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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 133103 (ALL)

Siv Lal and ANR. v. State THRU. PRIN. SECY., REVENUE and ORS.

WRIB/309/2025 · 2025-04-09

Saurabh Lavania

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:20029 Court No. - 7 Case :- WRIT - B No. - 309 of 2025 Petitioner :- Siv Lal And Anr. Respondent :- State Thru. Prin. Secy., Revenue And Ors. Counsel for Petitioner :- Ashok Kumar,Chandra Bhushan Singh,Muzammil Asad Counsel for Respondent :- C.S.C.,Dilip Kumar Pandey Hon'ble Saurabh Lavania,J. 1. Heard learned counsel for the petitioner, learned State Counsel and perused the material brought on record. 2. By means of this petition, the petitioner has assailed the 10.09.2012 passed by Sub-Divisional Magistrate, Finance/Revenue, Unnao in Case No.157/58 (State Vs. Shivlal & others), under section 198(4) of U.P. Zaminidari Abolition & Reforms Act, 1950 (in short 'Act of 1950') together with order dated 27.01.2025 passed by Member (Judicial) Finance/Revenue, Lucknow, as contained in Annexure No.1 and 6 respectively to this writ petition. 3. Brief facts of the case which are relevant for adjudication of the present petition are as under. (i) As per the case set up by the petitioners, the patta of the land was provided to them, i.e. Shivlal s/o Piyare and Ramdevi w/o Shivlal after carrying out the procedure provided in the relevant provision, i.e. Sections 195 to 198 of the Act of 1950 in relation to land, i.e. Gata No.201-M, area 0.065 hect. situated at Allauddinpur, Pargana Fatehpur-84, Tehsil- Safiipur, District- Unnao way back in the year 2008. (ii) It would be apt to indicate at this stage that from the record it appears that the patta in the year 2002 was also provided to Sriram s/o Chiranju and Nirmala Devi in relation to Gata No.202M, area 0.252 hect. situated at Allauddinpur, Pargana Fatehpur-84, Tehsil- Safiipur, District- Unnao. (iii) Patta in relation to Gata No.202M, area 0.252 hect. in the above named village was also provided to Ram Shankar s/o Kedari and Shakuntala Devi s/o Ram Shankar in the year 2008. (iv) The record also indicates that after the report dated 20.08.2010, the following case(s) were instituted in terms of Section 198(4) of Act of 1950 against the persons named above. It would be apt to indicate that as per the report dated 20.08.2010 the land was not vacant. (a) Case No.154/55 (State Vs. Shri Ram & others) (b) Case No.155/56 (State Vs. Ram Shankar & others) (c) Case No.157/58 (State Vs. Shiv Lal & others) 4. All the aforesaid cases were decided vide order dated 10.09.2012 passed by Additional Collector, Finance & Revenue, Unnao. The order dated 10.09.2012 which is impugned in the present petition was passed after providing opportunity of hearing to the concerned persons including the petitioners. The relevant portion of the order dated 10.09.2012 reads as under. Shri Ram & others) (b) Case No.155/56 (State Vs. Ram Shankar & others) (c) Case No.157/58 (State Vs. Shiv Lal & others) 4. All the aforesaid cases were decided vide order dated 10.09.2012 passed by Additional Collector, Finance & Revenue, Unnao. The order dated 10.09.2012 which is impugned in the present petition was passed after providing opportunity of hearing to the concerned persons including the petitioners. The relevant portion of the order dated 10.09.2012 reads as under. "तहससीलददार सफफीपपुर ददारदा स्वपप्रेररत आख्यदायय ददनदानांदकित 20-8-10 धदारदा-198(4) ज०दव०अधध० किप्रे अन्तररत किलप्रेक्टर उनदाव किप्रे न्यदायदालय मय पप्रेदषित दकिए जदानप्रे पर वदाद दजर रधजस्टर हहोकिर इस न्यदायदालय मय दनस्तदारण हप्रेतपु पदाप हहोनप्रे पर पचधलत हहए। आख्यदाओनां किहो उपधजलदाधधकिदारसी सफफीपपुर ददारदा अग्रसदाररत दकियदा रयदा हहै। उक्त आख्यदाओनां मय उलप्रेख दकियदा रयदा हहै दकि दववदाददत रदाटदा सनांख्यदा 202 दम० रकिवदा 0.252 हप्रे० किदा आवन्टन आवन्टसीरण शसीरदाम पपुत दचरन्जजू व दनमरलदा दप्रेवसी पत्नसी शसीरदाम व रदाटदा सनां०-202 दम० रकिवदा 0.252 हप्रे० किदा आवन्टन आवन्टसीरण रदाम शनांकिर पपुत किप्रे ददारसी व शकिपु न्तलदा दप्रेवसी पत्नसी रदाम शनांकिर व रदाटदा सनां 0-202 दम० रकिवदा 0.187 हप्रे० व रदाटदा सनांख्यदा 201 दम० रकिवदा 0.065 हप्रे० किदा आवन्टन आवन्टसीरण दशवलदाल पपुत दपयदारप्रे व रदामदप्रेवसी पत्त्नसी दशवलदाल दनवदाससीरण पनांदडितखप्रेडदा मजरदा अलदाउ दसीनपपुर पररनदा फतप्रेहपपुर-84 तहससील सफफीपपुर धजलदा उनदाव किप्रे पक्ष मय दकियदा रयदा हहै। दववदाददत भजूदम पर ममौकिप्रे पर आबदादसी बससी हहयसी हहै, अकिक दषिकि हहै। आवन्टन दनरस्त दकिए जदानप्रे किफी यदाचनदा किफी रयसी हहै। न्यदायदालय ददारदा दवपक्षसीरणहो किहो नहोदटसप्रे दनररत किफी रयसी । दवपक्षसीरण किफी ओर सप्रे मपुख्य रूप सप्रे यह किहदा रयदा हहै दकि समस्त औपचदाररकितदाएनां पजूणर किरकिप्रे आवन्टन दकियदा रयदा हहै। रदाजस्व अदभलप्रेखखों मय उनकिदा दनयमदानपुसदार अमल दरदामद हहो चपुकिदा हहै। दववदाददत भजूदम रदाजस्व अदभलप्रेखखों मप्रेबनांजर भजूदम दजर रहसी हहै । आबदादसी किप्रे रूप मय अदभलप्रेखखों मय दजर नहहीं हहै और न हसी आबनांदटत भजूदम किदा उपयहोर आबदादसी किप्रे रूप मय दकियदा जदा रहदा हहै । पदारर्थीरण भजूदमहसीन खप्रेदतहर मजदजूर हहै और अनपुसजूदचत जदादत किप्रे हहै। वतरमदान पधदान चपुनदावसी रनांधजश किप्रे किदारण रनांधजश मदानतप्रे हहै धजसकिफी दबनदा पर लप्रेखपदाल सप्रे सदानांठ रदानांठ किरकिप्रे पदारर्थीरण किहो नपुकिशदान पहहनांचदानप्रे किप्रे उ दप्रेश्य सप्रे रलत आख्यदा दभजवदाई हहै। पस्तपुत वदाद किदालबदाधधत हहै जहो दकिससी भसी रूप मय पहोषिणसीय नहहीं हहै खदाररज दकिए जदानप्रे यहोग्य हहै। अन्त मय वदाद किहो दनरस्त किर आवन्टन बदस्तजूर किदायम रखनप्रे किफी यदाचनदा किफी रयसी हहै। रदाज्य पक्ष किफी ओर सप्रे फफी०डिब्लजू- 1 किप्रे रूप मय क्षप्रेतसीय लप्रेखपदाल किप्रे बयदान किरदायप्रे रयप्रे हहै धजसनप्रे अपनप्रे मपुख्य बयदान मय किहदा हहै दकि दववदाददत भजूदम सनां0-202 दम० पर आबदादसी व सडकि तरदा अम्बप्रेडिकिर भवन सस्रत हहै तरदा रदाटदा सनां 0-187 पर आबदादसी व किन्डिदा, बदठयदा व घजूरप्रे आदद किप्रे रडप्रे हहै। किक दषि यहोग्य भजूदम नहहीं हहै। पटदा रलत हहो रयदा हहै। दवपक्षसीरण किफी ओर सप्रे डिसी०डिब्लजू० - 1 किप्रे रूप मय वदादसीरण नप्रे स्वयनां अपनप्रे बयदान अनांदकित किरदायप्रे हहै तरदा डिसी०डिब्लजू०-2 किप्रे रूप मय शम्भजू पपुत नन्हदा किहो न्यदायदालय मय परसीदक्षत किरदायदा हहै धजसनप्रे वदादसीरण किप्रे किरन किदा समररन दकियदा हहै। पश्नरत वदाद एकि हसी ग्रदाम सप्रे सम्बनांधधत हहै तरदा उनमय एकि हसी दवन्दपु किदा दनस्तदारण दकियदा जदानदा हहै ऐससी सस्रदत मय तसीनखों वदादहो किदा दनस्तदारण एकिजदाई किरकिप्रे दकियदा जदातदा हहै । मपुख्य वदाद , वदाद सनांख्यदा 154/55 सरकिदार बनदाम शसीरदाम आदद बनदायदा जदातदा हहै। महैनप्रे रदाज्य पक्ष किफी ओर सप्रे उपसस्रत दवददान धजलदा शदासकिफीय अधधवक्तदा (रदा०), उनदाव व दवपक्षसी किफी ओर सप्रे उपसस्रत दवददान अधधवक्तदा किफी बहस किहो सपुनदा तरदा पतदावलसी पर उपलब्ध समस्त अदभलप्रेखखों किदा अवलहोकिन दकियदा। दवददान डिसी०जसी०ससी०(आर०) नप्रे मपुख्य रूप सप्रे यह तकिर पस्तपुत दकियदा दकि आवन्टन किप्रे समय दववदाददत भजूदम ररक्त नहहीं रसी उस पर आबदादसी बससी हहयसी हहै, सडकि बनसी हहै तरदा अम्बप्रेडिकिर पदाकिर सस्रत हहै तरदा घजूरदा आदद सस्रत हहै। आवन्टन रलत दकियदा रयदा हहै, दनरस्त दकिए जदानप्रे पर बल ददयदा रयदा हहै। दवपक्षसीरण किफी ओर सप्रे उपसस्रत दवददान अधधवक्तदा नप्रे मपुख्य रूप सप्रे यह तकिर पस्तपुत दकियदा दकि आवन्टसीरण अनपुसजूदचत जदादत किप्रे हहै, भजूदमहसीन किक षिकि हहै। अदभलप्रेखखों मय बनांजर किप्रे रूप मय दजर हहै। किक दषि यहोग्य भजूदम रसी इसधलए प टदा दकियदा रयदा हहै । अन्त मय वदाद किहो दनरस्त दकिए जदानप्रे पर बल ददयदा रयदा हहै। पतदावलसी पर उपलब्ध अदभलप्रेखदा / सदाक्ष्यहो किदा अवलहोकिन दकियदा । आख्यदा किप्रे सदार मय जहोत च०आ०पत - 41,45 व इन्तखदाब खतमौनसी व खतरदा फसलसी सनन् 1417 ददाधखल दकियदा रयदा हहै। खसरप्रे मय आबदादसी बससी हहोनप्रे किदा उलप्रेख दकियदा रयदा हहै। क्षप्रेतसीय लप्रेखपदाल नप्रे अपनप्रे बयदान मय स्वसीकिदार दकियदा हहै दकि दववदाददत भजूदम पर आबदादसी बससी हहयसी हहै , अम्बप्रेडिकिर पदाकिर हहै व सडकि सस्रत हहै। प टप्रे रलत हहो रयप्रे हहै। इस पकिदार वदाद मय धलखप्रे हहए तथ्यहो किफी पपुदष्टि हहोतसी हहै । जहदानां तकि दकि दवपक्षसीरण किफी ओर सप्रे किहदा रयदा हहै दकि दववदाददत भजूदम किक दषि यहोग्य भजूदम हहै आबदादसी नहहीं हहै परन्तपु इस सम्बन्ध मय किहोई ठहोस अदभलप्रेख अरवदा पमदाण पस्तपुत नहहीं दकियदा हहै धजससप्रे दकि उनकिप्रे किरन किफी पपुदष्टि हहो सकिप्रे । दवपक्षसीरण किफी ओर सप्रे वदाद किहो किदालबदाधधत बतदायदा रयदा हहै वह दनरदाधदार हहै। चजूनांदकि ज०दव०अधध० किफी धदारदा-198(6) किप्रे अनांतररत पटदा दनरस्त दकिए जदानप्रे हप्रेतपु वदाद सनांसस्रत किरनप्रे किफी दमयदाद पदानांच वषिर हहै । पश्नरत वदाद मय पटदा ददनदानांकि 20-6-08 मय दकिए रयप्रे हहै तरदा दनरस्तसीकिरण आख्यदा 20-8-10 किहो पस्तपुत किफी रयसी हहै जहो अन्दर दमयदाद हहै। इस पकिदार दवपक्षसीरण किदा किरन दनरदाधदार एवनां बलहसीन हहै। उपरहोक्त वदणरत तथ्यखों एवनां दववप्रेचनदा सप्रे मम इस दनष्किषिर पर पहहनांचतदा हहहूँ दकि दववदाददत भजूदम आवन्टन किप्रे समय ररक्त नहहीं रसी उस पर आबदादसी बससी हहयसी रसी तरदा अम्बप्रेडिकिर पदाकिर व सडकि दवद्यमदान हहै जहैसदा दकि तहससील किफी आख्यदा व क्षप्रेतसीय लप्रेखपदाल किप्रे बयदान सप्रे स्पष्टि हहै। चजूनांदकि आवन्टन किप्रे समय दववदाददत भजूदम ररक्त नहहीं रसी ऐससी सस्रदत मय दवपक्षसीरण किप्रे पक्ष मय दकियदा रयदा आवन्टन अदनयदमत हहोनप्रे किप्रे किदारण दनरस्त दकिए जदानप्रे यहोग्य हहै। आदप्रेश अततः आवन्टसीरण शसीरदाम पपुत दचरन्जजू व दनमरलदादप्रेवसी पत्नसी शसीरदाम किप्रे पक्ष मय रदाटदा सनांख्यदा 202 दम० रकिवदा 0.252 हप्रे० व आवन्टसीरण रदाम शनांकिर पपुत किप्रे ददारसी व शकिपु न्तलदा पत्नसी रदामशनांकिर किप्रे पक्ष मय रदाटदा सनां0-202 दम० रकिवदा 0.252 हप्रे० व आवन्टसीरण दशवलदाल पपुत दपयदारप्रे व रदामदप्रेवसी पत्नसी दशवलदाल किप्रे पक्ष मय रदाटदा सनांख्यदा 202 दम० रकिवदा 0.187 हप्रे० द रदाटदा सनां0-201 दम० रकिवदा 0.0650 दनवदाससीरण ग्रदाम पनांदडितखप्रेडदा मजरदा अलदाउ दसीनपपुर पररनदा फतप्रेहपपुर-84 तहससील सफफीपपुर धजलदा उनदाव किहो दकियदा रयदा आवन्टन अदनयदमत हहोनप्रे किप्रे किदारण दनरस्त दकियदा जदातदा हहै। भजूदम पजूवर किफी भदानांदत रदाजस्व अदभलप्रेखखों मय रदाहूँवसभदा किप्रे नदाम अनांदकित किफी जदाय। तदनपुसदार परवदानदा अमल दरदामद दनररत दकियदा जदाय। आदप्रेश किफी मजूल पदत वदाद सनां0-154/55 सरकिदार बनदाम शसीरदाम आदद पर रहप्रेरसी। शप्रेषि अन्य वदाद पतदावधलयखों पर आदप्रेश किफी पमदादणत पदत रखसी जदाय। बदाद आवश्यकि किदायरवदाहसी पतदावलसी ददाधखल दफ्तर किफी जदाय।" 5. After the order dated 10.09.2012 the petitioner filed the revision being Revision No.REV/4264/2024/Unnao, Computerized Case No.R20241069004264 (Shiv Lal & others Vs. State of U.P. through Collector, Unnao), moved under Section 333 of Act 1953, dated 06.12.2024 along with application seeking condondation of delay which was supported by an affidavit. The contents of the application of condonation of delay being relevant is also extracted hereinunder. "1. यहदकि उपरहोक्त दनररदानसी अवर न्यदायदालय ददारदा पदाररत आदप्रेश ददननॉकि 10-09-2012 किप्रे दवरूद्ध पस्तपुत किफी जदा रहसी हहै। 2. यहदकि दनररदानसीकितदाररण / पदारर्थीरण अनपुसजूदचत जदादत किप्रे हहै पढप्रे धलखप्रे नहसी हहै किदानजून किप्रे जदानकिदार नहसी हम अवर न्यदायदालय किप्रे अधधवक्तदा महहोदय ददारदा दनररदानसीकितदाररणहो किहो नहसी बतदायदा रयदा दकि पतदावलसी मय आदप्रेश हहो रयदा हहै हल्किदा लप्रेखपदाल ददननॉकि 24-11-2024 किहो ममौकिप्रे पर आयप्रे और किहदा दकि तपुम्हदारदा प टदा दनरस्त हहो रयदा हहै उक्त भजूदम सप्रे किब्जदा छहोड दहो तब यह सपुनकिर पदारर्थीरण आश्चयरचदकित रह रयप्रे तब दजूसरप्रे ददन न्यदायदालय जदाकिर अधधवक्तदा महहोदय सप्रे दमलदा तब अधधवक्तदा महहोदय नप्रे पतदावलसी किफी खहोजबसीन किर जदानकिदारसी किफी तब बतदायदा दकि आदप्रेश ददनदानांकि 10-09- 2012 किहो हहो रयदा हहै धजसकिप्रे दवरुद्ध लखनऊ मय दनररदानसी ददाधखल किरनसी पडप्रेरसी तब अधधवक्तदा महहोदय नप्रे आदप्रेश किफी सत्य पदतधलदप हप्रेतपु आवप्रेदन ददनदाहूँकि 26-11-2024 किहो दकियदा और आदप्रेश किफी सत्य पदतधलदप दमलनप्रे पर आवश्यकि खचर किदा इन्तजदाम किर आज ददनदाहूँकि 06-12-2024 किहो लखनऊ आकिर अधधवक्तदा दनयपुक्त किर अधधवक्तदा महहोदय किहो सदारप्रे किदारजदात ददखदायप्रे तब अधधवक्तदा महहोदय नप्रे दबनदा दवलम्ब दकियप्रे हहयप्रे जदानकिदारसी किफी दतधर सप्रे अन्दर दमयदाद यह दनररदानसी तहैयदार किर शसीमदान जसी किप्रे समक्ष पस्तपुत किर रहय दनररदानसी ददाधखल किरनप्रे मय जहो भसी दप्रेरसी हहई हहै वह उपरहोक्त पररसस्रदतवश हहई हहै जहो दकि मदाफफी यहोग्य हहै धजसप्रे न्यदायदहत मय मदाफ दकियदा जदानदा आवश्यकि हहै अन्यरदा दनररदानसीकितदाररणहो किहो अपजूणरनसीय क्षदत हहो जदायप्रेरसी।" 6. The Member, Board of Revenue, Lucknow (in short 'Revisional Authority') dismissed the revision of the petitioners. The relevant portion of the impugned order dated 27.01.2025 reads as under. "4. दनररदानसी पतदावलसी पर उपलब्ध दव ददान अपर किलप्रेक्टर ददारदा वदाद सनांख्यदा-154/55, सरकिदार बनदाम शसीरदाम आदद, वदाद सनांख्यदा-155/56, सरकिदार बनदाम रदामशनांकिर आदद, एवनां वदाद सनांख्यदा-157/58, सरकिदार बनदाम दशवमनांरल आदद, किदा दनस्तदारण आदप्रेश ददनदानांकि 10.09.2012 किहो दकियदा रयदा। अपर किलप्रेक्टर किप्रे आदप्रेश ददनदानांकि 10.09.2012 किप्रे ददारदा यह पदायदा दकि "दववदाददत भजूदम आवनांटन किप्रे समय ररक्त नहहीं रसी उस पर आबदादसी बससी हहई रसी तरदा अम्बप्रेडिकिर पदाकिर व सडकि दव द्यमदान हहै जहैसदा दकि तहससील किफी आख्यदा व क्षप्रेतसीय लप्रेखपदाल किप्रे बयदान सप्रे स्पष्टि हहै। चजूनांदकि आवनांटन किप्रे समय दववदाददत भजूदम ररक्त नहहीं रसी , ऐससी सस्रदत मय दवपक्षसीरण किप्रे पक्ष मय दकियदा रयदा आवनांटन अदनयदमत हहोनप्रे किप्रे किदारण दनरस्त दकियदा रयदा।" 5. पररषिद न्यदायदालय किफी पतदावलसी किप्रे अवलहोकिन सप्रे दवददत हहै दकि अपर किलप्रेक्टर ददारदा ददनदानांकि 10.09.2012 किहो आदप्रेश पदाररत दकियदा रयदा। अपर किलप्रेक्टर किप्रे इस आदप्रेश ददनदानांकि 10.09.2012 किप्रे दवरुद्ध लरभर 12 वषिर सप्रे अधधकि समय किप्रे उपरदान्त अत्यनांत किदालबदाधधत दनररदानसी ददायर किफी रयसी हहै। उ०प० जमहींददारसी दवनदाश एवनां भजूदम व्यवस्रदा अधधदनयम, 1950 किफी धदारदा 333 एवनां धसदवल पदक्रियदा सनांदहतदा , 1908 किप्रे पदादवधदानखों किप्रे पररपप्रेक्ष्य मय परमदृष्टदा दनररदानसी अत्यनांत किदालबदाधधत हहै। मदाननसीय उच्चतम न्यदायदालय ददारदा पदतपदाददत धसद्धदानांतखों मय भसी इतनप्रे लम्बप्रे अन्तरदाल किप्रे उपरदान्त दनररदानसी चलदायप्रे जदानप्रे किदा किहोई औदचत्य नहहीं पतसीत हहोतदा हहै। अपर किलप्रेक्टर न्यदायदालय मय पदाररत आदप्रेश ददनदानांकि 10.09.2012 मय वदादसीरण किहो सपुनवदाई किदा अवसर ददयदा रयदा रदा। तदहोपरदान्त आदप्रेश ददनदानांकि 10.09.2012 पदाररत दकियदा रयदा। ऐसप्रे मय यह नहहीं मदानदा जदा सकितदा हहै दकि वदादसीरण किहो आदप्रेश किफी जदानकिदारसी ससमय न हहो पदायसी हहो। दनररदानसी दवलम्ब सप्रे ददायर किरनप्रे मय ददयप्रे रयप्रे किदारण समपुदचत व पयदारप नहहीं पररलदक्षत हहोतप्रे हम। अततः दनररदानसी किदालबदाधधत एवनां सदारहसीन हहोनप्रे किप्रे किदारण दनरस्त दकियदा जदातदा हहै। 6. समग्र रूप सप्रे दनररदानसी पत वदाद पतदावलसी पर उपलब्ध अदभलप्रेखखों /किदारजदातखों किदा अवलहोकिन किरनप्रे तरदा उपरहोक्तदानपुसदार दकियप्रे रयप्रे दवश्लप्रेषिणहोपरदान्त दनररदानसी किदालबदाधधत हहोनप्रे किप्रे किदारण ग्रदाहयतदा स्तर पर दनरस्त दकियप्रे जदानप्रे यहोग्य हहै, धजसप्रे ग्रदाहयतदा स्तर पर हसी दनरस्त दकियदा जदातदा हहै। बदाद आवश्यकि किदायरवदाहसी हप्रेतपु पतदावलसी ददाधखल दफतर हहो।" 7. Upon due consideration of the aforesaid, this Court finds no force in the instant petition. It is for the following reasons:- (i) The petitioners were well aware about the proceedings under Section 198(4) of the Act of 1950 as they appeared before the Sub-Divisional Magistrate, Finance/Revenue and pleaded their case. (ii) The explanation to condone the delay of 12 years is completely vague and misconceived and the same has not been explained, as required under the law, which ought to have been explained properly, as held by the Hon'ble Apex Court in various pronouncements. (see: Ramji Dass and others Vs. Mohan Singh reported in 1978 ARC 496; N. Balakrishnan Vs. M. Krishnamurthy reported in (1998) 7 SCC 123; Esha Bhattacharjee Vs. Managing Committee of Raghunathpur Medar Academy and others reported in (2013) 12 SCC 649; Brijesh Kumar and others Vs. State of Haryana and others reported in (2014) 11 SCC 351; Bhivchandra Shankar More Vs. Balu Gangaram More reported in (2019) 6 SCC 387 and Ajay Dabra Versus Pyare Lal and others reported in 2023 SCC OnLine SC 92). 8. For the foregoing reasons, the petition is dismissed. Order Date :- 9.4.2025 Anand/- Digitally signed by :- ANAND KUMAR SRIVASTAVA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench