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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 132108 (ALL)

ARIF KHAN v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/2873/2025 · 2025-04-05

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:19173 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2873 of 2025 Applicant :- Arif Khan Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Narendra Gupta Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री नरकेन्द्र गगुपप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा कगु मप्रारश्री वशखप्रा धसन्हप्रा कको सगुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सगुरकप्रा ससंवहतप्रा कके असंतगरत पस्तगुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मगुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 59 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 87, 64 बश्री०एन०एस० एविसं धिप्रारप्रा 3/4 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा लहरपगुर धजिलप्रा सश्रीतप्रापगुर मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासंक 05.02.2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक वदनप्रासंक 02.02.2025 कको वदन मम 12 बजिके पप्रारर्थी वशकप्रायतकतर्थी ककी पगुतश्री धजिसककी जिन्मवतधर 03.06.2004 हहै, कको भगप्रा लके गयप्रा। 4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक विह पप्रारर्थी कको वपछलके 4 विररसं सके जिप्रानतश्री हहै एविसं इस अविधधि मम कई बप्रार उसनके वबनप्रा पश्रीवड़ितप्रा ककी सहमवत कके शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनप्रायके। उसकके घरविप्रालधों कको इस बप्रात कप्रा पतप्रा चलनके पर विके उस डप्रासंरप्रा करतके रके। वदनप्रासंक 02.02.2025 पप्रारर्थी उसके लखनऊ घगुमप्रानके वि शप्रादश्री करनके कके धलए कह कर लके गयप्रा तरप्रा लखनऊ मम पप्रारर्थी नके पश्रीवड़ितप्रा कके सप्रार शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनप्रायके। पहैसप्रा खत्म हकोनके पर विह लकोग विप्रापस आ गयके। 5. वचकत्सककीय परश्रीकण ररपकोरर मम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर ककोई चकोर अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचह्न नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा। 6. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके मप्रात यह कहप्रा वक विह पप्रारर्थी कको वपछलके 4 सप्राल सके जिप्रानतश्री हहै। पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार बदतमश्रीजिश्री ककी तरप्रा एक सपप्राह तक अपनके सप्रार रखप्रा। 7. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तगुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदरर हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक लगप्रायके गयके आरकोप गसंभश्रीर पकक वत कके हल और वविविकेचनप्रा अभश्री पचधलत हहै। 9. उपरकोक तथ्यधों कको दृवष्टिगत रखतके हहए, जिबवक पश्रीवड़ितप्रा ककी जिन्मवतधर विरर 2004 ककी हहै और उसनके वपछलके 4 विररसं सके पप्रारर्थी कके सप्रार जिप्रान पहचप्रान हकोनके एविसं अनकेक अविसरधों पर शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनप्रायप्रा जिप्रानप्रा कहप्रा एविसं उसनके वकसश्री भश्री स्तर पर पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई वशकप्रायत नहहीं ककी; वचवकत्सककीय परश्रीकण मम बल पयकोग कप्रा ककोई वचह्न नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा और धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके मप्रात बदतमश्रीजिश्री वकयके जिप्रानके कप्रा करन वकयप्रा ; पप्रारर्थी एक नवियगुविक हहै, धजिसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 10. तद्नगुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 11. आविकेदक आररफ खप्रान कको वनम्नधलधखत शतरसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतगुवष्टि कके अनगुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तगुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहधों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench