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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 132531 (ALL)
JAGMOHAN v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
BAIL/2923/2025 · 2025-04-08
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 132531 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:19670 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2923 of 2025 Applicant :- Jagmohan Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Manoj Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री मननोज कक मप्रार धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आलनोक कक मप्रार वतविप्रारश्री कनो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 04 सन 2020 अन्तगरत धिप्रारप्रा 302, 201 भप्रा०दसिं०ससिं० रप्रानप्रा बबौण्डश्री धजलप्रा बहरप्राइच मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. यह विप्राद ससिंख्यप्रा 04 सन 2020 मम पप्रारर्थी कनो जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके हकेतक पस्तकत वदतश्रीय पप्राररनप्रा-पत हहै। पप्राररनप्रा-पत ससिंख्यप्रा 10124 सन 2021 वदनप्रासिंवकत 10.10.2022 कनो वनरस्त हनो गयप्रा रप्रा। यह वदतश्रीय जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत इस आधिप्रार पर पस्तकत वकयप्रा गयप्रा हहै वक परम पप्राररनप्रा -पत वनरस्त हनोनके कके पश्चप्रात 4 अवभयनोजन सप्रावकययों कप्रा परश्रीकण हनो चककप्रा हहै धजनकके करनयों ककी पवत पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार ससिंलग्न ककी गयश्री हह।
4. वदनप्रासिंक 04.01.2020 कनो पप्रारर्थी सवहत 6 व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपनोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार नके अपनश्री बहन ककी शप्रादश्री पप्रारर्थी कके सप्रार 22 विरर पसूविर ककी रश्री। इस वविविप्राह सके उत्पन्न एक पकत बप्राधलग हनो चककप्रा हहै, एक पकत एविसिं एक पकतश्री नप्राबप्राधलग हह। वदनप्रासिंक 02/03.01.2020 कनो रप्रात पप्रारर्थी नके अपनश्री पत्नश्री ककी हत्यप्रा करकके चकेहरके कनो वमरप्रानके कके धलए नदश्री कके वकनप्रारके फसूसिं ककर कहहीं गप्राड़ वदयप्रा। अजप्रात सनोतयों सके जप्रानकप्रारश्री हनोनके पर वशकप्रायतकतप्रार पतप्रा लगप्रानके लगप्रा तनो पप्रारर्थी कके घर तप्रालप्रा लगप्रा वमलप्रा।
5. वविविकेचनप्रा कके दबौरप्रान पप्रारर्थी कके बतप्रानके पर नदश्री कके वकनप्रारके सके एक जलप्रा हहआ शवि बरप्रामद वकयप्रा गयप्रा। बरप्रामद हहई कक छ हवड्डिययों पर रक तरप्रा मप्रासिंस कके लनोरड़के जप्रासिंच मम पप्रायके गयके वकन्तक बरप्रामद विस्तकओसिं ककी डश्री.एन.ए. जप्रासिंच नहहीं ककी गयश्री धजससके उसककी पहचप्रान धसद्ध हनो पप्रातश्री।
6.
वशकप्रायतकतप्रार अवभयनोजन सप्राकश्री ससिंख्यप्रा 1 कके रूप मम परश्रीवकत हहआ हहै तरप्रा वविचप्रारण
न्यप्रायप्रालय कके समक अपनके बयप्रान मम भश्री उसनके परम ससूचनप्रा ररपनोरर कके करनयों कप्रा समररन करतके हहए यह कहप्रा वक घरनप्रा ककी जप्रानकप्रारश्री उसके अजप्रात सनोतयों सके हहई रश्री अततः इस बयप्रान मम भश्री उसनके वकसश्री व्यवक कप्रा नप्राम नहहीं बतप्रायप्रा धजससके उसके अपनश्री बहन ककी हत्यप्रा तरप्रा शवि जलप्रानके ककी जप्रानकप्रारश्री हहई हनो। इसकके बप्राद उसनके यह भश्री कहप्रा वक गप्रासिंवि मम कप्रानफसूसिं सश्री हनोतके हहए उसके अपनश्री बहन कके ससकरप्राल सके गप्रायब हनोनके तरप्रा अवभयककगण दप्रारप्रा मसिंवदर कके पश्रीछके मप्रारकर लप्राश कनो नदश्री कके वकनप्रारके जलप्रानके कप्रा पतप्रा चलप्रा रप्रा। वशकप्रायतकतप्रार नके यह भश्री कहप्रा वक उसनके दरनोगप्रा जश्री कनो बतप्रायप्रा रप्रा वक घरनप्रा कके पसूविर पप्रारर्थी तरप्रा उसककी पत्नश्री कके मध्य वविविप्राद कके बप्रारके मम कनोई जप्रानकप्रारश्री नहहीं रश्री।
7. पवतपरश्रीकण मम वशकप्रायतकतप्रार नके कहप्रा वक घरनप्रा ककी जप्रानकप्रारश्री उसके 2 वदन बप्राद हहई तरप्रा वविविकेचनप्रा कके दबौरप्रान वविविकेचक नके उससके कक छ भश्री नहहीं पसूछप्रा रप्रा। विह नहहीं बतप्रा सकतप्रा वक घरनप्रा कके बप्रारके मम उसके कहै सके पतप्रा चलप्रा।
8. उसनके कहप्रा वक उसनके तहरश्रीर बप्राजप्रार मम श्यप्राम सकन्दर सके धलखप्राई रश्री। श्यप्राम सकन्दर सबककी रप्रानके विप्रालश्री दरखप्रास धलखतके हह। घरनप्रा कके पहलके पश्रीवड़तप्रा नके उससके कभश्री वशकप्रायत नहश्री ककी वक पप्रारर्थी नके उसके मप्रारप्रा-पश्रीरप्रा।
9. अवभयनोजन सप्राकश्री ससिंख्यप्रा 2 गप्राम पधिप्रान नके कहप्रा वक पप्रारर्थी नके स्वियसिं हश्री उसकके घर जप्राकर कबौशल कक मप्रार आयर ककी उपसस्रवत मम अपरप्राधि ककी स्विश्रीकप्रारनोवक ककी रश्री और मदद मप्रासिंगश्री रश्री वकन्तक गप्राम पधिप्रान नके उसके भगप्रा वदयप्रा रप्रा।
10. अवभयनोजन सप्राकश्री ससिंख्यप्रा 3 कके रूप मम कबौशल कक मप्रार आयर परश्रीवकत हहए धजन्हयोंनके कहप्रा वक उनकके सप्रामनके अवभयनोजन सप्राकश्री ससिंख्यप्रा 2 सके पप्रारर्थी ककी कनोई बप्रातचश्रीत नहश्री हहई रश्री।
11.
अवभयनोजन सकश्री ससिंख्यप्रा 4 रप्राजप्रारप्राम वशकप्रायतकतप्रार कके भप्राई हह धजन्हयोंनके कहप्रा वक धसफर गप्रासिंवि मम हनो रहश्री कप्रानप्राफसूसिं सश्री सके उनकनो ममृतकप्रा कनो जलप्रायके जप्रानके कके स्रप्रान कके बप्रारके मम मप्रालसूम हहआ तरप्रा घरनप्रास्रल पर जलश्री हहई लकवड़ययों कके छनोरके -छनोरके रककड़यों कके अलप्राविप्रा कनोई चश्रीज नहहीं वमलश्री। दरनोगप्रा जश्री नके जगह -जगह सके वमटश्री खकदविप्राकर पन्नश्री मम पहैक करकके वडब्बके मम रखकर सश्रील मकहर वकयप्रा रप्रा।
12. वबनप्रा ऐसश्री कनोई वरप्पणश्री वकयके हहए , जनो वविचप्रारण कके पररणप्राम कनो पभप्राववित करके , अवभयनोजन सप्रावकययों कके उपरनोक बयप्रानयों कनो दृवष्टिगत रखतके हहए, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
13. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
14. आविकेदक जगमनोहन कनो वनम्नधलधखत शतरसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दनो जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरनोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयनोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयनोजन पक कके गविप्राहयों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कनोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हनोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 8.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench