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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 130945 (ALL)
JITENDRA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.
BAIL/2676/2025 · 2025-04-01
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 130945 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:18187 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2676 of 2025 Applicant :- Jitendra Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. Counsel for Applicant :- Rajendra Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रप्राजकेन्द्र धससिंह , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अशशोक शश्रीविप्रास्तवि कशो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलशोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0268 सनन् 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 191(2), 103(1), 115(2), 352, 351(3) भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससिंवहतप्रा, रप्रानप्रा-आसश्रीविन, धजलप्रा-उनप्रावि मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 22.09.2024 कशो दशो नप्रावमत अवभयसुकगण, धजनमम पप्रारर्थी समममधलत नहहीं हहै, कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम कहप्रा गयप्रा वक पसूविर मम दजर करप्रायके गयके अवभयशोग मम जबरन ससुलह-समझझौतप्रा करनके कप्रा दबप्रावि बनप्रानके तरप्रा समझझौतप्रा करनके सके मनप्रा करनके पर नप्रारप्राज हशोकर अवभयसुकगण नके वदनप्रासिंक 21.09.2024 कशो रप्रात 10 बजके वशकप्रायतकतप्रार कके वपतप्रा कशो गप्राधलयप्रायाँ दश्री, लप्राठश्री-डण्डके एविसिं लप्रात-घसूससों सके मप्रारप्रा धजससके उनकके शरश्रीर मम कप्राफकी चशोरम आयश्री और उनकप्रा इलप्राज सप्रामसुदप्रावयक स्विप्रास्थ्य कके न्द्र मम चल रहप्रा रप्रा।
4. वशकप्रायतकतप्रार नके धिप्रारप्रा 180 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत वदयके गयके बयप्रान मम परम ससूचनप्रा ररपशोरर कके करनसों कप्रा समररन वकयप्रा वकन्तसु पश्रीवड़ित व्यवक नके अपनके बयप्रान मम कहप्रा वक जब विह अपनके सससुरप्राल सके पहैदल घर जप्रा रहप्रा रप्रा तशो रप्रास्तके मम अवभयसुकगण शरप्राब कके नशके मम आए और गप्रालश्री -गलझौज करतके हहए उससके मप्रारपश्रीर करनके लगके और उसके धिक्कप्रा दके वदयप्रा, धजससके विह ससूखश्री नहर मम वगर गयप्रा और उसके बहहत जगह असिंदरूनश्री चशोरम आयश्री। पश्रीवड़ित कशो बप्राद मम इलप्राज कके धलए कप्रानपसुर रकेफर वकयप्रा गयप्रा जहप्रायाँ इलप्राज कके दझौरप्रान वदनप्रासिंक 28.09.2024 कशो उसककी ममृत्यसु हशो गयश्री।
5. ममृत्यसु पश्चप्रात परश्रीकण ररपशोरर मम पप्रारर्थी कके शरश्रीर पर कशोई भश्री ममृत्यसु पसूविर चशोर कप्रा आनप्रा नहहीं बतप्रायप्रा गयप्रा तरप्रा ममृत्यसु कप्रा कप्रारण मकेरुदण्ड मम चशोर कके कप्रारण हहआ आघप्रात एविसिं जवरलतप्राएयाँ बतप्रायश्री गयश्री।
6. वशकप्रायतकतप्रार कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा-पत कप्रा घशोर वविरशोधि करतके हहए कहप्रा वक पप्रारर्थी पसूविर कके मसुकदमम मम ससुलह कप्रा दबप्रावि बनप्रानके तरप्रा ससुलह सके इसिंकप्रार करनके कके धलए वकयप्रा गयप्रा तरप्रा अपरप्राधि कप्रा कप्रारण अत्यन्त गसिंभश्रीर हहै।
7.
सह-अवभयसुक दकेविकेन्द्र कसु मप्रार उफर दकेविप्रानसिंद एविसिं अवमत कशो जमप्रानत पप्राररनप्रा पत ससिंख्यप्रा 2327 सनन् 2025 एविसिं 2258 सनन् 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 19.03.2025 एविसिं 20.03.2025 मम कमृ मशशः इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमप्रानत वमल चसुककी हहै।
8. उपरशोक तथ्यसों कशो दृवष्टिगत रखतके हहए, जबवक पश्रीवड़ित व्यवक नके मप्रात शरप्राब कके नशके मम गप्रालश्री-गलझौज, मप्रारपश्रीर करनके एविसिं धिक्कप्रा दकेनके कप्रा करन वकयप्रा; पश्रीवड़ित ककी ममृत्यसु इलप्राज कके दझौरप्रान लगभग एक सपप्राह कके बप्राद हहई तरप्रा पश्रीवड़ित कके शरश्रीर पर कशोई भश्री जप्रावहरप्रा चशोर नहहीं पप्रायश्री गयश्री एविसिं ममृत्यसु कप्रा कप्रारण मकेरूदण्ड मम चशोर कके कप्रारण हहई जवरलतप्राओसिं कशो बतप्रायप्रा गयप्रा ; दशो सह -अवभयसुकसों कशो जमप्रानत वमल चसुककी हहै तरप्रा पप्रारर्थी वदनप्रासिंक 10.10.2024 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
9. तदनसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
10. आविकेदक धजतमद्र कशो वनमनधलधखत शतरसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दशो जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरशोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयशोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयशोजन पक कके सप्रावकयसों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपमस्रत हशोगप्रा। Order Date :- 1.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench