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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 132429 (ALL)

KUMARI VANDANA@ SUGHARA v. STATE OF U.P. THRU. PRN. SECY. HOME LKO.

BAIL/2961/2025 · 2025-04-10

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:20317 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2961 of 2025 Applicant :- Kumari Vandana@ Sughara Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prn. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Ashutosh Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारररनन कके वविदप्रान अरधिविकप्रा नके पपूरक शपर पत्र पस्ततुत वकयप्रा , रजिसके अवभिलकेख पर रलयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 2. पप्रारररनन कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शन आशतुततोष शतुक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा परम शन रप्राजिनवि कमप्रार विमप्रार कतो सतुनप्रा तरप्रा पत्रप्राविलन कप्रा अविलतोकन वकयप्रा। 3. धिप्रारप्रा 483 भिप्रारतनय नप्रागररक सतुरकप्रा ससंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्ततुत इस पप्राररनप्रा-पत्र दप्रारप्रा पप्रारररनन नके मतुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 523 सन 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 105(1), 115(2), 351(3) बन०एन०एस, रप्रानप्रा-कतोतविप्रालन दकेहप्रात, रजिलप्रा-गगोंडप्रा मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 4. वदनप्रासंक 09.12.2024 कतो 17:22 बजिके पप्रारररनन, उसकके मप्रातप्रा-वपतप्रा तरप्रा बहन कके वविरुद्ध रलखप्राई गई परम सपूचनप्रा ररपतोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार पप्रारररनन कके वपतप्रा -सह-अवभियतुक गगौरन शसंकर कके सगके भिप्राई हहै , वदनप्रासंक 09.12.2024 कतो लगभिग 1:00 बजिके ससंपरत्ति वविविप्राद कके कप्रारण सभिन अवभियतुकगण नके वशकप्रायतकतप्रार ककी पत्नन कतो घर ककी चप्रार वदविप्रारन कके असंदर जिप्रान सके मप्रारनके ककी ननयत सके लप्राठन , डसंडप्रा वि ईसंरप्रा सके मप्रारप्रा -पनरप्रा। जिब वशकप्रायतकतप्रार ककी पतुत्रन रनमप्रा बनच-बचप्रावि करनके लगन ततो उसके भिन मप्रारप्रा-पनरप्रा। फतोन सके सपूचनप्रा पप्राप्त हतोनके पर आनके पर वशकप्रायतकतप्रार नके अपनन पत्नन कतो मरणप्रासन्न एविसं पतुत्रन कतो घप्रायल पप्रायप्रा। रजिलप्रा अस्पतप्राल जिप्रानके पर वशकप्रायतकतप्रार ककी पत्नन ममृत घतोवषत कर दन गई तरप्रा उसककी पतुत्रन कप्रा इलप्राजि हहआ। परम सपूचनप्रा ररपतोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक झगडप्रा बच्चगों कके वविविप्राद कतो लकेकर हहआ। 5. वशकप्रायतकतप्रार नके धिप्रारप्रा 180 बन०एन०एस०एस कके अन्तगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम परम सपूचनप्रा ररपतोरर कके करनगों कप्रा समररन वकयप्रा हहै। वशकप्रायतकतप्रार ककी 10 विषर्षीय पतुत्रन नके अपनके बयप्रान मम कहप्रा वक उसककी छतोरन बहन दप्रारप्रा पप्रारररनन ककी बहन पकेमपतप्रा कके बच्चके कप्रा रखलगौनप्रा लके रलयप्रा गयप्रा रप्रा। उसन कतो लकेकर झगडप्रा शतुरू हहआ और सभिन अवभियतुकगण ईसंर, डसंडप्रा वि बप्राबाँस कके डसंडके सके मप्रारनके लगके। 6. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम ममृतक कके मप्रारके पर दप्रावहनन तरफ 1 सके.मन X 1 सके.मन कप्रा फरप्रा हहआ घप्रावि पप्रायप्रा गयप्रा , जितो रसफर त्विचप्रा तक गहरप्रा रप्रा , ममृत्यतु कप्रा कप्रारण फके फडके तरप्रा यकमृ त ककी पतुरप्रानन बनमप्रारन कके कप्रारण उत्पन्न सकेपपरक शशॉक बतप्रायप्रा गयप्रा। 7. पप्राररनप्रा पत्र कके सप्रार पस्ततुत शपर मम कहप्रा गयप्रा वक पप्रारररनन एक 19 विषर्षीय वनदर्दोष नवि-यतुवितन हहै, रजिसकप्रा कतोई आपरप्रारधिक इवतहप्रास नहहीं हहै और विह वदनप्रासंक 10.12.2024 हहै जिकेल मम हहै। 8. एक पपूरक शपर पत्र कके मप्राध्यम सके कके स डप्रायरन कके ससंगत असंश पस्ततुत वकए गए हह, रजिसमम असंवकत हहै वक वशकप्रायतकतर्षी ककी 14 विषर्षीय पतुत्रन रनमप्रा कतो पप्राबाँच चतोरम आई, जितो सभिन सप्राधिप्रारण पकमृ वत ककी हह। 9. वविदप्रान अपर शप्रासककीय वपतप्रा नके पप्राररनप्रा पत्र कप्रा वविरतोधि करतके हहए कहप्रा ककी वविविकेचनप्रा मम आरतोपगों ककी पतुवष्टि हहई हहै और पप्रारररनन , उसककी मप्रातप्रा तरप्रा बहन कके वविरुद्ध वदनप्रासंक 4.3.2025 कतो आरतोप पत्र पस्ततुत हतो गयप्रा हहै। पप्रारररनन कके वपतप्रा कके वविरुद्ध आरतोपगों ककी पतुवष्टि नहहीं हहई हहै। 10. उपरतोक तथ्यगों कके दृवष्टिगत , जिबवक झगडप्रा बच्चगों कके बनच एक रखलगौनके कतो लकेकर पप्रारसंभि हहआ तरप्रा पनवडतप्रा एविसं अवभियतुकगण सभिन एक पररविप्रार कके सदस्य हह; ममृतकप्रा कके शरनर पर मप्रात्र एक छतोरन सन सप्रामप्रान्य पकमृ वत ककी चतोर पप्राई गई एविसं ममृत्यतु कप्रा कप्रारण सकेपपरक शशॉक बतप्रायप्रा गयप्रा हहै ; दपूसरन घप्रायल लडककी कतो भिन मप्रात्र कतु छ सप्राधिप्रारण पकमृ वत ककी चतोरके आई हह; पप्रारररनन एक 19 विषर्षीय नवि-यतुवितन हहै, रजिसकप्रा कतोई आपरप्रारधिक इवतहप्रास नहहीं हहै एविसं वविविकेचनप्रा पपूणर हतो चतुककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारररनन जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अरधिकप्राररणन हहै। 11. तदनतुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत्र स्विनकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 12. आविकेवदकप्रा कतु मप्रारन विसंदनप्रा@ सतुघरप्रा कतो वनम्नरलरखत शतर्दोसं कके अधिनन ससंबसंरधित मरजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंततुवष्टि कके अनतुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत्र और समप्रान रप्रावश ककी दतो जिमप्रानतम पस्ततुत करनके पर उपरतोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेवदकप्रा अवभियतोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहहीं करकेगन; (ii) आविकेवदकप्रा अवभियतोजिन पक कके सप्रावकयगों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगन; (iii) आविकेवदकप्रा वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतरर पर उपपस्रत हतोगन। Order Date :- 10.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench