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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 132849 (ALL)
SACHIN RAWAT v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
BAIL/2986/2025 · 2025-04-16
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 132849 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:21289 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2986 of 2025 Applicant :- Sachin Rawat Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Sanandan Kumar Misra,Bina Kumari Bajpai Counsel for Opposite Party :- G.A.,Sarvesh Kumar Pandey Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा ससुशश्री बश्रीनप्रा कसु मप्रारश्री बप्राजपकेयश्री , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री रप्राजश्रीवि कसु मप्रार विमप्रार्मा तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री सविरश कसु मप्रार पप्राण्डकेय कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात पस्तसुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 465 सन 2024 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 80, 85, 115(2) बश्री०एन०एस० एविसं धिप्रारप्रा 3/4 दहिकेज पवतषकेधि अधधिवनयम रप्रानप्रा गसंगप्राघप्राट धजलप्रा उनप्रावि मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रासंक 04.11.2024 कको पप्रारर्थी, उसकके मप्रातप्रा-वपतप्रा, 2 छकोटके भप्राईययों तरप्रा बहिन कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम वशकप्रायतकतप्रार्मा नके कहिप्रा वक उसनके अपनश्री बकेटश्री ककी शप्रादश्री वदनप्रासंक 07.03.2024 कको पप्रारर्थी कके सप्रार ककी रश्री। सभश्री अवभयसुकगण अवतररक दहिकेज ककी मप्रासंग कको लकेकर वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी पसुतश्री कको आयके वदन मप्रारतके -पश्रीटतके रके। वदनप्रासंक 03.11.2024 कको रप्रावत 9:30 बजके सभश्री अवभयसुकगण नके वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी पसुतश्री कको दहिकेज कके लप्रालच मम मप्रारकर पसंखके सके लटकप्रा वदयप्रा।
4. पसंचनप्रामके मम असंवकत हिहै वक ममृतकप्रा नके सविर्वोदय नगर 6 खसंभप्रा कके पप्रास दसूसरके मकप्रान मम शप्राम लगभग 6 बजके फप्रासंसश्री लगप्रा धलयप्रा तरप्रा ससूचनप्रा वमलनके पर पप्रारर्थी उसके अस्पतप्राल लके गयप्रा जहिप्राहाँ डडॉक्टर नके उसके ममृत घकोवषत कर वदयप्रा।
5. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम शवि कके गलके कके इदर्मा -वगदर्मा लटकनके कप्रा वनशप्रान , धजसमम 6 सके.मश्री. कप्रा ररक स्रप्रान पप्रायप्रा गयप्रा। इसकके अवतररक अन्य ककोई चकोट नहिहीं पप्रायश्री गयश्री। ममृत्यसु कप्रा कप्रारण लटकनके कके कप्रारण दम घसुटनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा।
6. वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान ममृतकप्रा ककी भप्राभश्री एविसं फसू फप्रा कके बयप्रान असंवकत हिहआ धजसमम उन्हियोंनके कहिप्रा वक ममृतकप्रा नके पप्रारर्थी कके सप्रार विषर्मा 2020 मम पकेम वविविप्राहि कर धलयप्रा रप्रा। उसकके उपरप्रान्त पसुननः वदनप्रासंक 07.03.2024 कको पप्रारर्थी ककी शप्रादश्री ममृतकप्रा कके सप्रार करप्रायश्री गयश्री
रश्री एविसं एक स्कसू टश्री दहिकेज मम दश्री गयश्री रश्री। ममृतकप्रा नके दहिकेज पतप्राड़नप्रा कके कप्रारण आत्महित्यप्रा कर लश्री।
7. वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान अन्य 5 सहि-अवभयसुकगण कके वविरुद्ध लगप्रायके गयके आरकोपयों ककी पसुवष नहिहीं हिहई तरप्रा वदनप्रासंक 27.01.2025 कको मप्रात पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरकोप -पत पस्तसुत हिहआ हिहै।
8.
पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्तसुत शपर-पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 22 विषर्थीय वनदर्वोष नवियसुविक हिहै तरप्रा उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
9. एक पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके धिप्रारप्रा 323, 504, 506 भप्रा०दसं०ससं० कके एक अन्य पकरण मम पप्रारर्थी ककी सधलप्ततप्रा दशप्रार्मायश्री गयश्री हिहै धजसमम अभश्री तक उसके समन पप्राप्त नहिहीं हिहआ हिहै।
10. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लगप्रायके गयके आरकोपयों ककी पसुवष हिहई हिहै। ममृतकप्रा नके वविविप्राहि कके मप्रात 8 मप्राहि कके असंदर दहिकेज पतप्राड़नप्रा कके कप्रारण आत्महित्यप्रा ककी। पप्रारर्थी दप्रारप्रा कप्राररत अपरप्राधि गसंभश्रीर पकमृ वत कप्रा हिहै और विहि जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री नहिहीं हिहै।
11. उपरकोक तथ्ययों कको दृवषगत रखतके हिहए , जबवक परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम वदनप्रासंक 07.03.2024 कको ममृतकप्रा कप्रा पप्रारर्थी कके सप्रार वविविप्राहि वकयप्रा जप्रानप्रा एविसं वविविप्राहि मम दहिकेज वदयप्रा जप्रानप्रा कहिप्रा गयप्रा वकन्तसु वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान वदयके गयके बयप्रानयों मम ममृतकप्रा ककी भप्राभश्री और फसू फप्रा नके पप्रारर्थी और ममृतकप्रा कके बश्रीच पकेम वविविप्राहि विषर्मा 2020 मम हिकोनप्रा कहिप्रा; परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम अवभयसुकगण दप्रारप्रा मप्रारपश्रीटकर ममृतकप्रा कको पसंखके पर लटकप्रायप्रा जप्रानप्रा कहिप्रा गयप्रा,जबवक शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम ममृतकप्रा कके शरश्रीर पर लटकनके कके अलप्राविप्रा चकोट कप्रा ककोई वनशप्रान नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा ; परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम सभश्री अवभयसुकगण कके वविरुद्ध एकसमप्रान पकमृ वत कके करन वकयके गयके वकन्तसु अन्य 5 सहि-अवभयसुकगण कके वविरुद्ध वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान करनयों ककी पसुवष नहिहीं हिहई ; पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै; वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हिको चसुककी हिहै ; पप्रारर्थी वदनप्रासंक 10.11.2024 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
12. तद्नसुसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै।
13.
आविकेदक सवचन रप्रावित कको वनम्नधलधखत शतर्वोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतसुवष कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी
दको जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहियों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक टटप्रायल ककोटर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 16.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench