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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 132511 (ALL)

PANKAJ SAXENA v. DEPUTY DIRECTOR, DIRECTORATE OF ENFORCEMENT PMLA LUCKNOW

ABAIL/373/2025 · 2025-04-16

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:21226 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 373 of 2025 Applicant :- Pankaj Saxena Opposite Party :- Deputy Director, Directorate Of Enforcement Pmla Lucknow Counsel for Applicant :- Anil Kumar Sharma Counsel for Opposite Party :- Kuldeep Srivastava,Shiv P. Shukla Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अवनल कक मप्रार शमप्रार्मा तरप्रा पवितर्मान वनदकेशप्रालय कके वविदप्रान शश्री वशवि पकप्राश शकक्लप्रा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके (पररविप्राद ससंख्यप्रा 14 सन 2019) मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 940 सन 2018 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 3/4 पश्री.एम.एल.ए. एक्ट रप्रानप्रा इन्फकोसर्मामकेण्ट डप्रायरकेक्टरकेट धजिलप्रा मम अवग्रिम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. अवग्रिम जिमप्रानत पप्रानके हिकेतक पप्रारर्थी कप्रा यहि वदतश्रीय पप्रारर्मानप्रा -पत हिहै। परम पप्रारर्मानप्रा-पत ससंख्यप्रा 1727 सन 2022 वदनप्रासंक 18.10.2022 कके आदकेश सके यहि कहितके हिहए वनरस्त हिहआ रप्रा वक यवद पप्रारर्थी वनयवमत जिमप्रानत हिकेतक पप्रारर्मानप्रा -पत पस्तकत करके तको उसके वविधधिनकसप्रार शश्रीघ्रतप्रापपूविर्माक वनस्तप्राररत वकयप्रा जिप्राय। 4. पवितर्मान वनदकेशप्रालय वविविकेचनप्रा पपूरर्मा करकके न्यप्रायप्रालय मम पररविप्राद पस्तकत कर चककप्रा हिहै तरप्रा वविचप्रारर न्यप्रायप्रालय अपरप्राधि कप्रा ससंजप्रान लके चककप्रा हिहै। तरसकेम लप्राल बनप्राम डप्रायरकेक्टरकेट ऑफ इन्फकोसर्मामकेण्ट जिप्रालसंधिर जिकोनल ऑवफस 2024 7 SCC 61 मम मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय नके अविधिप्राररत वकयप्रा हिहै वक अपरप्राधि कप्रा ससंजप्रान लकेनके कके पश्चप्रात पवितर्मान वनदकेशप्रालय अवभयकक कको वगरफ्तप्रार नहिहीं कर सकतप्रा हिहै। 5. ऐसश्री सस्रवत मम पवितर्मान वनदकेशप्रालय दप्रारप्रा पप्रारर्थी कको वगरफ्तप्रार करनके ककी ककोई ससंभप्राविनप्रा नहिहीं बचश्री हिहै तरप्रा पप्रारर्थी कको अवग्रिम जिमप्रानत दकेनके कप्रा ककोई आधिप्रार नहिहीं बनतप्रा हिहै। 6. उपरकोक वविविकेचनप्रा कके आलकोक मम अवग्रिम जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा -पत वनरस्त वकयप्रा जिप्रातप्रा हिहै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 16.4.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench