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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 132793 (ALL)
SANTRAM @ JHURRA AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. U.P. LKO.
BAIL/3129/2025 · 2025-04-15
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 132793 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:21133 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3129 of 2025 Applicant :- Santram @ Jhurra And 2 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. U.P. Lko. Counsel for Applicant :- Neeraj Kumar Mishra,Saurabh Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससौरभ वमिशप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परमि शश्री अननुरप्राग विमिप्रार्मा कको सनुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सनुरकप्रा ससंवहितप्रा (B.N.S.S.) मिम पस्तनुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मिनुकदमिप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 561 सन 2024, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 115(2), 105, 352 बश्री०एन०एस, रप्रानप्रा-खखैरश्रीघप्राट, धजिलप्रा- बहिरप्राइच मिम जिमिप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिखै।
3. वदनप्रासंक 13.07.2024 कको 11:20 बजिके पप्रारर्थीगण-1 ससंतरप्रामि उरर्मा झनुरप्रार्मा, पप्रारर्थीगण-2 ससंजिय, पप्रारर्थीगण-3 मिश्रीनप्रा दकेविश्री तरप्रा एक अन्य अवभयनुक गनुरूदश्रीन कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परमि ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मिम वशकप्रायतकतप्रार्मा नके कहिप्रा वक 12/13.07.2024 ककी रप्रात करश्रीब 12 बजिके वि 1 बजिके कके बश्रीच, जिब उसकके वपतप्रा खकेत ककी रखविप्रालश्री कर रहिके रके , सभश्री अवभयनुकगण नके उनकको लप्राठश्री -डसंडके सके मिप्रारकर घप्रायल कर वदयप्रा। वकसश्री तरहि सके वशकप्रायतकतप्रार्मा कके घप्रायल वपतप्रा नके घर आकर घटनप्रा कके बप्रारके मिम बतप्रायप्रा। बप्राररश हिको रहिश्री रश्री तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा कप्रा मिकोबप्राइल रकोन चप्राजिर्मा नहिहीं रप्रा इसधलए उन्हिहोंनके वकसश्री कको घटनप्रा ककी ससूचनप्रा नहिहीं दश्री और न हिश्री घप्रायल कको अस्पतप्राल लके गए। सनुबहि 112 नसंबर पर ससूचनप्रा वदए जिप्रानके पर पनुधलस आई और घप्रायल कको एम्बनुलमस सके सप्रामिनुदप्रावयक
स्विप्रास्थ्य कम द्र लके गई, जिहिप्राहाँ उन्हिम मिमृत घकोवषित कर वदयप्रा गयप्रा। परमि ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मिम यहि भश्री कहिप्रा गयप्रा हिखै वक मिमृतक नके वशकप्रायतकतर्थी ककी मिप्राहाँ पप्रारर्थी ससंख्यप्रा दको मिश्रीनप्रा दकेविश्री कको भगप्राकर अपनके सप्रार रख धलयप्रा रप्रा , धजिस कप्रारण पकहों मिम विखैमिनस्य रप्रा।
4. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तनुत शपर पत मिम कहिप्रा गयप्रा हिखै वक पप्रारर्थीगण वनदर्दोषि हिखै तरप्रा उनकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिखै। शपर पत मिम यहि भश्री कहिप्रा गयप्रा हिखै वक चसौरके सहि-अवभयनुक गनुरुदश्रीन कको जिमिप्रानत पप्रारर्मानप्रा पत ससंख्यप्रा 9037 सनन् 2024 मिम पप्राररत आदकेश वदनप्रासंक 28.08.2024 दप्रारप्रा जिमिप्रानत दश्री जिप्रा चनुककी हिखै।
5. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परमि नके पप्रारर्मानप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा मिम पप्रारर्थीगण कके वविरुद्ध आरकोपहों ककी पनुवष्टि हिहई हिखै और वदनप्रासंक 21.08.2024 कको सभश्री कके वविरुद्ध आरकोप पत पस्तनुत वकयप्रा जिप्रा चनुकप्रा हिखै।
6.
वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परमि नके यहि भश्री तकर्मा वकयप्रा वक वविविकेचनप्रा कके दसौरप्रान वविविकेचक नके वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी पत्नश्री आतर्थी कप्रा बयप्रान चश्मिदश्रीद गविप्राहि कके रूप मिम असंवकत वकयप्रा हिखै। उपरकोक बयप्रान ककी पवत जिमिप्रानत पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार ससंलग्नक ससंख्यप्रा चप्रार कके रूप मिम ससंलग्न हिखै , धजिसमिम आतर्थी नके भश्री परमि ससूचनप्रा ररपकोटर्मा कके करनहों कको दकोहिरप्रातके हिहए कहिप्रा वक उसकके घप्रायल ससनुर नके घर आकर, घटनप्रा कके बप्रारके मिम बतप्रायप्रा रप्रा तरप्रा इस गविप्राहि नके स्वियसं घटनप्रा नहिहीं दकेखश्री हिखै।
7. उपरकोक तथ्यहों कके दृवष्टिगत रखतके हिहए , जिबवक परमि ससूचनप्रा ररपकोटर्मा एविसं गविप्राहि कके बयप्रान सके यहि स्पष्टि हिखै वक घप्रायल व्यवक स्वियसं घर आ गयप्रा रप्रा,वकसं तनु उसकके बप्राद भश्री उसकको इलप्राजि कके धलए नहिहीं लके जिप्रायप्रा गयप्रा ;वकसश्री व्यवक नके घटनप्रा दकेखश्री नहिहीं हिखै; परमि ससूचनप्रा ररपकोटर्मा एविसं बयप्रानहों मिम सभश्री अवभयनुकगण कके वविरुद्ध समिप्रान पकमृ वत कके आरकोप लगप्राए गए हिह तरप्रा एक सहि -अवभयनुक कको जिमिप्रानत वमिल चनुककी हिखै एविसं वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हिको चनुककी हिखै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मित हिखै
वक अवभयनुकगण जिमिप्रानत पर ररहिप्रा वकए जिप्रानके कके अधधिकप्रारश्री हिखै।
8. तदननुसप्रार, जिमिप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिखै।
9. आविकेदकगण ससंतरप्रामि उरर्मा झनुरप्रार्मा, ससंजिय एविसं मिश्रीनप्रा दकेविश्री कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मिधजिस्टटकेट /न्यप्रायप्रालय ककी ससंतनुवष्टि कके अननुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समिप्रान रप्रावश ककी दको जिमिप्रानतम पस्तनुत करनके पर उपरकोक मिप्रामिलके मिम जिमिप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदकगण अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करमगके; (ii) आविकेदकगण अवभयकोजिन पक कके सप्रावकयहों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालमगके; (iii) आविकेदकगण वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हिहोंगके। Order Date :- 15.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench