Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 133357 (ALL)

SRI JITENDRA MAURYA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME U.P. LKO.

BAIL/3139/2025 · 2025-04-17

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:21642 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3139 of 2025 Applicant :- Sri Jitendra Maurya Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home U.P. Lko. Counsel for Applicant :- Saurabh Singh,Jayanti Singh Counsel for Opposite Party :- G.A.,Braj Nandan Yadav,Jaskaran Lal Maurya Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससौरभ धससिंह , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रविश्री शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्ता कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री जसकरन लप्राल मसौयर्ता कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तसुत इस पप्रारर्तानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 288 सनन् 2024, अन्तगर्तात धिप्रारप्रा 108, 352, 115(2) बश्री०एन०एस०, रप्रानप्रा-ठप्राकसु रगसिंज, धजलप्रा- लखनऊ मम जमप्रानत ककी पप्रारर्तानप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रानाँक 08.07.2024 कको 13:47 बजके पप्रारर्थी, उसकके वपतप्रा तरप्रा मप्रातप्रा कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्ता मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वशकप्रायतकतर्थी कप्रा चचकेरप्रा भप्राई हहै तरप्रा पप्रारर्थी एविसिं वशकप्रायतकतर्थी कप्रा पररविप्रार एक हश्री मकप्रान मम रहतके हह। मकप्रान कको लकेकर दकोननों पकनों कके बश्रीच न्यप्रायप्रालय मम वविविप्राद चल रहप्रा हहै, वदनप्रानाँक 08.07.2024 कको ससुबह 7 बजके अवभयसुकगण वशकप्रायतकतर्थी कके पवत कको मप्रारतके -पश्रीरतके हहए घर कके कमरके खखींच लके गए और धिप्रारदप्रार हधरयप्रार सके मप्रारकर लरकप्रा वदयप्रा। पसिंचप्रायतनप्रामप्रा ररपकोरर्ता मम असिंवकत हहै वक ससूचनप्रा पर पसुधलस जब मसौकके पर पहहनाँचश्री तब शवि कमरके मम लगके छत कके पसिंखके कके सहप्रारके लरकप्रा हहआ रप्रा, एक प्लप्रासस्रक ककी कसु सर्थी जमश्रीन मम पडश्री हहई रश्री तरप्रा कमरके कप्रा लकोहके कप्रा दरविप्राजप्रा असिंदर सके बसिंद रप्रा , धजसमम तप्रालप्रा भश्री लगप्रा हहआ रप्रा। वमसश्री कको बसुलप्राकर गप्रासिंइडर मशश्रीन सके दरविप्राजप्रा कप्रारकर कमरके मम पहहनाँचप्रा गयप्रा एविसिं शवि कको उतरविप्रायप्रा गयप्रा। शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम शर ककी त्विचप्रा कके असिंदर रक कप्रा जमप्रावि, दप्रावहनश्री ककोहनश्री कके ऊपर ससूजन तरप्रा दप्रावहनके हप्रासिंर पर एविसिं बप्रासिंई हरकेलश्री पर फरप्रा हहआ घप्रावि पप्रायप्रा गयप्रा। गलके कके चप्रारनों ओर एक नश्रीलगसू वनशप्रान धजसमम 4 सके.मश्री. कप्रा ररक स्रप्रान रप्रा, पप्रायप्रा गयप्रा एविसिं ममृत्यसु कप्रा कप्रारण लरकनके सके दम घसुरनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा। 4.पप्रारर्तानप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहखीं हहै। 5. वशकप्रायतकतर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके पप्रारर्तानप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक दकोननों पक एक हश्री पररविप्रार कके सदस्य हह एविसिं सम्पधत्ति वविविप्राद कके कप्रारण ममृतक कको मप्रार पश्रीरकर उसककी हत्यप्रा ककी गई। 6. वविविकेचनप्रा कके उपरप्रासिंत वदनप्रासिंक 01.09.2024 कको आरकोप पत पस्तसुत वकयप्रा जप्रा चसुकप्रा हहै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कके स डप्रायरश्री कके ससिंगत असिंश न्यप्रायप्रालय कके समक पस्तसुत वकए। घरनप्रास्रल पर लगके हहए सश्री०सश्री०रश्री०विश्री० कहै मरके ककी फसु रकेज़ कप्रा अविलकोकन करकके वविविकेचक नके कके स डप्रायरश्री मम असिंवकत वकयप्रा हहै वक "डश्री०विश्री०आर० ककी विश्रीवडयको फसु रकेज़ कको दकेखनके सके यह स्पष्ट हको रहप्रा हहै वक ममृतक स्वियसिं अकके लके कमरके मम जप्राकर कमरप्रा असिंदर सके बसिंद कर पसिंखके मम रस्सश्री लगप्राकर स्वियसिं फप्रासिंसश्री लगप्राकर आत्महत्यप्रा वकयप्रा हहै" 7. पप्रारर्तानप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पकनों कके मध्य ससिंपधत्ति कप्रा वविविप्राद हहै, धजसककेके ससिंबसिंधि मम मसूलविप्राद ससिंख्यप्रा 2787 सनन् 2023, धसवविल जज अविर खसिंड (दवकणश्री), लखनऊ कके न्यप्रायप्रालय मम लसिंवबत हहै। इसश्री वविविप्राद कको लकेकर घरनप्रा कके वदन पकनों मम मप्रारपश्रीर हहई रश्री , धजसमम पप्रारर्थी कको 11 चकोरम कप्राररत हहई, धजसमम अनकेक चकोरम धिप्रारदप्रार हधरयप्रार सके कप्राररत ककी गई हह। इसकके उपरप्रासिंत ममृतक नके स्वियसिं कमरके कके असिंदर जप्राकर कमरप्रा बसिंद करकके आत्महत्यप्रा कर लश्री। 8. पस्तसुत पकरण मम पप्रारर्थी ककी मप्रानाँ सह -अवभयसुक पसुष्पप्रा दकेविश्री कको इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमप्रानत पप्रारर्तानप्रा पत ससिंख्यप्रा 2405 सनन् 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 21.03.2025 दप्रारप्रा जमप्रानत दश्री जप्रा चसुककी हहै। 9. उपरकोक तथ्यनों कके दृवष्टगत , जब वक शवि एक कमरके कके असिंदर लरकतप्रा हहआ पप्रायप्रा गयप्रा, धजसमम लगप्रा लकोहके कप्रा दरविप्राजप्रा असिंदर सके बसिंद करकके तप्रालप्रा पडप्रा हहआ रप्रा एविसिं पसुधलस ककी मसौजसूदगश्री मम दरविप्राजप्रा मशश्रीन सके कप्रार कर असिंदर पहहनाँचप्रा गयप्रा; ममृत्यसु कप्रा कप्रारण लरकनके सके दम घसुरनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा हहै ; घरनप्रा मम पप्रारर्थी कको स्वियसिं हश्री 11 चकोरम आई हह, धजसमम सके कई चकोरम धिप्रारदप्रार हधरयप्रार सके कप्राररत हहईसिं एविसिं परम ससूचनप्रा ररपकोरर्ता तरप्रा वविविकेचनप्रा कके दसौरप्रान वदए गए बयप्राननों मम पप्रारर्थी कको चकोरम आनके कके ससिंबसिंधि मम ककोई करन नहखीं वकयप्रा गयप्रा हहै , धजससके यह पतश्रीत हकोतप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार्ता नके ससिंपसूणर्ता तथ्य वविविकेचक कके सप्रामनके नहखीं रखके हह; एक सह-अवभयसुक कको जमप्रानत वमल चसुककी हहै। पप्रारर्थी एक 24 विषर्थीय नवि-यसुविक हहै,धजसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहखीं हहै एविसिं विह वदनप्रासिंक 26.12.2024 सके जकेल मम वनरुद्ध हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 10. तदनसुसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्तानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 11. आविकेदक शश्री जश्रीतकेन्द्र मसौयर्ता कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्ट कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहखीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके सप्रावकयनों पर दबप्रावि नहखीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हकोगप्रा। Order Date :- 17.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench