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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 133233 (ALL)
PRINCE SHUKLA @ NIHAL SHUKLA AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO AND ANOTHER
ABAIL/391/2025 · 2025-04-11
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 133233 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:20625 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 391 of 2025 Applicant :- Prince Shukla @ Nihal Shukla And Another Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko And Another Counsel for Applicant :- Rajat Pratap Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रजत पतप्राप धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री अननुरप्राग विमप्रार्मा कको सनुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सनुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगर्मात पस्तनुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मनुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 278 सन 2018 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 376- , 341, D 392, 506 भप्रा०दसिं०ससिं० वि धिप्रारप्रा 3 (2)(5) अननुससूवचित जप्रावत एविसिं अननुससूवचित जनजप्रावत वनविप्रारण अधधिवनयम रप्रानप्रा धसधिधौलश्री जनपद सश्रीतप्रापनुर मम अवग्रिम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै।
3. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारसिंवभक आपधत्ति पस्तनुत करतके हहए करन वकयप्रा वक आपरप्राधधिक अपश्रील ससिंख्यप्रा 3364 सन 2024 पस्तनुत करकके वविचिप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा तलबश्री आदकेश वदनप्रासिंवकत 03.10.2024 ककी विहैधितप्रा कको चिनुनधौतश्री दश्री हहै तरप्रा उस अपश्रील मम पप्रारर्थी नके यह असिंतररम अननुतकोष मप्रासिंगप्रा हहै वक उपरकोक आदकेश कप्रा वक्रियप्रान्वियन स्रवगत कर वदयप्रा जप्राय।
4. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके सश्रीररयस फफ्रॉड इन्विकेस्टश्रीगकेशन ऑवफिस बनप्राम आवदत्य शप्रारदप्रा, स्पकेशल लश्रीवि वपवटशन वक्रिवमनल नसिंबर 13956 सन 2023 मम मप्राननश्रीय उच्चितम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पप्राररत वनणर्माय वदनप्रासिंक 09.04.2025 कप्रा आशय धलयप्रा,धजसमम मप्राननश्रीय उच्चितम न्यप्रायप्रालय नके यह कहप्रा वक जहप्राहाँ वविविकेचिनप्रा कके उपरप्रान्त आरकोप-पत न्यप्रायप्रालय मम पस्तनुत हको चिनुकप्रा हको यप्रा सम्मन अरविप्रा विप्रारण्ट वनगर्मात हको चिनुकके हह अरविप्रा अवभयनुक विप्रारण्ट पप्राप्त करनके सके बचि रहप्रा हको तरप्रा न्यप्रायप्रालय नके परम दृष्टयप्रा अवभयनुक कको गसिंभश्रीर आधरर्माक अपरप्राधि अरविप्रा जघन्य अपरप्राधि कको दकोषश्री पप्रायप्रा हको ,ऐसश्री सस्रवत मम अवभयनुक कको अवग्रिम जमप्रानत दके दश्री जप्रानश्री चिप्रावहए।
5. पस्तनुत पकरण मम पप्रारर्थी ककी असिंतररम अननुतकोष पप्रारर्मानप्रा-पत इस न्यप्रायप्रालय कके समक
अपश्रील ससिंख्यप्रा 3364 सन 2024 मम लसिंवबत हहै ऐसश्री पररसस्रवत मम धजस अननुतकोष कप्रा आशय यह हकोगप्रा वक पप्रारर्थी कको वगरफ्तप्रार न वकयप्रा जप्राय। ऐसश्री पररसस्रवत मम एक अन्य पश्रीठ दप्रारप्रा उपरकोक पप्रारर्मानप्रा -पत कके लसिंवबत हकोनके कके दधौरप्रान पप्रारर्थी कप्रा अवग्रिम जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रानप्रा उवचित नहहीं पतश्रीत हकोतप्रा हहै।
6. तद्ननुसप्रार, इस स्तर पर पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक विह इस पप्रारर्मानप्रा-पत पर बल नहहीं दकेनप्रा चिप्राहतके हह तरप्रा विह अपश्रील मम लसिंवबत पप्रारर्मानप्रा-पत पर हश्री बल दमगके।
7.
तद्ननुसप्रार, पस्तनुत पप्रारर्मानप्रा-पत बल न दकेनके कके आधिप्रार पर वनरस्त वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 11.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench