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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 131599 (ALL)

BABLU @ AMAR LAL v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. HOME LKO.

BAIL/2790/2025 · 2025-04-05

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:19108 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2790 of 2025 Applicant :- Bablu @ Amar Lal Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Home Lko. Counsel for Applicant :- Vivek Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविविकेक कक मप्रार शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अअंशकमप्रान विमप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा सअंवहितप्रा कके अअंतगर्मात पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा 0243 सन 2024 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 105 बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा मकोतश्रीगअंज धजलप्रा गकोण्डप्रा मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्राअंक 09.10.2024 कको पप्रारर्थी सवहित 3 व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वशकप्रायतकतर्थी कप्रा 25 विरर्थीय पकत वदनप्राअंक 05.10.2024 कको 2 बजके वदन मम कहिहीं चलप्रा गयप्रा रप्रा, धजसकके सअंबअंधि मम वदनप्राअंक 07.10.2024 कको गकमशकदगश्री ककी ससूचनप्रा पकधलस कको दश्री गयश्री रश्री। वदनप्राअंक 08.10.2024 कको वशकप्रायतकतर्थी कके पकत कप्रा शवि नदश्री मम वमलप्रा। बप्राद मम वशकप्रायकतर्थी कको जप्रात हिहआ वक अवभयककगण नके उसकके पकत कके सप्रार शरप्राब पश्रीकर , उसकको मप्रारपश्रीरकर अधिमरश्री हिप्रालत मम मरनके कके उदकेश्य सके नदश्री मम फम क वदयप्रा धजससके उसककी ममृत्यक हिको गयश्री। 4. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा कके अनकसप्रार ममृत्यक डसूबनके कके कप्रारण हिकोनप्रा पप्रायप्रा गयप्रा वकन्तक शवि पर चकोर कके भश्री कक छ वचह्न पप्रायके गयके। कक छ स्वितअंत सप्रावकययों नके कहिप्रा वक एक लप्राकके र कके सअंबअंधि मम ममृतक तरप्रा अवभयककगण मम विप्राद वविविप्राद हिको रहिप्रा रप्रा धजस ददौरप्रान धिक्कप्रा लगनके सके उस व्यवक ककी नदश्री मम वगरकर ममृत्यक हिको गयश्री। 5. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हिहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। एक पसूरक शपर -पत कके मप्राध्यम सके 11 अन्य आपरप्राधधिक पकरणयों मम पप्रारर्थी ककी सअंधलप्ततप्रा दशप्रार्मायश्री गयश्री हिहै , धजन सभश्री मम पप्रारर्थी कको जमप्रानत वमल चकककी हिहै। 6. एक अन्य नप्रावमत अवभयकक सकनश्रील पप्राण्डकेय कको आपरप्राधधिक अपश्रील सअंख्यप्रा 66 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्राअंवकत 19.02.2025 दप्रारप्रा जमप्रानत पर ररहिप्रा करनके कप्रा आदकेश वकयप्रा जप्रा चककप्रा हिहै। 7. उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिगत रखतके हिहए , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी भश्री समप्रानतप्रा कके आधिप्रार पर जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 8. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 9. आविकेदक बब्लसू उफर्मा अमर लप्राल कको वनम्नधलधखत शतर्दोअं कके अधिश्रीन सअंबअंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी सअंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बअंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहियों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench