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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 131286 (ALL)
ROHIT v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/2866/2025 · 2025-04-05
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 131286 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:19125 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2866 of 2025 Applicant :- Rohit Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Santi,Mohd Javed Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ममो० जप्राविकेद ककी तरफ सके उपससरत वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ररजविप्राननुल हसन तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अननंत पतप्राप धसनंह कमो सनुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सनुरकप्रा सनंवहतप्रा कके अनंतगरत पसतनुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मनुकदमप्रा अपरप्राधि सनंख्यप्रा 129 सन 2024 अन्तगरत धिप्रारप्रा 363, 366, 376, 506 भप्रा०दनं०सनं० एविनं धिप्रारप्रा 3/4 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा सनंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा मछरकेहटप्रा धजलप्रा सश्रीतप्रापनुर मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रानंक 06.04.2024 कमो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपमोटर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक वदनप्रानंक 31.03.2024 कमो पप्रारर्थी वशकप्रायतकतर्थी ककी पनुतश्री कमो पप्रारर्थी बहलप्रा -फनु सलप्राकर भगप्रा लके गयप्रा।
4. धिप्रारप्रा 161 दनं०प०सनं० कके अनंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयनु 16 विरर 9 मप्राह हमोनप्रा बतप्रायप्रा तरप्रा उसनके कहप्रा वक पप्रारर्थी उसके बहलप्रा फनु सलप्राकर भगप्रा लके गयप्रा तरप्रा गप्रानंवि कके पप्रास ससरत टसूबकेल पर रमोककर उसकके सप्रार 2 बप्रार गलत कप्राम वकयप्रा। उसकके रमोनके वचलप्रानके पर उसके गहैस एजमसश्री कके पप्रास आम ककी बप्राग मम करश्रीब 2 बजके छमोड़िकर भप्राग गयप्रा। कनु छ व्यवक पश्रीवड़ितप्रा कमो विहप्राहाँ वमलके तरप्रा उसककी मप्राहाँ कमो फमोन करकके विहप्राहाँ बनुलप्रायप्रा।
5. वचकत्सककीय परश्रीकण कके समय पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी दप्रारप्रा बप्राग कके अनंदर झमोपड़िश्री मम उसकके सप्रार 2 बप्रार गलत कप्राम करनके कप्रा आरमोप लगप्रायप्रा तरप्रा यह कहप्रा वक उसकके बप्राद विहप्राहाँ सके सनुबह पप्रारर्थी उसके अपनश्री दश्रीदश्री कके घर लके गयप्रा और अगलश्री रप्रात उसके विप्रापस बप्राग मम छमोड़िकर चलप्रा गयप्रा।
6. वचवकत्सककीय परश्रीकण आख्यप्रा मम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर कमोई चमोट अरविप्रा बल पयमोग कप्रा कमोई वचह्न नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा। पहैरप्राललॉजश्री परश्रीकण मम भश्री विश्रीयर ककी उपससरवत नहहीं पप्रायश्री गयश्री।
7. धिप्रारप्रा 164 दनं०प०सनं० कके अनंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके बप्राग मम
शशौच करकके लशौटतके समय पप्रारर्थी दप्रारप्रा जबरदसतश्री पकड़िकर रुमप्राल सके मनुहाँह बप्रानंधिकर अपनके टहैम्पधों पर लके जप्रानप्रा तरप्रा बलप्रात्कप्रार करनप्रा कहप्रा तरप्रा यह भश्री कहप्रा वक उसकके तनुरन्त बप्राद पप्रारर्थी उसके छमोड़िकर चलप्रा गयप्रा।
8. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पसतनुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हहै और उसकप्रा कमोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
9.
वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरमोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरमोपधों ककी पनुवष्टि हहई हहै। आरमोप पत पसतनुत वकयप्रा जप्रा चनुकप्रा हहै।
10. उपरमोक तथ्यधों कमो दृवष्टिगत रखतके हहए, जबवक घटनप्रा वदनप्रानंक 31.03.2024 ककी हहै, पश्रीवड़ितप्रा नके अगलके हश्री वदन विप्रापस आ जप्रानके कप्रा करन नहहीं हहै और परम ससूचनप्रा ररपमोटर वदनप्रानंक 06.04.2024 कमो धलखप्राई गई धजसमम पश्रीवड़ितप्रा कके विप्रापस आनके कप्रा कमोई करन नहहीं हहै; धिप्रारप्रा 161 दनं०प०सनं० कके अनंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके घटनप्रा सरल टसूबबकेल बतप्रायप्रा, वचवकत्सक कके समक पश्रीवड़ितप्रा नके घटनप्रा सरल कमो एक झमोपड़िश्री बतप्रायप्रा तरप्रा धिप्रारप्रा 164 दनं०प०सनं० कके अतनंगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके घटनप्रा कमो टहैम्पमो मम हमोनप्रा बतप्रायप्रा; वचवकत्सककीय परश्रीकण आख्यप्रा सके बलप्रात्कप्रार कके करनधों ककी पनुवष्टि नहहीं हमोतश्री हहै ; वविविकेचनप्रा पसूणर हमो चनुककी हहै ; पप्रारर्थी कप्रा कमोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै; पप्रारर्थी वदनप्रानंक 06.12.2024 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
11. तद्ननुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत सविश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
12. आविकेदक कमो वनम्नधलधखत शतर्दोनं कके अधिश्रीन सनंबनंधधित मधजसटटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सनंतनुवष्टि कके अननुसप्रार एक व्यवकगत बनंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दमो जमप्रानतम पसतनुत करनके पर उपरमोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयमोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयमोजन पक कके गविप्राहधों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक टटप्रायल कमोटर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपससरत हमोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.4.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench