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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 133226 (ALL)

HARI BHAN DUTT v. DEPUTY DIRECTOR OF CONSOLIDATION FAIZABAD and 5 ORS

WRIB/1249/2003 · 2025-05-15

Saurabh Lavania

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:28607 Court No. - 7 Case :- WRIT - B No. - 1249 of 2003 Petitioner :- Hari Bhan Dutt Respondent :- Deputy Director Of Consolidation Faizabad And 5 Ors Counsel for Petitioner :- Onkar Nath Tiwari Counsel for Respondent :- C.S.C,Narendra Singh Hon'ble Saurabh Lavania,J. 1. Heard Shri Onkar Nath Tiwari, learned counsel for the petitioners and Shri Hemant Kumar Pandey, learned Standing Counsel for State-respondents. 2. By means of the instant petition, the petitioner has challenged the order dated 19.11.2003 (Annexure No. 1 to the petition) passed by opposite party no. 1/Deputy Director Of Consolidation, Faizabad (in short "D.D.C."); the order dated 05.09.2003 (Annexure No. 2 to the petition) passed by opposite party no. 2/Settlement Officer of Consolidation, Faizabad (in short "S.O.C."), and the order dated 16.04.2003 (Annexure No.3 to the petition) passed by opposite party no.3/Consolidation Officer, Kuchera Baza, Faizabad (in short "C.O."), in the proceedings instituted under U.P. Consolidation of Holdings Act, 1953 (in short "Act of 1953"). 3. Being relevant, the order dated 19.11.2003 is extracted herein-under :- " उतर पददश जजत चकबनदद अधधननयम कक धधरध- 48 अनतररत यह 2 ननररधनद नवदधन बनदजबसत अधधकधरद चकबनदद कद आददश नदनधनक 5-9-2003 कद नवरद उसद अववधधननक तथध नवधध नवरद बतधतद हहए उसद ननरसत नकयद जधनद कक यधचनध सनहत पसततत कक रई हव। दजनन हद ननररधननयन पककधरन तथध नववधद ननषय मम परसपर समबननधत हम। अतत सतनवधध कद दनषकजण सद इन दजनन हद ननररधननयन कज समदनकत करतद हहए इनकध ननसतधरण एक हद आददश दधरध नकयध जधतध हव। ननररधनद सनखयध - 1920 कक पतधवलद अगणद हजरद तथध यहद आददश ददसरद ननररधनद पतधवलद पर भद पभधवद हजरध। मवनद पककधर कक ओर सद पसततत नकयद रयद तकरन कज नवसतधर सद सतनध तथध गधम अनभलदखन एवन भदनमकध कध भधलभधननत अवलजकन एवन अधययन नकयध । यह दजनन ननररधननयधन कधलवधधधत हम, नकनतत ननररधनदकतधर कक ओर सद नवलमब कध कधरण दशधरतद हहए शपथ- पत नदयध रयध हव अतत उदधर दनषकजण अपनधतद हहए भधरतदय सदमधवधध अधधननयम कक धधरध-5 कध लधभ पदधन करतद हहए नवलमब कध मषरण नकयध जधतध हव। ननररधनदकतधर शदमतद ननमरलधददवद कक ओर सद पसततत नकयद रयद तकरन मम मतखयतयध यह कहध रयध हव नक रधटध सनखयध-2143 उसकद आवधस सरहदद गधम - करमडधडध सद कधफक ददरद पर हव, इसकद नवपरदतत बचत भदनम रधटध सनखय - 1859, 1861, 1862 1863 आनद अपदकधकक त ननकट हव। अतत उसकक यधचनध हव नक रधटध सनखयध- 2143 कज बचत करतद हहए रधटध सनखयध- 1859, 1861 आनद बचत पर उक पनदष नकयध जधय। ननररधनदकतधर हररभधनदत कक ओर सद पसततत नकयद रयद तकरन मम यह कहध रयध हव नक पदवर अननकत खधतददधर सतरसतद सद नतमधइसद बवनधमध धलयध धलयध रयध हव धजसकद आधधर पर दधधखल खधररज करधकर अपनध नधम बवनधममदधरन दधरध अननकत करध धलयध रयध हव। उक बवनधमन कद ननरसतदकरण हदतत वधद ददवधनद नयधयधलय मम नवचधरधधदन हव। अतत नववधदगसत भदनम यथधवत रखद जधय । इस ननररधनदकतधर कद कथन कध नवरजध पनतपकदरण अननकत खधतदधर दधरध नकयध रयध हव तथध ननररधनदकतधर कज उनकद पसतधनवत चक कद नवरद कत छ कहनद कध अधधकधर न हजनध कहध रयध हव। पसततत नकयद रयद तकरन कद पररपदकय मम नवनदत हजतध हव नक वसतततत ननररधनदकतद शदमतद ननमरलधददवद कद आवधस जज सरहदद गधम करमडधडध मम हव सद रधटध सनखयध- 2193 कधफक ददरद पर हव, धजससद उनहम कक नष कधयर करनद मम असतनवधध हजनध सवधभधनवक हव, उनहम उक बचत भदनम पर चक पनदष नकयद जधनद कध नवरजध नकसद दधरध नहह नकयध रयध हव। चकबनदद नकयधयन कद अनतररत चकन कध पददशन अननकत खधतददधर कक सतनवधध कज दनषरत रखतद हहए नकरद जधनद पधवधधन हव। इन पररनसथनतयन मम बचत भदनम रधटध सनखयध-1861, 1862 आनद पर चक पनदष नकयद जधनद मम अनननचतय नहह हव, तदनतसधर उक बचत भदनम पर इसद चक पनदष नकयध जधतध हव तथध रधटध सनखयध -2143 पर पनदष उसकद चक कज बचत नकयध जधतध हव। जहधह तक ननररधनदकतधर हररभधनदत कक ओर पसततत तकर कध पशन हव, यह तथय नननवरवधद हव नक नववधदगसत भदनम पर अभद तक कधफक अरसध सद बवनधमधदधरन कद पक मम नधमधनतरण हजकर उनकध उनकध नधम गधम अनभलदखन मम अनभधलधखत चलध आ रहध हव। अतत उनकद नधम अननकत भदनम कद मदलयधनकन कध चक उनहम अपनद सतनवधधनतसधर पधप करनद कध पदणर अधधकधर हव। ननररधनदकतधर हररभधनदत कध नधम नकसद भद सकम नयधयधलय सद अभद तक अननकत नहह हहआ हव और न हद ऐसध कजई सधकय पतधवधलत नकयध जध सकध हव धजससद यह जधत हजतध नक कधथत बवनधमध नकसद सकम नयधयधलय ननरसत नकयध रयध हव, ऐसद नसथनत मम गधम अनभलदखन खधतददधर न हजनद कद कधरण उनकक ननररधनद पजषणदय नहद हव। जब नववधनदत भदनम कद समबनध, मम ननररधनदकतधर कज नकसद पकधर कध सवतव पधप हज जधयरध तज उसकद दधरध एतदनवषयक कधयरवधहद चक पददशन आनद कक ननयमधनतसधर कक जध सकतद हव। वतरमधन मम उसद कजई उपदधन नदयध जध पधनध समभव नहह हव। तदनतसधर ननररधनद ननरधधधर हव। उपयतक नववदचन, कद आधधर पर ननररधनद सनखयध 1920 कज सवदकधर नकयध जधतध हव तथध ननररधनद सनखयध-1954 कज ननरसत नकयध जधतध हव। सनलग सनशजधन तधधलकध धजस पर मदरद हसतधकर हव, तथध जज इस आददश कध अनर हव कद अनतसधर गधम अनभलदख सनशजधधत हज। सथल पर सदमधनकन नकयध जधय। अगदतर कधयरवधहद कद पतधवधलयधन सनगहदत हज।" . 4. It is not in dispute that land involved in the case i.e. land of Gata No. 2143, situated at Village - Mehdauna Pargana - Paschim Rath, Tehsil - Milkipur, District - Faizabad (now Ayodhya). 5. At this stage, after taking of note of the fact that for claiming rights related to land in dispute the civil suit was pending when the final order dated 19.11.2003 was passed by D.D.C., on being asked, learned counsel for the petitioner states that decree of civil Court was in favor of the petitioner, thereafter, the First Appellate Court reversed the decree of the Court of first instance and against the judgment of the First Appellate Court, the second appeal is pending in which there is no stay order. 6. In view of aforesaid admitted position, this Court is of the view that no relief can be granted to the petitioner at this stage. Accordingly, challenging the order(s) dated 19.11.2003, 05.09.2003 and 16.04.2003, the petition is hereby dismissed. Interim order, if any, stands vacated. Order Date :- 15.5.2025/Mohit Singh/- Digitally signed by :- MOHIT SINGH High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench