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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 131681 (ALL)

ROHIT v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO

BAIL/2926/2025 · 2025-04-08

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:19730 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2926 of 2025 Applicant :- Rohit Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko Counsel for Applicant :- Kamlesh Kumar Gupta Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री कमलकेश कक मप्रार गकपप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अशशोक शश्रीविप्रास्तवि कशो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 0443 सन 2024 अन्तगरत धिप्रारप्रा 85, 115(2), 80(2) बश्री०एन०एस० एविसं धिप्रारप्रा 3/4 दहिकेज पवतषकेधि अधधिवनयम रप्रानप्रा ससंधिप्रानप्रा धजलप्रा सश्रीतप्रापकर मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्रासंक 22.11.2024 पप्रारर्थी तरप्रा उसकके मप्रातप्रा-वपतप्रा कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम वशकप्रायतकतप्रार नके कहिप्रा वक उसनके अपनश्री 19 विषर्थीयप्रा बहिन ककी शप्रादश्री लगभग 8 मप्राहि पसूविर पप्रारर्थी कके सप्रार ककी रश्री। अवभयककगण दहिकेज कके धलए उसके पतप्रावड़ित करतके रके तरप्रा सभश्री नके वमलकर वशकप्रायतकतप्रार ककी बहिन ककी हित्यप्रा वदनप्रासंक 21.11.2024 कशो कर दश्री। 4. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम ममृतकप्रा कके गलके कके चप्राररों ओर लरकनके कप्रा वनशप्रान पप्रायप्रा गयप्रा , धजसमम सप्राढके 7 सके.मश्री. कप्रा ररक स्रप्रान भश्री रप्रा और ममृत्यक कप्रा कप्रारण लरकनके कके कप्रारण दम घकरनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा। 5. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर -पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 23 विषर्थीय वनदर्दोष नवियकविक हिहै और उसकप्रा कशोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। 6. पप्रारर्थी ककी मप्रातप्रा उवमरलप्रा कशो जमप्रानत पप्राररनप्रा -पत ससंख्यप्रा 1221 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासंवकत 10.02.2025 दप्रारप्रा एविसं उसकके वपतप्रा भगगौतश्री कशो जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत ससंख्यप्रा 1615 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासंवकत 20.02.2025 दप्रारप्रा जमप्रानत पदप्रान ककी जप्रा चकककी हिहै। 7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरशोधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरशोपरों ककी पकवष्टि हिहई हिहै और आरशोप -पत वदनप्रासंवकत 21.12.2024 कशो पस्तकत हिशो चककप्रा हिहै। 8. उपरशोक तथ्यरों कशो दृवष्टिगत रखतके हिहए , जबवक परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम अवभयककगण दप्रारप्रा पश्रीवड़ितप्रा ककी हित्यप्रा वकयप्रा जप्रानप्रा कहिप्रा गयप्रा वकन्तक शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम चशोर कप्रा कशोई वचह्न नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा एविसं ममृत्यक लरकनके कके कप्रारण दम घकरनके सके हिशोनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा ; परम ससूचनप्रा ररपशोरर सभश्री अवभयककगण कके वविरुद्ध समप्रान आरशोप लगप्रातके हिह तरप्रा अन्य दशोनरों सहि-अवभयककरों कशो जमप्रानत वमल चकककी हिहै; पप्रारर्थी 23 विषर्थीय नवियकविक हिहै, धजसकप्रा कशोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै ; वविविकेचनप्रा पसूणर हिशो चकककी हिहै , पप्रारर्थी वदनप्रासंक 24.11.2024 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 9. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 10. आविकेदक रशोवहित कशो वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दशो जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरशोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयशोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयशोजन पक कके गविप्राहिरों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कशोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिशोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 8.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench