Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 131656 (ALL)
PRASHANT SHARMA v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME DEPTT. LKO AND ANOTHER
BAIL/2867/2025 · 2025-04-05
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 131656 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 131656 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:19147 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2867 of 2025 Applicant :- Prashant Sharma Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Deptt. Lko And Another Counsel for Applicant :- Prem Prakash Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पकेम पकप्राश धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अशशोक शश्रीविप्रास्तवि कशो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0052 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 64(1), 74, 75(2), 79, 126(2), 352, 351(3) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा जहप्राहाँगश्रीरगसिंज धजलप्रा असिंबकेडकरनगर मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 04.03.2025 कशो 13:00 धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक उसश्री वदन ससुबह 9 बजके पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतर्थी कके घर मम घसुसकर अभद्रतप्रा ककी और वविविप्राह कके धलए जशोर जबरदस्तश्री करतके हहए मप्रासिंग मम धसन्दसूर डप्राल वदयप्रा।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयसु 19 विरर हशोनप्रा बतप्रायप्रा और परम ससूचनप्रा ररपशोरर कके करननों कशो हश्री दशोहरप्रायप्रा।
5. पश्रीवड़ितप्रा नके आसिंतररक वि बप्राह्य वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसिंकप्रार कर वदयप्रा।
6. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके उसकके गसुपप्रासिंग मम उसिंगलश्री डप्रालकर गलत कप्राम करनके कप्रा आरशोप लगप्रायप्रा।
7. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तसुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 20 विरर्थीय वनदर्दोर नवियसुविक हहै और उसकप्रा कशोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरशोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरशोपनों ककी पसुवष्टि हहई हहै तरप्रा आरशोप-पत वदनप्रासिंक 21.03.2025 कशो पस्तसुत वकयप्रा जप्रा चसुकप्रा हहै।
9. उपरशोक तथ्यनों कशो दृवष्टिगत रखतके हहए, जबवक वशकप्रायतकतर्थी नके अपनके पप्रारसिंवभक करननों मम मप्रात अभद्रतप्रा करनके एविसिं मप्रासिंग मम धससिंदसूर डप्रालनके कप्रा करन वकयप्रा , उसनके वचवकत्सककीय परश्रीकण सके इसिंकप्रार वकयप्रा तरप्रा इसकके बप्राद वदयके गयके अपनके बयप्रान मम गलत कप्राम करनके कप्रा आरशोप लगप्रायप्रा; पश्रीवड़ितप्रा ककी आयसु 19 विरर हहै और पप्रारर्थी ककी आयसु 20 विरर हहै; पप्रारर्थी कप्रा कशोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै; वविविकेचनप्रा पसूणर हशो चसुककी हहै, पप्रारर्थी वदनप्रासिंक 06.03.2025 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
10. तद्नसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
11.
आविकेदक पशप्रासिंत शमप्रार कशो वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दशो जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरशोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयशोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयशोजन पक कके गविप्राहनों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कशोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हशोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench