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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 133238 (ALL)
REETU SINGH @ ANJALI @ ANJALI SINGH v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. DEPTT. OF HOME LKO. AND ANOTHERS
ABAIL/378/2025 · 2025-04-09
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 133238 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:20040 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 378 of 2025 Applicant :- Reetu Singh @ Anjali @ Anjali Singh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Deptt. Of Home Lko. And Anothers Counsel for Applicant :- Lakshmana Singh,Digvijay Singh Counsel for Opposite Party :- G.A.,Neeraj Singh Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी लक्ष्मण रससिंह , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा शनी आललोक कक मप्रार वतिविप्रारनी तिरप्रा वशकप्रायतिकतिप्रार कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी ननीरज रससिंह कलो सकनप्रा तिरप्रा पतप्राविलनी कप्रा अविललोकन वकयप्रा।
2. भप्रारतिनीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतिप्रा ककी धिप्रारप्रा 482/438 दसिं०प०ससिं० कके असिंतिगरति पस्तिकति इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारररननी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 375 सनन् 2023, अन्तिगरति धिप्रारप्रा 498-A, 304-B भप्रा०द०ववि० एविसिं 3/4 दहकेज पवतिषकेधि अरधिवनयम, रप्रानप्रा ममौरप्राविप्रासिं, रजलप्रा उनप्रावि मम अवग्रिम जमप्रानति ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 27.07.2023 कलो पप्रारररननी, उसकके भप्राई, मप्रातिप्रा-वपतिप्रा एविसिं चचकेरके भप्राई कके वविरुद्ध रलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपलोरर मम वशकप्रायतिकतिप्रार नके कहप्रा वक उसककी बहन कप्रा वविविप्राह वदनप्रासिंक 28.11.2019 कलो पप्रारर्थी कके भप्राई सह - अवभयकक रप्राम लखन रससिंह कके सप्रार हहआ रप्रा। वदनप्रासिंक 27.07.2023 कलो पप्रारर्थी कके भप्राई नके वशकप्रायतिकतिप्रार कलो ससूचनप्रा दनी वक वशकप्रायतिकतिप्रार ककी बहन नके फप्रासिंसनी लगप्रा लनी हहै।
4. परम ससूचनप्रा ररपलोरर मम रलखप्रा हहै वक ससूचनप्रा पर पहहसिंचनके पर वशकप्रायतिकतिप्रार नके पप्रायप्रा वक पकरलस ककी ममौजसूदगनी मम एक दरविप्राजप्राजा़ खकलप्रा रप्रा वि अन्य दरविप्राजकेजा़
बसिंद रके। वशकप्रायतिकतिप्रार ककी बहन ककी हत्यप्रा करकके पसिंखके मम गमछप्रा बप्रासिंधिकर चप्रारपप्राई पर बहैठप्रा वदयप्रा गयप्रा रप्रा। ममौकके पर ग्रिप्राम पधिप्रान पवतिवनरधि , पतकप्रार, पकरलस पशप्रासन वि फलोरमरसक रनीम नके पहहसिंचकर जप्रासिंच करनी और शरनीर मम चलोर कके कई वनशप्रान पप्राए। वशकप्रायतिकतिप्रार नके कहप्रा वक पनीवड़ितिप्रा नके कई बप्रार फलोन सके दहकेज कके रलए पतिप्रावड़िति करनके ककी ससूचनप्रा दनी रनी।
5. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम शवि पर गलके पर लरकनके कप्रा वचन्ह पप्रायप्रा गयप्रा , वकन्तिक इसकके अवतिररक फरप्रा हहआ घप्रावि और कई ससूजन भनी रनी। ममृत्यक कप्रा कप्रारण लरकनके कके कप्रारण दम घकरनप्रा बतिप्रायप्रा गयप्रा हहै।
6.
वशकप्रायतिकतिप्रार नके धिप्रारप्रा 161 दसिंड पवक्रियप्रा ससिंवहतिप्रा कके असिंतिगरति असिंवकति अपनके बयप्रान मम परम ससूचनप्रा ररपलोरर कके करननों कप्रा समररन वकयप्रा। ममृतिकप्रा कके वपतिप्रा नके भनी अपनके बयप्रान मम परम ससूचनप्रा ररपलोरर कके करननों कलो हनी दलोहरप्रायप्रा। वविविकेचनप्रा कके उपरप्रासिंति पप्रारररननी कके मप्रातिप्रा -वपतिप्रा एविसिं भप्राई कके वविरुद्ध वदनप्रासिंक 25.9.2023 कलो आरलोप पत पस्तिकति हहआ तिरप्रा पप्रारररननी और उसकके चचकेरके भप्राई कके वविरुद्ध आरलोप पत पस्तिकति नहहीं हहआ। न्यप्रायप्रालय नके वदनप्रासिंक 26.10.2023 कलो अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लकेकर वविचप्रारण पप्रारसिंभ वकयप्रा।
7. तिनीन अवभयलोजन सप्रावकयनों कके बयप्रान असिंवकति हलोनके कके उपरप्रासिंति धिप्रारप्रा 319 दसिंड पवक्रियप्रा ससिंवहतिप्रा कके असिंतिगरति पप्रारररननी कलो वविविरण हकेतिक तिलब वकयप्रा गयप्रा। अवभयलोजन सप्रावकयनों एक वशकप्रायतिकतिप्रार हहै तिरप्रा अवभयलोजन सप्रावकयनों दलो ममृतिकप्रा कके वपतिप्रा हह और उन दलोननों नके परम ससूचनप्रा ररपलोरर कके करननों कप्रा हनी दलोहरप्रायप्रा हहै। अवभयलोजन सप्राकनी ससिंख्यप्रा तिनीन कके रूप मम वशकप्रायतिकतिप्रार ककी 11 विषर्थीय पकतनी कलो परनीवकति करप्रायप्रा गयप्रा हहै रजसनके यह कहप्रा वक घरनप्रा एक 20 वदन पसूविर सके विह पनीवड़ितिप्रा कके सप्रार उसकके घर मम रह रहनी रनी और घरनप्रा विप्रालनी रप्राति विह ममौजसूद रनी और उसनके सभनी अवभयककगण दप्रारप्रा पनीवड़ितिप्रा कके सप्रार कहप्रासकननी और मप्रारपनीर करनप्रा कहप्रा तिरप्रा यह कहप्रा वक उसकके रलोनके पर पप्रारररननी उसके अलग कमरके मम लके गई और दरविप्राजप्रा बप्राहर सके बसिंद कर वदयप्रा। विह रप्राति भर रलोतिनी रहनी और पनीवड़ितिप्रा ककी बचप्रावि -बचप्रावि ककी आविप्राज उसके सकनप्राई पड़िनी। सकबह जब विह उठनी तिब दरविप्राजप्रा खकलप्रा रप्रा , पनीवड़िकप्रा कप्रा शवि
छति कके छलके सके लरकप्रा रप्रा और चप्रारपप्राई पर उसकके पहैर रखके हहए रके। उसकके पप्रापप्रा(वशकप्रायतिकतिप्रार), बप्राबप्रा, दप्रादनी तिरप्रा पररविप्रार कके अन्य ललोग आ चककके रके। इस बयप्रान कके आधिप्रार पर पप्रारररननी कलो वविचप्रारण हकेतिक आहहति वकयप्रा गयप्रा हहै।
8. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तिकति शपर पत मम कहप्रासिं गयप्रा हहै वक पनीवड़ितिप्रा एक 30 विषर्थीय वविविप्रावहतिप्रा हहै, जलो अपनके ससकरप्राल मम अपनके पवति कके सप्रार रह रहनी हहै और वितिरमप्रान मम विह 38 सपप्राह ककी गभरवितिनी हहै।
9.
वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा तिरप्रा वशकप्रायतिकतिप्रार कके वविदप्रान अरधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरलोधि करतिके हहए कहप्रा ककी धिप्रारप्रा 319 दसिंड पवक्रियप्रा ससिंवहतिप्रा कके असिंतिगरति पप्राररति आदकेश कके वविरुद्ध पनीवड़ितिप्रा नके आपरप्रारधिक वनगरप्राननी ससिंख्यप्रा 59 सनन् 2025 पस्तिकति ककी रनी, जलो वदनप्रासिंक 5.2.2025 कके आदकेश सके वनरस्ति हलो चकककी हहै।
10. उपरलोक तिथ्यनों कके दृवष्टिगति, जबवक परम ससूचनप्रा ररपलोरर ममृतिकप्रा कके भप्राई नके रलखप्राई तिरप्रा ममृतिकप्रा कके भप्राई एविसिं वपतिप्रा नके अपनके बयप्राननों मम पप्रारररननी कके वविरुद्ध कलोई वविशकेष करन नहहीं वकयप्रा हहै। यद्यवप उन्हनोंनके यह कहप्रा हहै वक पप्रारररननी अन्य अवभयककगण कके सप्रार पनीवड़ितिप्रा कलो पतिप्रावड़िति करतिनी रनी , उन्हनोंनके यह नहहीं कहप्रा वक पप्रारररननी वविविप्रावहतिप्रा हहै और अपननी ससकरप्राल मम रहतिनी हहै; पप्रारररननी ककी घरनप्रास्रल पर उपसस्रवति परम बप्रार अवभयलोजन सप्राकनी ससिंख्यप्रा तिनीन कके बयप्रान मम आई, जलो वशकप्रायतिकतिप्रार ककी 11 विषर्थीय पकतनी हहै और वशकप्रायतिकतिप्रार नके परम ससूचनप्रा ररपलोरर अरविप्रा धिप्रारप्रा 161 दसिं०प०ससिं० कके असिंतिगरति अपनके बयप्रान अरविप्रा न्यप्रायप्रालय कके समक वदए गए अपनके बयप्रान मम अपननी 11 विषर्थीय पकतनी ककी घरनप्रास्रल पर उपसस्रवति नहहीं कहनी रनी, पप्रारररननी एक मवहलप्रा हहै जलो ककी 38 सपप्राह ककी गभरवितिनी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मति हहै वक पप्रारररननी अवग्रिम जमप्रानति पप्रानके ककी अरधिकप्राररणनी हहै।
11. तिदनकसप्रार, अवग्रिम जमप्रानति पप्राररनप्रा-पत स्विनीकप्रार वकयप्रा जप्रातिप्रा हहै।
12.
उपरलोक मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा मम आविकेवदकप्रा ककी वगरफ्तिप्रारनी/न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रवति ककी दशप्रा मम , उसके ससिंबसिंरधिति रप्रानके कके भप्रारसप्राधिक
अरधिकप्रारनी/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतिकवष्टि कके अनकसप्रार व्यवकगति बसिंधि पत एविसिं दलो पवतिभसू पस्तिकति करनके पर परनीकण कके असिंवतिम रूप सके वनस्तिप्रारण तिक, वनम्न शतिरसिं कके अधिनीन अवग्रिम जमप्रानति पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राएगप्राग- क- आविकेवदकप्रा, यवद आविश्यक हलोगप्रा तिलो पकरलस अरधिकप्रारनी दप्रारप्रा जजॉच हकेतिक अपकेवकति समय पर उपसस्रति हलोगनी। ख- आविकेवदकप्रा मप्रामलके कके तिथ्यनों सके पररवचति वकसनी व्यवक यप्रा पकरलस अरधिकप्राररयनों कलो पत्यक यप्रा परलोक रूप सके कलोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पललोभन नहहीं दकेगनी रजससके वक विह ऐसके तिथ्य कलो न्यप्रायप्रालय कके समक यप्रा वकसनी पकरलस अरधिकप्रारनी कके समक पकर न करनके पर मप्रान जप्राए। ग- आविकेवदकप्रा अदप्रालति ककी पसूविर अनकमवति कके वबनप्रा भप्रारति नहहीं छलोड़िकेगनी; घ- आविकेवदकप्रा कलो पत्यकेक वनधिप्रारररति वतिरर पर रटप्रायल कलोरर कके समक उपसस्रति हलोनप्रा हलोगप्रा, जब तिक वक व्यवकगति उपसस्रवति सके छसू र न दनी गयनी हलो; ङ- आविकेवदकप्रा अवभयलोजन पक कके गविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगनी / धिमककी नहहीं दकेगनी। च- आविकेवदकप्रा वविविकेचनप्रा एविसिं वविचप्रारण कके दमौरप्रान सहयलोग करकेगनी और जमप्रानति ककी स्वितिसिंततिप्रा कप्रा दकरुपयलोग नहहीं करकेगनी। Order Date :- 9.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench