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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 133260 (ALL)
VISHAL RAJBHAR v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/3043/2025 · 2025-04-10
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 133260 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:20463 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3043 of 2025 Applicant :- Vishal Rajbhar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Prem Prakash Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पकेम पकप्राश धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अनसिंत पतप्राप धससिंह कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 39 सन 2025, अन्तगरत धिप्रारप्रा 137(2), 87, 64(1) बश्री०एन०एस एविसिं 3/4 पपॉक्सको एक्ट , रप्रानप्रा- अवहररौलश्री, धजिलप्रा-अम्बकेडकर नगर, मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 11.02.2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार ककी 17 विरर्थीय पसुतश्री कको पप्रारर्थी बहलप्रा फसु सलप्राकर भगप्रा लके गयप्रा।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगरत असिंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक उसककी आयसु 17 विरर हहै तरप्रा यह कहप्रा वक विह पप्रारर्थी कको एक विरर सके जिप्रानतश्री हहै, वि प्यप्रार करतश्री हहै। यह बप्रात पतप्रा लगनके पर उसकके घर विप्राललों नके उसके डप्रासिंटप्रा और विह पश्रीवड़ितप्रा ककी शप्रादश्री पप्रारर्थी सके करप्रानके कको तहैयप्रार नहहीं हहए, इस पर पश्रीवड़ितप्रा नके स्वियसिं हश्री पप्रारर्थी कको फकोन कर बसुलप्रायप्रा और गकोशप्राईगसिंजि स्टकेशन पर वमलकर विहप्रासिं सके उसकके सप्रार जियपसुर चलश्री गई , जिहप्राह पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी सके शप्रादश्री कर लश्री। मसुकदमके कके बप्रारके मम जिप्रानकप्रारश्री हकोनके पर पश्रीवडड़ितप्रा विप्रापस आ गई।
5. पश्रीवड़ितप्रा नके अपनप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसिंकप्रार कर वदयप्रा।
6. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत असिंवकत अपनके बयप्रान मम भश्री पश्रीवडड़ितप्रा नके अपनके पसूविर करन कको हश्री दकोहरप्रायप्रा हहै।
7. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 20 विरर्थीय वनदर्दोर नवि-यसुविक हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरकोपलों ककी पसुवष्टि हहई हहै और वदनप्रासिंक 04.03.2025 कको आरकोप पत पस्तसुत वकयप्रा जिप्रा चसुकप्रा हहै।
9. उपरकोक तथ्यलों कको दृवष्टिगत रखतके हहए तरप्रा वविशकेरकर पश्रीवडड़ितप्रा कके करनलों कको ध्यप्रान मम रखतके हहए न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
10. तदनसुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
11.
आविकेदक वविशप्राल रप्राजिभर कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजिस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके सप्रावकयलों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हकोगप्रा। Order Date :- 10.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench