Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 133000 (ALL)

SHADAB AHMED v. STATE OF U.P. THRU. ITS PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/3023/2025 · 2025-04-10

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:20461 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3023 of 2025 Applicant :- Shadab Ahmed Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Its Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Prince Lenin Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वपप्रिंस लकेवनन तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री सततद्र शश्रीविप्रास्तवि कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सप्रिंवहितप्रा (B.N.S.S.) मत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि सप्रिंख्यप्रा 026 सनन् 2025, अन्तगरत धिप्रारप्रा 64(1), 115(2), 333, 351(3) बश्री०एन०एस 10, रप्रानप्रा- ससुबकेहिप्रा, धजिलप्रा-बप्रारप्राबप्रिंककी, मत जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्राप्रिंक 24.01.2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर मत वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक वदनप्राप्रिंक 22.01.2025 ककी रप्रात 11:30 बजिके, जिब विहि अपनके घर मत अपनश्री 10 विरर्थीय पसुतश्री कके सप्रार अकके लश्री रश्री, छत कके रप्रास्तके पप्रारर्थी उसकके कमरके मत आ गयप्रा और उसकप्रा बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। वशकप्रायतकतर्थी लगप्रातप्रार वविरकोधि कर रहिश्री रश्री , धजिससके पप्रारर्थी कके दबकोचनके कके कप्रारण वशकप्रायतकतर्थी कके गलके मत वनशप्रान पड़ गए और वशकप्रायतकतर्थी नके पप्रारर्थी कके हिप्राहाँर मत अपनके दप्राहाँततों सके कप्रार धलयप्रा, धजिसकके चकोर कके वनशप्रान पप्रारर्थी कके हिप्राहाँरतों मत पड़ गए। 4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मत कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हिहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। 5. शपर पत मत यहि भश्री कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वशकप्रायतकतर्थी कप्रा चप्राल-चलन ठश्रीक नहिहीं हिहै और उसकके पवत ककी अनसुपसस्रवत मत गहैर व्यवकयतों कप्रा उसकके घर मत आनके-जिप्रानके कप्रा पप्रारर्थी दप्रारप्रा अन्य व्यवकयतों दप्रारप्रा वविरकोधि वकए जिप्रानके कके कप्रारण झसूठके आरकोपतों कके सप्रार यहि परम ससूचनप्रा ररपकोरर धलखप्राई गई हिहै। 6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा मत पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरकोपतों ककी पसुवष्टि हिहई हिहै और आरकोप पत पस्तसुत वकयप्रा जिप्रा चसुकप्रा हिहै। 7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कके स डप्रायरश्री कके सप्रिंगत अप्रिंशतों ककी पवत न्यप्रायप्रालय कके समक पस्तसुत ककी गई। 8. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगरत अप्रिंवकत अपनके बयप्रान मत वशकप्रायतकतर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके करनतों कप्रा समररन वकयप्रा। वचवकत्सककीय परश्रीकण कके समय वशकप्रायतकतर्थी नके वचवकत्सक कको बतप्रायप्रा वक पप्रारर्थी नके उसकके घर ककी कसुप्रिं डश्री खरकप्राई और जिब वशकप्रायतकतर्थी नके दरविप्राजिप्राज खकोलप्रा तको धिक्कप्रा दकेकर अप्रिंदर आकर दरविप्राजिप्राज अप्रिंदर सके बप्रिंद कर पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार गलत कप्राम वकयप्रा। वचवकत्सककीय परश्रीकण मत वशकप्रायतकतर्थी कके शरश्रीर पर चकोर अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचन्हि नहिहीं वमलप्रा। पहैरथॉलकोजिश्री जिप्राहाँच मत भश्री ऐसप्रा ककोई तथ्य पकप्राश मत नहिहीं आयप्रा जिको परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके करनतों कप्रा समररन करत। 9. पप्रारर्थी कके वचवकत्सककीय परश्रीकण मत उसकके दप्रावहिनके हिप्राहाँर पर कलप्राई कके पप्रास 21/2 सके.मश्री. X 1 सके.मश्री कप्रा फरप्रा हिहआ घप्रावि जिको भर चसुकप्रा रप्रा, पप्रायप्रा गयप्रा तरप्रा इसकके अवतररक अन्य ककोई चकोर नहिहीं पप्राई गई। चकोर सप्राधिप्रारण पकक वत ककी तरप्रा कठकोर एविप्रिं कसुप्रिं द विस्तसु सके लगभग तश्रीन वदन पसूविर कप्राररत हिकोनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा हिहै। 10. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत अप्रिंवकत अपनके बयप्रान मत वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक , जिब पप्रारर्थी नके उसकप्रा बलप्रात्कप्रार वकयप्रा उसककी बकेरश्री उसश्री कमरके मत उपसस्रत रश्री। 11. वशकप्रायतकतर्थी ककी पसुतश्री नके अपनके करन मत पप्रारर्थी कप्रा उसकके घर घसुस आनप्रा, उसककी मप्राहाँ कके सको मचप्रानके पर जिग जिप्रानप्रा और अन्य लकोगतों कके आनके पर पप्रारर्थी कके भप्राग जिप्रानके कप्रा करन वकयप्रा हिहै तरप्रा उसनके वशकप्रायतकतर्थी कके बलप्रात्कप्रार कप्रा करन नहिहीं वकयप्रा हिहै। 12. मकोहिलके कके कई व्यवकयतों पप्रारर्थी कके पक मत शपर पत दकेकर यहि कहिप्रा हिहै वक पप्रारर्थी नके वदनप्राप्रिंक 22.01.2025 ककी रप्रात 1:30 बजिके वशकप्रायतकतर्थी कके पकेमश्री कको पकड़प्रा रप्रा तरप्रा गप्राहाँवि कके बहिहत सके लकोग विहिप्राहाँ इकटप्रा हिको गए रके , उस समय वशकप्रायतकतर्थी नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई आरकोप नहिहीं लगप्रायप्रा रप्रा , वकन्तसु बप्राद मत सतोंच समझकर पप्रारर्थी कके वविरुद्ध झसूठप्रा पकरण धलखप्रा वदयप्रा हिहै , जिबवक पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतर्थी कके सप्रार ककोई घरनप्रा कप्राररत नहिहीं ककी। 13. उपरकोक तथ्यतों कके दृवष्टिगत, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 14. तदनसुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिहै। 15. आविकेदक शप्रादप्राब अहिमद कको वनम्नधलधखत शतर्दोप्रिं कके अधिश्रीन सप्रिंबप्रिंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी सप्रिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बप्रिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतत पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मत जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके सप्रावकयतों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हिकोगप्रा। Order Date :- 10.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench