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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 131303 (ALL)

KANDHAI LAL YADAV v. STATE OF U.P. THRU. THE PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME LKO.

BAIL/2717/2025 · 2025-04-04

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:18783 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2717 of 2025 Applicant :- Kandhai Lal Yadav Opposite Party :- State Of U.P. Thru. The Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. Counsel for Applicant :- Arvind Kumar Tiwari,Prashant Tiwari Counsel for Opposite Party :- G.A.,Gyanendra Pathak Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अरवविविंद कक मप्रार वतिविप्रारश्री , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कक मप्रार वत्रिपप्राठश्री तिरप्रा वशकप्रायतिकतिप्रार्ता कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री जप्राननद पप्राठक कलो सकनप्रा तिरप्रा पत्रिप्राविलश्री कप्रा अविललोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 439 दविं०प०सविं०/483 भप्रारतिश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा सविंवहितिप्रा (B.N.S.S.) मन पस्तिकति इस पप्रारर्तानप्रा-पत्रि दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सविंख्यप्रा 277 सनन् 2024, अन्तिगर्ताति धिप्रारप्रा 302 बश्री०एन०एस०, रप्रानप्रा-हिहजजूरपकर, वज़िलप्रा-बहिरप्राइच मन जमप्रानति ककी पप्रारर्तानप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्राविंक 22.06.2024 कलो पप्रारर्थी, उसकके पकत्रि मकलप्रायम धसविंहि यप्रादवि तिरप्रा दलो अन्य व्यवकययों मनलोज कक मप्रार वि अवनल कक मप्रार कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 156(3) दविं०प०सविं० कके अन्तिगर्ताति पस्तिकति पप्रारर्तानप्रा पत्रि कके आधिप्रार पर धलखप्राई गई परम सजूचनप्रा ररपलोरर्ता मन कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वशकप्रायतिकतिप्रार्ता पप्रापाँच सगके भप्राई रके, धजनमन सके एक पप्रारर्थी भश्री हिहै। वशकप्रायतिकतिप्रार्ता कके सबसके बडके भप्राई भगलोलके कप्रा वविविप्राहि नहिहीं हिहआ रप्रा। वदनप्राविंक 22.02.2024 कलो पप्रारर्थी अपनके पकत्रि कके सप्रार भगलोलके कलो मलोररसप्राइवकल पर बहैठप्राकर वदन मन दलो बजके कहिहीं लके गयप्रा और सप्राविंय 5 बजके ममृति अविस्रप्रा मन विप्रापस लप्राकर दप्राहि सविंस्कप्रार कर वदयप्रा। ममृतिक कके वहिस्सके मन 8 बश्रीघप्रा जमश्रीन एविविं मकप्रान रप्रा, धजसककी विसश्रीयति वदनप्राविंक 22.02.2024 कलो सप्राविंय 4 बजके पप्रारर्थी नके अपनके पकत्रि मकलप्रायम धसविंहि यप्रादवि कके नप्राम करप्रा वदयप्रा एविविं अन्य दलो नप्रावमति अवभयककगण विसश्रीयति कके वनष्पप्रादन कके गविप्राहि रके। 4. पप्रारर्तानप्रा पत्रि कके सप्रार पस्तिकति शपर पत्रि मन कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हिहै। एक पजूरक शपर पत्रि कके मप्राध्यम सके तिश्रीन अन्य आपरप्राधधिक पकरणयों मन पप्रारर्थी ककी सविंधलप्ततिप्रा दशप्रार्ताई गई हिहै, धजन सभश्री मन उसकलो जमप्रानति पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा आदकेश हिलो चककप्रा हिहै। वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान वशकप्रायतिकतिप्रार्ता नके परम सजूचनप्रा ररपलोरर्ता कके करनयों कप्रा समरर्तान वकयप्रा। वविविकेचक नके वशकप्रायतिकतिप्रार्ता सके पजूछप्रा वक उसनके अपनके भप्राई ककी ममृत्यक हिलोनके पर तित्कप्राल पकधलस कलो सजूचनप्रा क्ययों नहिहीं दश्री , जबवक उसके शक रप्रा वक अवभयककगण नके उसकके भप्राई ककी हित्यप्रा वकयप्रा, धजस पर वविविकेचक नके कहिप्रा वक बहिन तिरप्रा गप्रापाँवि कके ललोगयों दप्रारप्रा मनप्रा कर दकेनके कके कप्रारण पकधलस कलो सजूचनप्रा नहिहीं दश्री एविविं पलोस्रमप्रारर्ताम (पश्री.एम.) नहिहीं करप्रायप्रा। पप्रारर्थी नके यहि भश्री कहिप्रा वक दप्राहि-सविंस्कप्रार वि वक्रियप्रा-कमर्ता मन ममृतिक कके सभश्री भप्राई मदौजजूद रके। कधरति विसश्रीयति ककी पवति वशकप्रायतिकतिप्रार्ता वविविकेचक कलो उपलब्धि नहिहीं करप्रा पप्राए। कक छ अन्य व्यवकययों नके वविविकेचक कलो शपर पत्रि दकेकर यहि कहिप्रा वक ममृतिक तिपकेवदक (कयरलोग) और लकविप्रा रलोग सके ग्रस्ति रप्रा और बश्रीमप्रारश्री कके कप्रारण उसककी ममृत्यक हिहई। सभश्री नके कहिप्रा वक ममृतिक ककी ममृत्यक स्विप्राभप्रावविक रूप सके हिहई हिहै तिरप्रा वकसश्री कके दप्रारप्रा हित्यप्रा नहिहीं ककी गई हिहै। 5. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्तानप्रा पत्रि कप्रा वविरलोधि करतिके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा मन पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरलोपयों ककी पकवष्टि हिहई हिहै और वदनप्राविंक 17.03.2025 कलो आरलोप पत्रि पस्तिकति वकयप्रा जप्रा चककप्रा हिहै। वशकप्रायतिकतिप्रार्ता कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके भश्री पप्रारर्तानप्रा पत्रि कप्रा वविरलोधि वकयप्रा। 6. उपरलोक तिथ्ययों कके दृवष्टिगति , जबवक वशकप्रायतिकतिप्रार्ता पप्रारर्थी कप्रा सगप्रा भप्राई हिहै ; वशकप्रायतिकतिप्रार्ता कके एक अन्य भप्राई ककी ममृत्यक वदनप्राविंक 22.02.2024 कलो हिहई तिरप्रा अविंवतिम सविंस्कप्रार मन स्विश्रीकमृ ति रूप सके वशकप्रायतिकतिप्रार्ता नहिहीं समममधलति हिहआ तिरप्रा उसनके पकधलस कलो कलोई सजूचनप्रा नहिहीं दश्री। इसकके बप्राद भश्री परम सजूचनप्रा ररपलोरर्ता 156(3) द०प०सविं० कके अन्तिगर्ताति वदए गए पप्रारर्तानप्रा पत्रि कके आधिप्रार पर वदनप्राविंक 22.06.2024 कलो अविंवकति हिहई; स्वितिविंत्रि सप्रावकययों नके कहिप्रा वक ममृतिक ककी ममृत्यक बश्रीमप्रारश्री सके हिहई हिहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मति हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानति पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिह। 7. तिदनकसप्रार, जमप्रानति पप्रारर्तानप्रा-पत्रि स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातिप्रा हिहै। 8. आविकेदक कविं धिई लप्राल यप्रादवि कलो वनमनधलधखति शतिर्दोविं कके अधिश्रीन सविंबविंधधिति मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी सविंतिकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगति बविंधिपत्रि और समप्रान रप्रावश ककी दलो जमप्रानतिन पस्तिकति करनके पर उपरलोक मप्रामलके मन जमप्रानति पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयलोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयलोजन पक कके सप्रावकययों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयति ककी गई पत्यकेक वतिधर पर उपमस्रति हिलोगप्रा। Order Date :- 4.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench