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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 132902 (ALL)

AMREESH KUMAR @ CHHOTU v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER

ABAIL/375/2025 · 2025-04-11

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:20481 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 375 of 2025 Applicant :- Amreesh Kumar @ Chhotu Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Priyam Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वपयम कक मप्रार धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कक मप्रार वतविप्रारश्री कलो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविललोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 438 दसिं०प०ससिं० दप्रारप्रा पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0172 सन 2024 अन्तररत धिप्रारप्रा 376, 506 भप्रा०द०ववि० रप्रानप्रा सदरपकर धजिलप्रा सश्रीतप्रापकर मम अवग्रिम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासिंक 01.06.2024 कलो पप्रारर्थी, उसकके वपतप्रा, बडके भप्राई तरप्रा बहनलोई कके वविरुद धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपलोरर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक उसकप्रा लरभर 2 विररसिं सके पप्रारर्थी कके सप्रार पकेम पससिंर चलप्रा आ रहप्रा हहै वकन्तक विह वशकप्रायतकतर्थी कके शप्रादश्री करनके कके आग्रिह कलो वकसश्री न वकसश्री बहप्रानके रप्रालतप्रा रहप्रा। पप्रारर्थी नके शप्रादश्री कप्रा झप्रासिंसप्रा दकेकर वशकप्रायतकतर्थी कके सप्रार कई बप्रार शप्रारश्रीररक ससिंबसिंधि बनप्रायके। 4. धिप्रारप्रा 161 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत वदयके रयके अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपलोरर कके करननों कप्रा समररन वकयप्रा। 5. वचवकत्सककीय परश्रीक्षण कके समय वशकप्रायतकतर्थी नके अपनश्री आयक 28 विरर हलोनप्रा बतप्रायश्री तरप्रा उसकके शरश्रीर पर चलोर अरविप्रा बल पयलोर कप्रा कलोई वचह्न नहहीं वमलप्रा। पहैरप्राललॉधजिकल जिप्रासिंच आख्यप्रा मम विश्रीयर ककी उपसस्रवत नहहीं पप्रायश्री रयश्री। 6. धिप्रारप्रा 164 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत वदयके रयके अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके अपनश्री आयक 28 विरर हलोनप्रा बतप्रायप्रा तरप्रा उसनके अपनके पसूविर करननों कप्रा हश्री समररन वकयप्रा। 7. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर -पत मम कहप्रा रयप्रा वक पप्रारर्थी एक 26 विरर्थीय वनदरर नवियकविक हहै और उसकप्रा कलोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 8. पप्रारर्थी नके इसकके पसूविर इस न्यप्रायप्रालय मम आपरप्राधधिक पककीणर यप्रावचकप्रा ससिंख्यप्रा 4379 सन 2024 पस्तकत वकयप्रा रप्रा धजिसमम पप्राररत असिंतररम आदकेश वदनप्रासिंक 24.06.2024 दप्रारप्रा आरलोप-पत पस्तकत हलोनके तक पप्रारर्थी ककी वररफ्तप्रारश्री पर रलोक लरप्रा दश्री रयश्री रश्री। 9. यप्रावचकप्रा कके पस्तर 21 मम कहप्रा रयप्रा हहै वक वदनप्रासिंक 22.07.2024 कलो आरलोप-पत पस्तकत हलो चककप्रा हहै तरप्रा वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लके धलयप्रा हहै। 10. पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरलोधि करतके हहए वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरलोपनों ककी पकवष्टि हहई हहै अततः पप्रारर्थी अवग्रिम जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री नहहीं हहै तरप्रा उन्हनोंनके न्यप्रायप्रालय कलो यह भश्री बतप्रायप्रा वक पस्तकत पप्राररनप्रा -पत ककी ससूचनप्रा वशकप्रायतकतर्थी कलो पकधलस कके मप्राध्यम सके दश्री जिप्रा चकककी हहै। 11. उपरलोक तथ्यनों कलो दृवष्टिरत रखतके हहए, जिबवक वशकप्रायतकतर्थी एक 28 विरर्थीय मवहलप्रा हहै तरप्रा पप्रारर्थी एक 26 विरर्थीय नवियकविक हहै; यद्यवप उसनके शप्रादश्री कप्रा झप्रासिंसप्रा दकेकर शप्रारश्रीररक ससिंबसिंधि बनप्रानके कप्रा आरलोप लरप्रायप्रा हहै, वकन्तक इस स्तर पर यह स्पष्टि नहहीं हहै वक पप्रारर्थी कप्रा आशय पप्रारसिंभ सके हश्री वशकप्रायतकतर्थी कलो धिलोखप्रा दकेनके कप्रा रप्रा ; वचवकत्सककीय परश्रीक्षण मम बल पयलोर अरविप्रा बलप्रात्कप्रार ककी कलोई पकवष्टि नहहीं हहई हहै। पप्रारर्थी एक नवियकविक हहै, धजिसकप्रा कलोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै और पसूविर मम इस न्यप्रायप्रालय सके उसककी वररफ्तप्रारश्री पर रलोक लरश्री हहई रश्री, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी अवग्रिम जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 12. तद्नकसप्रार अवग्रिम जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 13. उपरलोक मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा मम आविकेदक ककी वररफ्तप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय कके समक्ष उपसस्रवत ककी दशप्रा मम , उसके ससिंबसिंधधित रप्रानके कके भप्रारसप्राधिक अधधिकप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार व्यवकरत बसिंधि पत एविसिं दलो पवतभसू पस्तकत करनके पर परश्रीक्षण कके असिंवतम रूप सके वनस्तप्रारण तक, वनम्न शतरसिं कके अधिश्रीन अवग्रिम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राएरप्रातः- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हलोरप्रा तलो पकधलस अधधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जिलॉच हकेतक अपकेवक्षत समय पर उपसस्रत हलोरप्रा। ख- आविकेदक मप्रामलके कके तथ्यनों सके पररवचत वकसश्री व्यवक यप्रा पकधलस अधधिकप्राररयनों कलो पत्यक्ष यप्रा परलोक्ष रूप सके कलोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पललोभन नहहीं दकेरप्रा धजिससके वक विह ऐसके तथ्य कलो न्यप्रायप्रालय कके समक्ष यप्रा वकसश्री पकधलस अधधिकप्रारश्री कके समक्ष पकर न करनके पर मप्रान जिप्राए। र- आविकेदक अदप्रालत ककी पसूविर अनकमवत कके वबनप्रा भप्रारत नहहीं छलोडकेरप्रा; घ- आविकेदक कलो पत्यकेक वनधिप्रारररत वतधर पर रटप्रायल कलोरर कके समक्ष उपसस्रत हलोनप्रा हलोरप्रा, जिब तक वक व्यवकरत उपसस्रवत सके छसू र न दश्री रयश्री हलो; ङ- आविकेदक अवभयलोजिन पक्ष कके रविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा / धिमककी नहहीं दकेरप्रा। च- आविकेदक वविविकेचनप्रा एविसिं वविचप्रारण कके ददौरप्रान सहयलोर करमरके और जिमप्रानत ककी स्वितसिंततप्रा कप्रा दकरुपयलोर नहहीं करकेरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 11.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench