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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 131192 (ALL)

ANUPAM VERMA @ AMPOO v. THE STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME AND 4 OTHERS

BAIL/2772/2025 · 2025-04-03

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:18639 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2772 of 2025 Applicant :- Anupam Verma @ Ampoo Opposite Party :- The State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home And 4 Others Counsel for Applicant :- Anil Singh,Aayush Dwivedi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अवनल धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अशशोक शश्रीविप्रास्तवि कशो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0082 सन 2024 अन्तगरत धिप्रारप्रा 137(2), 87, 64(2)( ), 65(1) h बश्री०एन०एस० वि धिप्रारप्रा 5/6 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससिंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा हसनगसिंज धजलप्रा लखनऊ मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासिंक 09.07.2024 धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वशकप्रायतकतर्थी ककी 15 विरर्थीय पसुतश्री कशो भगप्रा लके गयप्रा तरप्रा उसककी पसुतश्री अपनके सप्रार रुपयके 10,000/- नकद, कसु छ गहनम एविसिं एक मशोबप्राइल भश्री लके गयश्री। 4. पश्रीवड़ितप्रा नके धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस० कके असिंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मम कहप्रा वक विह लगभग 4 विरर सके पप्रारर्थी सके प्यप्रार करतश्री हहै, उससके वमलतश्री रहश्री और उसकके सप्रार घसूमनके जप्रातश्री रहश्री हहै। वदनप्रासिंक 05.07.2024 कशो विह अपनश्री मजर्थी सके पप्रारर्थी कके सप्रार गयश्री और उसकके सप्रार शप्रादश्री कर लश्री। 5. वशकप्रायतकतर्थी नके स्वियसिं हश्री पश्रीवड़ितप्रा कप्रा बप्राह्य एविसिं आसिंतररक वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसिंकप्रार कर वदयप्रा। 6. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मम भश्री पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध कशोई आककेप नहहीं लगप्रायप्रा। 7. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तसुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 22 विरर्थीय वनदर्दोर नवियसुविक हहै तरप्रा उसकप्रा कशोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरशोधि करतके हहए कहप्रा वक आरशोप-पत वदनप्रासिंक 01.12.2024 कशो न्यप्रायप्रालय भकेजप्रा जप्रा चसुकप्रा हहै। 9. उपरशोक तथ्यधों कशो दृवष्टिगत रखतके हहए, वविशकेरकर पश्रीवड़ितप्रा कके करनधों कशो ध्यप्रान मम रखतके हहए, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 10. तद्नसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 11. आविकेदक अनसुपम विमप्रार कशो वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दशो जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरशोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयशोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयशोजन पक कके गविप्राहधों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कशोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हशोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 3.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench