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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 131563 (ALL)
PAWAN KUMAR GODIYA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO
BAIL/2774/2025 · 2025-04-05
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 131563 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:19018 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2774 of 2025 Applicant :- Pawan Kumar Godiya Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko Counsel for Applicant :- Pradeep Kumar Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पदश्रीप कक मप्रार वमशप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रप्राजश्रीवि कक मप्रार विमप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 0446 सन 2024 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 70(1), 352, 137(2), 127(2), 351(2) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा ककोतविप्रालश्री नगर धजलप्रा सश्रीतप्रापकर मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रासंक 16.12.2024 कको पप्रारर्थी सवहित 4 व्यवकययों कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 173(4) भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात वदयके गयके पप्रारर्मानप्रा-पत कके आधिप्रार पर धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक उसकप्रा वविविप्राहि विरर्मा 2011 मम सहि- अवभयकक बहिकोरश्री कके सप्रार हिहआ रप्रा। आपसश्री मनमकरप्रावि कके कप्रारण दकोनयों पक 8 विरर्मा सके अलग रहि रहिके हिह तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी नके अपनके पवत कके वविरुद्ध एक मककदमप्रा भश्री कर रखप्रा हिहै। वशकप्रायतकतर्थी कप्रा पवत मककदमप्रा विप्रापसश्री कके धलए दबप्रावि बनप्रातप्रा रहिप्रा हिहै। वदनप्रासंक 12.08.2024 कको जब वशकप्रायतकतर्थी मककदम ककी पकेशश्री लकेकर जप्रा रहिश्री रश्री तको सभश्री अवभयककगण नके उसकको घकेरकर डरप्रायप्रा धिमकप्रायप्रा तरप्रा सकनसप्रान जसंगल मम लके जप्राकर सभश्री अवभयककगण नके उसकके सप्रार बलप्रात्कप्रार वकयप्रा।
4. वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान असंवकत अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा कके करनयों कप्रा समरर्मान वकयप्रा वकन्तक वविविकेचक दप्रारप्रा पसूछके गयके पश्नयों कके उत्तर मम उसनके कहिप्रा वक उसककी आयक 30 विरर्मा हिहै, उसकके वविरुद्ध उसकके पवत - सहि-अवभयकक बहिकोरश्री नके ककोई
मककदमप्रा नहिहीं धलखविप्रायप्रा हिहै, अपहिरण वकयके जप्रानके पर उसनके वचलप्रानके ककी ककोई ककोवशश नहिहीं ककी और न तको 112 नसंबर पर फकोन वकयप्रा और न हिश्री हिकेल्प डकेस्क पर पप्रारर्मानप्रा-पत वदयप्रा।
5. वचकत्सककीय परश्रीकण ररपकोरर्मा मम वशकप्रायतकतर्थी कके शरश्रीर पर ककोई चकोर अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचह्न नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा।
6. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वशकप्रायतकतर्थी कके पवत सहि-अवभयकक बहिकोरश्री पप्रारर्थी कके यहिप्राहाँ कप्राम करतप्रा हिहै और इस कप्रारण सके उसके झसूठप्रा फसं सप्रायप्रा गयप्रा हिहै।
7. एक पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके 1 अन्य पकरण मम पप्रारर्थी ककी ससंधलप्ततप्रा दशप्रार्मायश्री गयश्री हिहै, धजसमम वविचप्रारण कके उपरप्रान्त पप्रारर्थी दकोरमकक हिको चककप्रा हिहै।
8.
उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिगत रखतके हिहए , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
9. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै।
10. आविकेदक पविन कक मप्रार गकोवडयप्रा कको वनम्नधलधखत शतरसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहियों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench