हशै वक पप्रारर्थी 22 विरर कप्रा वनदर्दोर नवियसुविक तरप्रा उसकप्रा ककोई पलविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हशै। 5. धिप्रारप्रा 180 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मिम पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक पप्रारर्थी वविकप्रास अपनके घर सके इशप्रारप्रा करकके पश्रीवड़ितप्रा कको बसुलप्रा रहप्रा रप्रा , धजिस पर पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके पप्रापप्रा कके मिकोबप्राइल सके पप्रारर्थी कको कप्राल ककी तको पप्रारर्थी नके उसके अपनके घर बसुलप्रायप्रा। पश्रीवड़ितप्रा पहलके भश्री पप्रारर्थी सके बप्रातचश्रीत करतश्री रश्री। पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक उसनके मिनप्रा कर वदयप्रा तको दकोनधों अवभयसुकगण उसकके घर आयके और उसके जिबरदस्तश्री पप्रारर्थी कके घर लके गयके जिहप्राहाँ वविकप्रास नके उसकके सप्रार बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। 6. वचवकत्सककीय परश्रीकण कके समिय भश्री पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी दप्रारप्रा बलप्रात्कप्रार वकयप्रा जिप्रानप्रा कहप्रा एविसिं सह-अवभयसुक श्यप्रामिजिश्री वमिशप्रा दप्रारप्रा वविवडियको बनप्रायप्रा जिप्रानप्रा एविसिं दसुरयरविहप्रार वकयप्रा जिप्रानप्रा कहप्रा। 7. पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर वकसश्री भश्री पकप्रार ककी बप्राहरश्री-अन्दरूनश्री चकोर नहहीं पप्रायश्री गयश्री। कसु छ नमिलनके पशैरप्राललॉजिश्री जिप्रासिंच कके धलए भकेजिके गयके वकन्तसु उनककी ररपकोरर अभश्री अपप्राप्त हशै। 8. धिप्रारप्रा 183 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मिम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके पलविर कके बयप्रान कको दकोहरप्रायप्रा। 9. इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा एक अन्य सह-अवभयसुक श्यप्रामिजिश्री वमिशप्रा उरर कलल कको जिमिप्रानत पप्राररनप्रा-पत ससिंख्यप्रा 2328 सन 2025 वदनप्रासिंवकत 19.03.2025 दप्रारप्रा जिमिप्रानत पदप्रान ककी जिप्रा चसुककी हशै। 10. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उनकको पप्राप्त धलधखत अनसुदकेशधों कके आधिप्रार पर पप्राररनप्रा-पत कप्रा घकोर वविरकोधि वकयप्रा तरप्रा उन्हधोंनके कहप्रा वक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके बयप्रानधों मिम पप्रारर्थी कके वविरुद भश्री यचौन अपरप्राधि कप्रा आरकोप लगप्रायप्रा हशै। यद्यवप पश्रीवड़ितप्रा नके वविवडियको बनप्रायके जिप्रानके एविसिं उसकको विप्रायरल करनके ककी धिमिककी दकेनके कप्रा करन वकयप्रा वकन्तसु ऐसप्रा ककोई वविवडियको वविविकेचनप्रा कके दचौरप्रान बरप्रामिद नहहीं हहआ हशै तरप्रा वविविकेचनप्रा पलणर हको गयश्री हशै एविसिं आरकोप पत वदनप्रासिंक 08.01.2025 कको न्यप्रायप्रालय भकेजिप्रा जिप्रा चसुकप्रा हशै। 11. उपरकोक तथ्यधों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , जिबवक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके बयप्रानधों मिम पप्रारर्थी सके पलविर सके बप्रात हकोनप्रा तरप्रा उसकके दप्रारप्रा बलप्रात्कप्रार करनप्रा कहप्रा गयप्रा हशै , वकन्तसु वचवकत्सककीय परश्रीकण ररपकोरर सके इन करनधों ककी पसुवष्टि नहहीं हकोतश्री हशै; पप्रारर्थी दप्रारप्रा वविवडियको बनप्रायके जिप्रानके कप्रा करन वविविकेचनप्रा कके दचौरप्रान वकसश्री सप्रामिगश्री सके समिधररत नहहीं हहआ हशै , पप्रारर्थी एक 22 विरर्थीय नवियसुविक हशै, धजिसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हशै। विह वदनप्रासिंक 24.12.2024 सके कप्रारप्रागप्रार मिम वनरुद हशै, वविविकेचनप्रा पलणर हको चसुककी हशै तरप्रा सह -अवभयसुक कको जिमिप्रानत वमिल चसुककी हशै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मित हशै वक पप्रारर्थी जिमिप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हशै। 12. तद्नसुसप्रार, जिमिप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हशै। 13. आविकेदक वविकप्रास यप्रादवि कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मिधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक रयवकगत बसिंधिपत और समिप्रान रप्रावश ककी दको जिमिप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मिप्रामिलके मिम जिमिप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहधों पर दबप्रावि नहहीं डिप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 11.4.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench