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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 131269 (ALL)

SONU GIRI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/2779/2025 · 2025-04-05

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:19061 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2779 of 2025 Applicant :- Sonu Giri Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Satish Kumar,Amit Bhardwaj Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अवमित भप्रारदप्राज तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अरवविन्द कक मिप्रार पप्राण्डकेय कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मिककदमिप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 0213 सन 2020 अन्तगरत धिप्रारप्रा 376AB भप्रा०दसं०ससं० वि धिप्रारप्रा 6 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससंरकण अधधिवनयमि रप्रानप्रा वविभभूवत खण्ड धजलप्रा लखनऊ मिम जमिप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्रासंक 25.04.2020 कको धलखप्राई गई परमि सभूचनप्रा ररपकोरर मिम वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक पप्रारर्थी नके उसकके घर मिम उसककी 8 विरर्थीय पकतश्री ककी चडश्री सरकप्रानके कप्रा पयप्रास वकयप्रा और बकेरश्री कके वचलप्रानके पर छकोड़ वदयप्रा। 4. धिप्रारप्रा 161 दसं०प०ससं० कके असंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मिम पश्रीवड़तप्रा नके कहिप्रा वक पप्रारर्थी उसककी चडश्री उतप्रार रहिप्रा रप्रा और उसनके चडश्री उपर कर लश्री और घर सके वनकलनके कको कहिप्रा। 5. वशकप्रायतकतर्थी नके पश्रीवड़तप्रा कप्रा मिकेवडकल परश्रीकण करप्रानके सके इसंकप्रार कर वदयप्रा। 6. इसकके उपरप्रान्त धिप्रारप्रा 164 दसं०प०ससं० कके असंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मिके पश्रीवड़तप्रा नके बलप्रात्कप्रार कप्रा आरकोप लगप्रायप्रा। 7. इसकके उपरप्रान्त पश्रीवड़तप्रा कप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण पकननः हिहआ , धजसमिम यकोवनच्छद वबनप्रा फरप्रा ( ) hymen intact पप्रायप्रा गयप्रा तरप्रा पश्रीवड़तप्रा कके शरश्रीर पर बल पयकोग कप्रा ककोई वचह्न नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा। पहैरप्राललॉजश्री जप्रासंच ररपकोरर मिम भश्री ककोई ऐसप्रा तथ्य पकप्राश मिम नहिहीं आयप्रा जको, बलप्रात्कप्रार कके आरकोपधों ककी पकवष्टि करके। 8. वशकप्रायतकतर्थी नके इसकके बप्राद अपनके अवतररक बयप्रान मिम कहिप्रा वक उसककी पकतश्री कके सप्रार पप्रारर्थी नके धसफर छकेड़छप्राड़ ककी रश्री तरप्रा उसककी पकतश्री नके गलत बयप्रान दके वदयप्रा हिहै, धजस पर वविश्विप्रास न वकयप्रा जप्राय। उसनके यहि भश्री कहिप्रा वक उसककी पकतश्री वदमिप्रागश्री ततौर पर रकोड़श्री कमिजकोर हिहै। 9. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मिम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 20 विरर्थीय वनदर्दोर नवियकविक हिहै, धजसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। पप्राररनप्रा- पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत कके पस्तर 15 मिम 2 अन्य आपरप्राधधिक पकरणधों मिम पप्रारर्थी ककी ससंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री गयश्री हिहै , धजन दकोनधों पकरणधों मिम उसकको जमिप्रानत वमिल चकककी हिहै। 10. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरकोधि करतके हिहए वविविकेचनप्रा मिम आरकोपधों ककी पकवष्टि हिहई हिहै और आरकोप-पत वदनप्रासंक 12.03.2024 कको पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हिहै। आरकोप पत कके अनकसप्रार पप्रारर्थी ककी आयक 16 विररहिहै तरप्रा पप्रारर्थी बप्राल अपचप्रारश्री हिहै। 11. उपरकोक तथ्यधों कको दृवष्टिगत रखतके हिहए, जबवक वशकप्रायतकतर्थी तरप्रा पश्रीवड़तप्रा नके पप्रारसंभ मिम बलप्रात्कप्रार कप्रा ककोई आरकोप नहिहीं लगप्रायप्रा रप्रा, यहि आरकोप बप्राद मिम लगप्रायप्रा गयप्रा वकन्तक इसककी पकवष्टि वचवकत्सककीय परश्रीकण आख्यप्रा मिम नहिहीं हिहई हिहै एविसं वशकप्रायतकतर्थी नके उसकके बप्राद स्वियसं हिश्री यहि आरकोप विप्रापस भश्री लके धलयप्रा ; वविविकेचनप्रा मिम पप्रारर्थी कको एक बप्राल अपचप्रारश्री पप्रायप्रा गयप्रा हिहै और वविविकेचनप्रा पभूणर हिको चकककी हिहै ; पप्रारर्थी वदनप्रासंक 03.08.2023 सके कप्रारप्रागप्रार मिम वनरुद्ध हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मित हिहै वक पप्रारर्थी जमिप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 12. तद्नकसप्रार, जमिप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 13. आविकेदक सकोनभू वगरश्री कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मिधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समिप्रान रप्रावश ककी दको जमिप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मिप्रामिलके मिम जमिप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहिधों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench