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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 132764 (ALL)
RAM SHANKAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO
BAIL/3054/2025 · 2025-04-15
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 132764 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:21074 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3054 of 2025 Applicant :- Ram Shankar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko Counsel for Applicant :- Anoop Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अननूप शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कक मप्रार वतविप्रारश्री कलो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविललोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 ददं०प०सदं० मम पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 73 सनन् 2024, अन्तररत धिप्रारप्रा 304 भप्रा०द०ववि०, रप्रानप्रा- जरतपकर, धजलप्रा-रप्रायबरकेलश्री मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रादंक 28.03.2024 कलो पप्रारर्थी सवहत चप्रार व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परम सनूचनप्रा ररपलोरर मम कहप्रा रयप्रा हहै वक वदनप्रादंक 26.03.2024 कलो वदन मम करश्रीब तश्रीन बजके अवभयककरण नके वशकप्रायतकतप्रार कके पकत कलो फलोन करकके अपनके रप्रागाँवि बकलप्रायप्रा तरप्रा जप्रान सके मप्रारनके ककी वनयत सके हमलप्रा कर हधसयप्रा सके कप्रान कप्रार वदयप्रा एविदं लप्राठश्री-डदंडप्रा सके धसर पर मप्रारकर रदंभश्रीर चलोर कप्राररत ककी और ममृत समझकर छलोड़ वदयप्रा। जब वशकप्रायतकतप्रार नके अपनके पकत अरवविदंद कलो फलोन वकयप्रा तलो पप्रारर्थी कके लड़ड़़कके नके फलोन ररसश्रीवि कर कहप्रा वक वशकप्रायतकतप्रार अपनके बकेरके कलो उठप्रा लके जप्राए। वशकप्रायतकतप्रार अपनके बकेरके कके दविप्रा हकेतक धजलप्रा अस्पतप्राल लके रयप्रा, जहप्रागाँ सके उसके रटप्रामप्रा समरर, लखनऊ ररफर कर वदयप्रा रयप्रा। वदनप्रादंक 29.04.2024 कलो पप्रारर्थी कके पकत कलो अस्पतप्राल मम छक टश्री दके दश्री रई तरप्रा वदनप्रादंक 30.04.2024 कलो वशकप्रायतकतप्रार कके घर मम उसकके पकत ककी ममृत्यक हहई।
4. चलोर पपत मम घप्रायल कके मकदंह मम शरप्राब ककी रदंधि आनप्रा तरप्रा बलोलनके पर जविप्रान लड़-खड़प्रानप्रा अदंवकत हहै। शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम ममृत्यक कप्रा कप्रारण सकेप्रश्रीसश्रीवमयप्रा कके कप्रारण अपघप्रात बतप्रायप्रा रयप्रा हहै।
5. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके दलो अन्य मप्रामलयों मम पप्रारर्थी ककी सदंधलप्ततप्रा दशप्रारई रश्री। एक पनूरक शपर पत कके मप्राध्यम सके यह कहप्रा रयप्रा हहै वक एक मककदमप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 448 सनन् 2024 मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरलोप पत पस्तकत नहश्री हहआ हहै तरप्रा मक०अ०सदं० 482 सनन् 2022, रप्रानप्रा-रकरबक्श रदंज, धजलप्रा-रप्रायबरकेलश्री, अदंतररत धिप्रारप्रा 323, 504, 506, भप्रा०ददं०सदं० मम पप्रारर्थी नके अभश्री जमप्रानत कके धलए पप्राररनप्रा पत नहहीं वदयप्रा हहै।
6. जमप्रानत पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै सह - अवभयकक अवमत कक मप्रार कलो जमप्रानत पप्राररनप्रा पत सदंख्यप्रा 1804 सनन् 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रादंक 04.03.2025 दप्रारप्रा जमप्रानत दश्री जप्रा चकककी हहै।
7.
वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत वविरलोधि वकयप्रा, वकन्तक विह इस तकर कके वविरलोधि आपधत्ति नहहीं कर सकके वक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लरप्राए रए आरलोप सह-अवभयकक अवमत कक मप्रार कके वविरुद्ध लरप्राए रए आरलोपयों कके समप्रान हश्री हह।
8. उपरलोक तथ्ययों कके दृवष्टिरत, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी भश्री समप्रानतप्रा कके आधिप्रार पर जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
9. तदनकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
10. आविकेदक रप्राम शदंकर कलो वनम्नधलधखत शतरदं कके अधिश्रीन सदंबदंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी सदंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकरत बदंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दलो जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरलोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयलोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेरप्रा; (ii) आविकेदक अवभयलोजन पक्ष कके सप्रावक्षययों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी रई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हलोरप्रा। Order Date :- 15.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench